facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

IPL के AI-powered robotic dog के नाम ‘चंपक’ को लेकर विवाद दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा

अदालत ने पूछा-इंस्टाग्राम पेज साफ दिखाता है कि यह फैन वोट्स के आधार पर चुना गया है, जो पूरी तरह से दर्शकों की पसंद है। बताइए, व्यावसायिक तत्व क्या है?” 

Last Updated- April 30, 2025 | 3:39 PM IST
IPL AI powered robot dog champak

कभी बच्चों की सबसे चर्चित पत्रिका रही ‘चंपक’ (Champak) के प्रकाशकों ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को अदालत में घसीटा है क्योंकि BCCI ने ‘चंपक’ नाम का उपयोग एक नए एआई-चालित रोबोटिक कुत्ते के लिए किया है, जिसे पुरुषों की इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में प्रदर्शित किया गया था।

यह मामला बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुना गया। न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी ने पत्रिका की अंतरिम निषेधाज्ञा (interim injunction) की याचिका पर नोटिस जारी किया और चार सप्ताह के भीतर लिखित उत्तर दाखिल करने को कहा। अगली सुनवाई की तारीख 9 जुलाई तय की गई है।

ALSO READ: iPhone का ‘मेक इन इंडिया’, चीन को झटका; Apple तेजी से भारत में बढ़ा रहा मैन्युफैक्चरिंग बेस

यह रोबोटिक डॉग हाल ही में BCCI द्वारा नोएडा की टेक्नोलॉजी कंपनी wTVision और Omnicam के साथ साझेदारी में पेश किया गया था। इसने मौजूदा IPL सीजन के दौरान अपनी शुरुआत की।

क्या है ‘चंपक’ के प्रकाशकों के वकील का तर्क 

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली प्रेस पत्र प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित चंपक मैगजीन के वकील ने तर्क दिया कि BCCI ने उनके ट्रेडमार्क नाम का बिना अनुमति के उपयोग किया है। वकील ने कहा कि BCCI द्वारा ‘चंपक’ नाम का अनधिकृत उपयोग रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क के उल्लंघन के समान है और यह एक व्यावसायिक सेटिंग में अनुचित लाभ उठाने की श्रेणी में आता है।

जब न्यायाधीश ने पूछा कि इस नाम को व्यावसायिक मुद्दा बनाने वाला तत्व क्या है, तो वकील ने कहा कि इसका मार्केटिंग में उपयोग हो रहा है और इसे सोशल मीडिया पर प्रचारित किया गया है, जिससे आय सृजित करने में मदद मिलती है।

अदालत ने क्या टिप्पणी की

न्यायाधीश ने कहा कि पत्रिका को इस दावे के समर्थन में और ठोस कारण देने होंगे। उन्होंने कहा: “कहां है वह तर्क जिससे यह साबित हो कि कौन-सा व्यावसायिक तत्व इसमें शामिल है? और टूर्नामेंट तो अभी चल रहा है। वे इसका जो भी कारण हो, उपयोग कर रहे हैं, लेकिन इस समय मेरे लिए यह तय करना जल्दबाज़ी होगी। वे AI-जनित डॉग का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन इंस्टाग्राम पेज साफ दिखाता है कि यह फैन वोट्स के आधार पर चुना गया है, जो पूरी तरह से दर्शकों की पसंद है। बताइए, व्यावसायिक तत्व क्या है?” यह टिप्पणी Live Law की रिपोर्ट के अनुसार न्यायाधीश ने की।

IPL से पहले CCI का झटका! विज्ञापन उद्योग में मिलीभगत को लेकर बड़ी कार्रवाई, शीर्ष एजेंसियों पर छापेमारी

IPL: 20 से 30 फीसदी बढ़ जाएंगी विज्ञापन की कीमतें

First Published - April 30, 2025 | 3:39 PM IST

संबंधित पोस्ट