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मजबूत खपत और सर्विसेज के दम पर ADB ने बढ़ाया भारत का ग्रोथ अनुमान

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एशियाई विकास बैंक ने कहा- मजबूत घरेलू मांग, बेहतर मैन्युफैक्चरिंग और सेवाओं के कारण अर्थव्यवस्था ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया; FY27 का अनुमान 6.5% पर बरकरार

Last Updated- December 10, 2025 | 4:24 PM IST
Asian Development Bank (ADB)

एशियाई विकास बैंक (ADB) ने बुधवार को भारत की आर्थिक वृद्धि के अनुमान में तेज बढ़ोतरी की है। अब ADB को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 (FY26) में भारत की अर्थव्यवस्था 7.2% की दर से बढ़ेगी, जो पहले 6.5% आंकी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, हाल में की गई टैक्स कटौती ने घरेलू खपत को मजबूत किया है, जिसके कारण वृद्धि के आंकड़ों में यह बड़ा बदलाव देखने को मिला है।

ADB का कहना है कि भारत की इस तेज वृद्धि से एशिया की विकास दर भी तेज होगी। अब एशिया के लिए 2025 की ग्रोथ का अनुमान 5.1% कर दिया गया है, जो पहले 4.8% था।

भारत की अर्थव्यवस्था में मजबूती

ADB की Asian Development Outlook (December 2025) रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की 2025 की अनुमानित वृद्धि दर को 7.2% इसलिए किया गया क्योंकि दूसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। सितंबर तक खत्म हुई तिमाही में भारत का GDP 8.2% बढ़ा, जो छह तिमाहियों में सबसे अधिक है। पहली तिमाही में यह वृद्धि 7.8% थी। इस तरह, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में भारत ने 8% की मजबूत वृद्धि हासिल की।

ADB ने कहा कि यह मजबूती विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और सेवा क्षेत्र के तेज विस्तार की वजह से आई है। मांग की तरफ से भी खपत और निवेश में बढ़ोतरी ने अर्थव्यवस्था को सहारा दिया है।

FY27 का अनुमान बरकरार

ADB ने FY27 के लिए वृद्धि दर का अनुमान पहले की तरह 6.5% रखा है। बैंक ने कहा कि तीसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन के बाद भारत की FY26 ग्रोथ को 0.7 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 7.2% किया गया है, और इसका मुख्य कारण घरेलू खपत में बढ़त है, जिसे हाल के टैक्स कट ने गति दी है।

रिजर्व बैंक (RBI) ने भी इस महीने अपने अनुमान को बढ़ाते हुए चालू वित्त वर्ष की GDP वृद्धि को 7.3% कर दिया था। लेकिन RBI को उम्मीद है कि दूसरी छमाही में वृद्धि थोड़ी धीमी हो सकती है। RBI ने तीसरी तिमाही की वृद्धि 7% और चौथी तिमाही की 6.5% रहने का अनुमान दिया है।

ADB का कहना है कि दूसरी छमाही में वृद्धि पर असर पड़ सकता है क्योंकि सरकार का कैपिटल खर्च कम होगा और अमेरिका की ऊंची टैरिफ दरों से भारत के कुछ निर्यात क्षेत्रों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती, GST दरों में कटौती और आसान कर्ज उपलब्धता से खपत और निवेश में सुधार जारी रहने की संभावना है।

सप्लाई और सेवा क्षेत्र की स्थिति

रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू औद्योगिक मांग पर दबाव रह सकता है क्योंकि वस्तुओं के निर्यात कमजोर हैं और आयात बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद, सेवा क्षेत्र ने FY26 की पहली छमाही में 9.3% की तेज वृद्धि दिखाई है और आगे भी इसके मजबूत रहने की संभावना है।

FY26 की तेज वृद्धि अगले साल की शुरुआत में बेस इफेक्ट को चुनौतीपूर्ण बना सकती है, लेकिन सरकार के हालिया सुधार– जैसे श्रम कानूनों में लचीलापन, GST को सरल बनाना, कुछ उत्पादों पर आयात प्रतिबंधों में ढील और निर्यातकों को सहारा, FY27 में ग्रोथ संभाल सकते हैं।

ADB ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था पर अच्छे और बुरे-दोनों तरह के असर हो सकते हैं। खतरा इस बात से है कि अगर दुनिया में व्यापार को लेकर झगड़े बढ़े या मौसम खराब रहा, तो अर्थव्यवस्था को नुकसान हो सकता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अगर भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड बातचीत सफल रही, तो भारत को कुछ प्रोडक्ट पर कम टैक्स (tariff) देना पड़ेगा, जिससे देश को फायदा होगा।

मुद्रास्फीति (Inflation) पर ADB का अनुमान

ADB ने FY26 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान घटाकर 2.6% कर दिया है, जो पहले 3.1% था। बेहतर मानसून, फसलों के बेहतर उत्पादन और GST दरों में कटौती ने खाद्य कीमतों को नीचे रखा है। रिपोर्ट में कहा गया कि हाल के महीनों में मुद्रास्फीति तेजी से गिरी है, खासकर सब्जियों और दालों की कीमतों में गिरावट के कारण। ADB को उम्मीद है कि FY26 में मुद्रास्फीति कम रहेगी, लेकिन FY27 की शुरुआत में आधार प्रभाव के उलट होने से इसमें कुछ बढ़त दिखाई दे सकती है। FY27 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान 4.2% पर बरकरार रखा गया है। (PTI के इनपुट के साथ)

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First Published - December 10, 2025 | 4:22 PM IST

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