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दूरसंचार दिग्गजों ने कर ली 3जी फोन के लांच की तैयारी

Last Updated- December 06, 2022 | 12:41 AM IST

भारतीय दूरसंचार कंपनियों ने 3जी सेवाओं के लाँच की तैयारी बड़े जोश के साथ शुरू कर दी है।


सेवा और उपकरण प्रदान करने वाली कंपनियां अब 3जी स्पैक्ट्रम के लिए उपकरण और बुनियादी सेवाएं देने की तैयारी में लगी हुई हैं। जबकि अभी स्पैक्ट्रमों का आवंटन किया जाना बाकी है और स्पैक्ट्रम को लेकर सरकार ने अभी कोई नीति भी नहीं बनाई है।


बेहतरीन तकनीक


3जी मोबाइल तीसरी पीढ़ी की मोबाइल फोन तकनीक है। इस तकनीक के इस्तेमाल से ज्यादा बड़ी बैंडविड्थ, बेहतर आवाज और डाउनलोड की स्पीड भी काफी तेज है। इस तकनीक की मदद से 2 मेगाबाइट प्रति सेकेण्ड की रफ्तार से डाटा ट्रांसफर किया जा सकता है। जबकि दूसरी पीढ़ी के मोबाइल फोन में डाटा 2 किलोबाइट प्रति सेकेण्ड और इसके बाद वाली पीढ़ी 2.5 जी में यह 144 किलोबाइट प्रति सेकेण्ड की रफ्तार से होता था।


भारती एयरटेल के अध्यक्ष (मोबाइल सेवा) संजय कपूर ने कहा ‘भारत में 3जी तकनीक के लिए काफी ज्यादा संभावनाएं मौजूद हैं। इस तकनीक के आने से भारत के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच तकनीकी विभाजन को कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही भारत और विकसित देशों के बीच आ रहे तकनीक के अंतर को भी कम करने में मदद मिलेगी।’


तगड़े खर्च की आशंका


2जी सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों के 3जी सेवा के क्षेत्र में आने के बारे में उन्होंने कहा ‘ जो कंपनियां अभी 2जी सेवाएं प्रदान कर रही हैं, उन्हें 3जी सेवाओं की शुरुआत करने के लिए अतिरिक्त खर्च जुटाना पड़ेगा।’ इससे देश में बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने में आसानी होगी। भारती एयरटेल 3जी सेवा के क्षेत्र में काफी निवेश कर रही है। कंपनी इसके लिए दूरसंचार के लिए बुनियादी ढांचा प्रदाताओं के साथ जरूरी परीक्षण भी कर चुकी है।


आरकॉम भी तैयार
 
रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) भी इस 3जी नामक जहाज पर सवार होने की तैयारी कर रही है। रिलायंस ने इसके लिए जरूरी बुनियादी ढांचा भी विकसित कर लिया है और कंपनी आवंटन के 6 महीनों के भीतर ही सेवा प्रदान करना शुरू केर देगी।


आरकॉम के अध्यक्ष (निजी व्यापार) एसपी शुक्ला ने कहा ‘बाकी क्षेत्रों की तरह दूरसंचार के क्षेत्र में भी विकास हो रहा है और 3जी तकनीक भी इसी विकास का एक चरण है। हम आवंटन के 6 महीनों के भीतर ही 3जी सेवा प्रदान करना शुरू कर देगी। हमारा नेटवर्क 3जी सेवा मुहैया कराने में सक्षम है और देश भर में  हमारे सभी आउटलेट्स पर 3जी तकनीक संपन्न मोबाइल सेट भी उपलब्ध हैं।’


भारती एयरटेल और रिलायंस के अलावा वोडाफोन-एस्सार, आइडिया और लाइसेंस प्राप्त डाटाकॉम सोल्यूशंस और यूनीटेक जैसी नई कंपनियां भी इस क्षेत्र में आने की योजना बना रही हैं।


सेलफोन फर्म की चांदी


दूरसंचार कंपनियों के साथ ही अल्काटेल-ल्यूसेंट जैसी दिगज इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी और मोबाइल हैंडसेट बनाने वाली कंपनियां नोकिया, एलजी और सैमसंग भी 3जी तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की तैयारी में हैं।


फ्लाई ब्रांड के मोबाइल बनाने वाली कंपनी मैरीडियन मोबाइल के मुख्य कार्यकारी (भारतीय परिचालन कार्य) राजीव खन्ना  ने कहा ‘देश में 3जी तकनीक निश्चित रूप से आने वाली है और इस पर काफी बात भी चल रही है।’ हालांकि किसी भी कंपनी ने 3जी को लेकर कोई ठोस नीति नहीं बनाई है। इस तकनीक को लेकर कोई निश्चित नीति नहीं है और दूसरा 3जी स्पैक्ट्रम के आवंटन पर भी अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं।


नोकिया की तैयारी पूरी


नोकिया इंडिया के विपणन निदेशक देविंदर किशोर ने कहा ‘हम हमेशा ही सबसे एक कदम आगे रहते हैं इसीलिए नोकिया ने भारत के लिए 3जी मोबाइल सेट भी बनाने शुरू कर दिए हैं। जिससे कंपनी 3जी सेवा के शुरू होते ही बाजार की मांग को पूरा कर सके।’


वैश्विक शोध और विश्लेषण कंपनी गार्टनर के मुताबिक इस वित्त वर्ष के आखिरी तिमाही तक 3जी नीति तय कर ली जाएगी और अगले वित्त वर्ष के पहले तिमाही तक इसका इस्तेमाल भी शुरू हो जाएगा।


लागत से चिंता


हालांकि 3जी हैंडसेट्स की कीमत चिंता का सबब बनी हुई है। 3जी मोबाइल सेट्स की कीमत 2जी मोबाइल सेट्स से 3-4 गुना ज्यादा होती है। दरअसल इन मोबाइल फोन की मांग काफी कम रहती है ,लेकिन मांग बढ़ने के बाद इनकी कीमतों में कमी आ सकती है।


…तीसरी पीढ़ी की कॉल


अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनियां शुरू कर देंगी 3 जी कारोबार
ऑपरेटर जुटाएंगे अतिरिक्त राशि क्योंकि है मुनाफे की आस
हैंडसेट होते हैं काफी महंगे, इसलिए कंपनियां फिक्रमंद
चार मेट्रो शहरों में पहले शुरू होगी सेवा, अगले साल जबर्दस्त बाजार की उम्मीद

First Published - April 29, 2008 | 12:05 AM IST

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