facebookmetapixel
Jio Q3 Results: सितंबर तिमाही में मुनाफा 11.3% बढ़कर ₹7,629 करोड़ पर पहुंचा, रेवेन्यू में भी जबरदस्त बढ़तAbakkus Flexi Cap का पहला पोर्टफोलियो आउट, फंड ने बताया कहां लगा है ₹2,468 करोड़; देखें पूरी लिस्ट1 अप्रैल से म्यूचुअल फंड के नए नियम: SEBI ने परफॉर्मेंस के हिसाब से खर्च लेने की दी इजाजतReliance Q3FY26 results: रिटेल बिजनेस में कमजोरी के चलते मुनाफा ₹18,645 करोड़ पर स्थिर, रेवेन्यू बढ़ाProvident Fund से निकासी अब और आसान! जानें कब आप अपना पूरा पैसा निकाल सकते हैं?Budget 2026: 1 फरवरी, रविवार को भी खुले रहेंगे शेयर बाजार, BSE और NSE का बड़ा ऐलानExplainer: ₹14 लाख की CTC वाला व्यक्ति न्यू टैक्स रिजीम में एक भी रुपया टैक्स देने से कैसे बच सकता है?SEBI का नया प्रस्ताव: बड़े विदेशी निवेशक अब केवल नेट वैल्यू से कर सकेंगे ट्रेड सेटलMarket This Week: तिमाही नतीजों से मिला सहारा, लेकिन यूएस ट्रेड डील चिंता से दबाव; सेंसेक्स-निफ्टी रहे सपाटIRFC 2.0: रेलवे से बाहर भी कर्ज देने की तैयारी, मेट्रो और रैपिड रेल में 1 लाख करोड़ का अवसर

टीवीएस दौड़ेगी ‘ड्रैगन’ के देश में

Last Updated- December 07, 2022 | 2:04 PM IST

दोपहिया वाहन बनाने वाली भारत की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी टीवीएस मोटर्स चीन में नया संयंत्र लगाने की योजना बना रही है।


हालांकि कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक वेणु श्रीनिवासन ने बताया कि अभी इसमें काफी समय लगेगा। श्रीनिवासन ने कहा, ‘ बाकी ऑटोमोबाइल कंपनियां अपने उत्पाद पोर्टफोलियों का विस्तार कर रही हैं। लेकिन हमारी नीति भौगोलिक स्तर पर विस्तार करने की है।’

श्रीनिवासन की यह टिप्पणी उस वक्त आई है जब हाल ही में देश की दिग्गज दोपहिया वाहन कंपनी हीरो होंडा जर्मनी की डैमलर एजी के साथ चेन्नई में ट्रक निर्माण संयंत्र लगाने के लिए करार किया है। दूसरी तरफ टीवीएस की सबसे बड़ी प्रतिद्विंद्वी कंपनी बजाज ऑटो ने भी रेनो-निसान के साथ कम कीमत वाली कार का निर्माण करने के लिए करार किया है। अभी तक व्यावसायिक, यात्री  और यूटिलिटी वाहन बनाने वाली कंपनी महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने पुणे स्थित दोपहिया वाहन बनाने वाली कंपनी काइनेटिक में लगभग 76 फीसदी हिस्सेदारी खरीदकर सबको चौंका दिया है।

टीवीएस मोटर्स को चीन में संयंत्र स्थापति करने के लिए सरकारी नियामकों का पालन करने में कुछ परेशानी हो सकती है। चीन के कानून के हिसाब से कोई भी विदेशी कंपनी चीन में पूर्ण स्वामित्व वाला संयंत्र स्थापित नहीं कर सकती है। चीन में संयंत्र स्थापित करने के लिए कंपनी को किसी भी स्थानीय कंपनी के साथ करार के बाद ही सरकार की तरफ से वित्तीय सहायता मिल सकती है।

दिलचस्प बात यह है कि टीवीएस मोटर्स के अभी तक के इतिहास में संयुक्त उपक्रम का अनुभव अच्छा नहीं रहा है। साल 2001 में टीवीएस मोटर्स ने जापानी कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन का एक झगड़े के बाद अलगाव हुआ है। लेकिन इस अलगाव के बाद कंपनी देश की तीसरी सबसे बड़ी वाहन कंपनी बनने में कामयाब रही है।

First Published - July 30, 2008 | 11:40 PM IST

संबंधित पोस्ट