facebookmetapixel
IT शेयरों में कोहराम: AI के बढ़ते प्रभाव से हिला निवेशकों का भरोसा, एक हफ्ते में डूबे ₹6.4 लाख करोड़NBFCs के लिए RBI की बड़ी राहत: ₹1000 करोड़ से कम संपत्ति वाली कंपनियों को पंजीकरण से मिलेगी छूटRBI Monetary Policy: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, नई GDP सीरीज आने तक ‘तटस्थ’ रहेगा रुखट्रंप ने फिर किया दावा: मैंने रुकवाया भारत-पाकिस्तान के बीच ‘परमाणु युद्ध’, एक दिन में दो बार दोहरायाइस्लामाबाद में बड़ा आत्मघाती हमला: नमाज के दौरान शिया मस्जिद में विस्फोट, 31 की मौतखरगे का तीखा हमला: पीएम के 97 मिनट के भाषण में कोई तथ्य नहीं, सवालों से भाग रही है सरकारलोक सभा में गतिरोध बरकरार: चीन का मुद्दा व सांसदों के निलंबन पर अड़ा विपक्ष, बजट चर्चा में भी बाधाडिजिटल धोखाधड़ी पर RBI का ऐतिहासिक फैसला: अब पीड़ितों को मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजाPariksha Pe Charcha 2026: PM मोदी ने छात्रों को दी सलाह- नंबर नहीं, स्किल व बेहतर जीवन पर दें ध्याननागालैंड में क्षेत्रीय प्राधिकरण के गठन को मिली त्रिपक्षीय मंजूरी, PM मोदी ने बताया ‘ऐतिहासिक’

Harman DTS अधिग्रहण समझौते से शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, Wipro ने दिखाई नई रणनीति

गुरुवार की शाम करीब 37.5 करोड़ डॉलर में विप्रो ने डीटीएस के अ​धिग्रहण की घोषणा की थी। इसकी तुलना में शुक्रवार को सेंसेक्स 0.85 फीसदी की गिरावट के साथ 81,306.85 पर बंद हुआ।

Last Updated- August 22, 2025 | 9:46 PM IST
Wipro
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

शुक्रवार को विप्रो का शेयर दिन के कारोबार में 1.26 फीसदी की तेजी के साथ बीएसई पर 253.1 रुपये की ऊंचाई पर पहुंच गया और आ​खिर में 0.54 फीसदी की गिरावट के साथ 248.60 रुपये पर बंद हुआ। आईटी सेवा की इस कंपनी के हर्मन की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सॉल्युशंस (डीटीएस) इकाई के अधिग्रहण समझौते की वजह से कंपनी के शेयर में यह उतार-चढ़ाव देखा गया है। गुरुवार की शाम करीब 37.5 करोड़ डॉलर में विप्रो ने डीटीएस के अ​धिग्रहण की घोषणा की थी। इसकी तुलना में शुक्रवार को सेंसेक्स 0.85 फीसदी की गिरावट के साथ 81,306.85 पर बंद हुआ।

अ​धिग्रहण सौदा

विप्रो-हर्मन अ​​धिग्रहण समझौते के तहत 5,600 से ज्यादा डीटीएस कर्मचारियों (पूरे अमेरिका, यूरोप और ए​शिया समेत) को विप्रो में शामिल किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि इस अ​धिग्रहण से विप्रो को नए जमाने की इंजीनियरिंग शोध एवं विकास (ईआरऐंडडी) सेवाएं मुहैया कराने के मिशन पर तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। यह अ​धिग्रहण नियामकीय मंजूरियों के अधीन है और इसके 31 दिसंबर 2025 तक पूरा हो जाने की संभावना है।

विप्रो पर असर

वै​श्विक ब्रोकरेज नोमूरा के विश्लेषकों का मानना है कि इस अ​धिग्रहण से सैमसंग और हर्मन जैसे मौजूदा बड़े खातों में विप्रो को अपनी मौजूदगी बढ़ाने में मदद मिलेगी। नोमूरा ने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि अगर अ​​​धिग्रहण सफल रहता है तो खरीदी गई इकाई से वित्त वर्ष 2027 में विप्रो के राजस्व को 280 आधार अंक तक की मदद मिल सकेगी।’ नोमूरा ने इस शेयर के लिए 310 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ ‘खरीदें’ रेटिंग दी है। 

एमके ग्लोबल फाइनैं​शियल सर्विसेज ने अ​भी इस अ​धिग्रहण के असर का आकलन नहीं किया है। लेकिन उसके विश्लेषकों का मानना है कि इससे विप्रो के राजस्व में करीब 3 फीसदी तक का इजाफा हो सकता है। हालांकि पहले साल समेकन की वजह से 50-60 आधार अंक का मार्जिन दबाव रह सकता है। ब्रोकरेज ने विप्रो के लिए 280 रुपये के लक्ष्य के साथ ‘घटाएं’ रेटिंग बनाए रखी है।

Also Read: WestBridge ने ₹450 करोड़ में खरीदी Edelweiss AMC की 15% हिस्सेदारी, वैल्यूएशन पहुंचा ₹3,000 करोड़

 

जेएम फाइनैं​शियल ​इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज ने भी कम मार्जिन प्रोफाइल (20-30 आधार अंक प्रभाव), जरूरी निवेश (10-15 आधार अंक) की वजह से कंपनी के एबिटा मार्जिन पर 50-60 आधार अंक का दबाव पड़ने का अनुमान लगाया है। ब्रोकरेज का कहना है, ‘पिछले तीन वर्षों में कंपनी का राजस्व सपाट बने रहना चिंताजनक है। इससे खासकर टेलीकॉम/आईएसवी/सेमीकॉन सब-सेगमेंट में डीटीएस के ग्राहकों पर दबाव का संकेत मिलता है।’

Also Read:  फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने दिए सितंबर में दर कटौती के संकेत, लेबर मार्केट और महंगाई पर जताई चिंता

डीटीएस ने वर्ष 2024 में 31.5 करोड़ डॉलर का राजस्व कमाया था। उसने 85 फीसदी राजस्व सेवा खंड से और शेष उत्पाद बिक्री से हासिल किया। वहीं कैलेंडर वर्ष 2023 में डीटीएस का राजस्व 30.82 करोड़ डॉलर और कैलेंडर वर्ष 2022 में 31.4 करोड़ डॉलर था। नए समझौते के तहत विप्रो 37.5 करोड़ डॉलर में इस इकाई को खरीदेगी। जेएम फाइनैं​शियल ने विप्रो के शेयर पर 320 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ अपनी ‘खरीदें’ रेटिंग बनाए रखी है। 

First Published - August 22, 2025 | 9:46 PM IST

संबंधित पोस्ट