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‘शुल्क दर बढ़ाने में हम कभी नहीं झिझकते’

Last Updated- December 15, 2022 | 2:30 AM IST

लोग जब वोडाफोन आइडिया के बंद होने की बात कर रहे थे तो उसने स्पष्ट संकेत किया है कि आने वाले वर्षों के दौरान बाजार में वह मजबूती से बरकरार रहेगी। इस रणनीतिक निर्णय की घोषणा के लिए सोमवार को आयोजित एक वर्चुअल बैठक में भारी नुकसान और काफी अधिक ऋण तले दबी इस कंपनी ने खुद के लिए नई ब्रांड पहचान जारी की। वोडाफोन आइडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी रविंदर टक्कर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि दोनों ब्रांडों के सबसे बड़े एकीकरण का यह अंतिम चरण है। पेश हैं मुख्य अंश:

प्रस्तावित 25,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना में निजी इक्विटी फर्मों की भागीदारी के मुद्दे पर:
बोर्ड ने पिछले सप्ताह रकम जुटाने के इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। हम फिलहाल मौजूद सभी विकल्पों का आकलन कर रहे हैं। इस संबंध में हम फिलहाल कोई खास टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे।

प्रवर्तकों द्वारा इक्विटी में निवेश करने अथवा हिस्सेदारी घटाने के मुद्दे पर:
प्रवर्तकों की ओर से मैं कोई बात नहीं कर सकता। लेकिन महत्त्वपूर्ण बात यह है कि वोडाफोन आइडिया ने न केवल एजीआर (सकल समायोजित राजस्व) बकाये के भुगतान के लिए बल्कि परिचालन और सेवाओं को बरकरार रखने के लिए अतिरिक्त रकम जुटाने का निर्णय लिया है। मैं कह सकता हूं कि निकट भविष्य में अथवा हमेशा के लिए हमारे दोनों प्रवर्तकों का समर्थन हमें मिलता रहेगा।

सर्वोच्च न्यायालय ने किस्तों में पुनर्भुगतान के लिए 10 साल का समय दिए जाने के मुद्दे पर:
सरकार ने 20 वर्षों की मांग की थी और हमने भी कम से कम 15 वर्षों के किस्त की मांग की थी। लेकिन न्यायालय का शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने हमें 10 साल का समय दिया है। यह हमारे लिए काफी उपयोगी रहेगा क्योंकि हम आगे की राह के लिए अपनी योजना बना रहे हैं। हमने 10 फीसदी बकाये का अग्रिम भुगतान पहले ही कर दिया है। अब हमारी किस्त मार्च 2022 में शुरू होगी।

शुल्क दरों में बढ़ोतरी की आवश्यकताओं एवं संभावनाओं पर:
शुल्क दरेें मौजूदा परिस्थिति में अस्थिर और लागत से कम है। शुल्क दरों में इजाफा करना महत्त्वपूर्ण है और हम ऐसा करने से कभी हिचकिचाते नहीं हैं। हमने पहले भी ऐसा किया है जब उद्योग की अन्य कंपनियों ने हमारा अनुकरण किया था। यही कारण है कि नियामक भी एक आधार कीमत निर्धारित करने के लिए बातचीत कर रहा है। उद्योग का स्वस्थ होना महत्त्वपूर्ण है। मुझे विश्वास है कि  हर कोई कीमत बढ़ाने की ओर अग्रसर होगा। लघु अवधि में मुझे उम्मीद है कि एआरपीयू 200 रुपये तक होना चाहिए और उसके बाद वह 300 रुपये तक बढ़ सकता है।

कंपनी की लाभप्रदता संबंधी योजनाओं पर:
जाहिर तौर पर इसके लिए (लाभप्रदता के लिए) एक योजना तैयार की गई है। हमारे कारोबार का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को शानदार सेवाएं प्रदान करना और शेयरधारकों के लिए रिटर्न सुनिश्चित करना है। सरकार का डिजिटल इंडिया कार्यक्रम भी एक महत्त्वपूर्ण पहलू है जिसे हमने कारोबार पर विचार करते समय ध्यान में रखा है। हम सभी हितधारकों के लिए फायदेमंद रहना चाहते हैं।

वोडाफोन और आइडिया के लिए दो अलग-अलग ब्रांड की स्थिति पर:
हमारा विचार एकीकृत कंपनी के लिए एक सामान्य ब्रांड रखना है जबकि उससे लागत में बचत भी हो सकती है। दो स्वतंत्र ब्रांडों को चरणबद्ध तरीके से खत्म कर दिया जाएगा लेकिन दोनों कंपनियों की विरासत की झलक साझा ब्रांड में दिखेगी।

नेटवर्क कनेक्टिविटी में सुधार के मुद्दे पर:
यह एक बड़ा और जटिल एकीकरण रहा है। हमें विश्वास है कि नेटवर्क कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

First Published - September 8, 2020 | 12:12 AM IST

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