facebookmetapixel
Advertisement
‘एक पर हमला, सब पर हमला’: पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने मक्का समझौते पर किए हस्ताक्षर‘NTA की लापरवाही और सुरक्षा खामियों से लीक हुआ प्रश्नपत्र’, नीट UG 2026 को लेकर CBI ने किया खुलासाविदेशी निवेश को मिलेगा सहारा, नए BIT मॉडल पर जल्द फैसला करेगी सरकार; खाका तैयारअमेरिका में जन्म से नागरिकता पाना होगा मुश्किल, ट्रंप ने जारी किए दो नए आदेशडीपफेक और AI कंटेंट पर सरकार ने बढ़ाई सख्ती, मेटा से मांगी सुधार की रिपोर्टFCRA संशोधन विधेयक पर अगले सप्ताह संसद में घमासान के आसार, सरकार ने आलोचना की खारिजRBI के नए ड्राफ्ट नियमों से NBFC पर बढ़ा दबाव, बजाज फाइनैंस समेत कई कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावटEditorial: डिजिटल पेमेंट को टिकाऊ बनाना है तो जीरो MDR पर नए सिरे से सोचना जरूरीशेयर बाजार में Authorized Persons के नियम होंगे कड़े, Brokers की Compliance जिम्मेदारी भी बढ़ेगीचार महीने की बिकवाली के बाद FPI की वापसी, भारतीय बाजार में Consumer और IT शेयरों पर फोकस

5जी पर नजर बनाए हुए है टेक महिंद्रा

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 9:01 AM IST

टेक महिंद्रा 5जी पर ध्यान देना जारी रखे हुए है क्योंंकि दुनिया भर के ग्राहकों ने इस तकनीक को अपनाना शुरू कर दिया है जबकि आईटी फर्म यूरोप में कोरोनावायरस में सुधार को लेकर देखो व इंतजार करो की रणनीति अपनाए हुए है।
टेक महिंद्रा के प्रमुख (कॉरपोरेट डेवलपमेंट) और वैश्विक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवा व वित्तीय सेवाएं) विवेक अग्रवाल ने कहा, विमानन, हॉस्पिटैलिटी व एयरोस्पेस इंजीनियरिंग जैसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों से मजबूत मांग देखने को मिली। अग्रवाल ने कहा, टीकाकरण के साथ काफी सकारात्मकता देखने को मिली है लेकिन यूरोप नए लॉकडाउन में उलझ गया है। उम्मीद है कि टीकाकरण की दर बढऩे के साथ ये लॉकडाउन भी जल्द ही पीछे रह जाएंगे, जिससे सतत आर्थिक सुधार देखने को मिल सकता है।
फर्म ने दिसंबर तिमाही के नतीजे शुक्रवार को घोषित किए। कंपनी का कर पश्चात लाभ 14.3 फीसदी बढ़कर 1,309.8 करोड़ रुपये रहा और राजस्व 9,647.1 करोड़ रुपये पर स्थिर रहा।
तिमाही में यूरोप की हिस्सेदारी राजस्व में 26.4 फीसदी रही, वहीं अमेरिका की हिस्सेदारी 46.8 फीसदी रही, जो क्षेत्र के लिहाज से सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। अग्रवाल ने कहा कि इसका अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी कि नए राष्ट्रपति के कार्यकाल में अमेरिकी प्रशासन की तरफ से कारोबार को लेकर किस तरह का बदलाव आता है। उन्होंने कहा, नीतिगत बदलाव के लिहाज से अभी तक किसी योजना का ऐलान नहीं हुआ है, ऐसे में इस समय हम इसका इंतजार कर रहे हैं कि नए प्रशासन की तरफ से क्या किसी तरह का नीतिगत बदलाव हो रहा है।
पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के कार्यकाल में भारतीय आईटी क्षेत्र पर सबसे ज्यादा असर एच 1 बी वीजा का पड़ा था, जिसका इस्तेमाल भारतीय अमेरिका में नौकरी के लिए करते हैं।
मुख्य वित्त अधिकारी मनोज भट ने कहा, अगली कुछ तिमाहियों में बढ़त के साथ-साथ कुछ निश्चित लागत की वापसी होने जा रही है। ऐसे में हमें देखना होगा कि कारोबारी लिहाज से हम किस तरह सोचते हैं, बढ़त वाले कौन से क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करना है और सिर्फ उन्हीं पर ध्यान देना है जो ज्यादा लाभकारी होने जा रहे हैं।
अग्रवाल ने कहा कि टेक महिंद्रा अधिग्रहण के लिए तैयार है, जो ग्राहकों की जरूरतें पूरी करने के लिए सही हो।
उन्होंने कहा, यह कहना मुश्किल है कि क्या यह रफ्तार बढ़ाएगा या फिर घटाएगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि किस तरह के मौके मिलते हैं। लेकिन गठजोड़ के लिहाज से साझेदारी हमारे लिए अहम प्राथमिकता वाला क्षेत्र है।

Advertisement
First Published - January 31, 2021 | 11:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement