टाटा समूह की बिजली इकाई टाटा पावर ने आज कहा कि वह अपने अक्षय ऊर्जा कारोबार का विस्तार करने की तैयारी में है। कंपनी ब्लैकरॉक और मुबाडला सहित निवेशकों के एक समूह को 10.53 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 4,000 करोड़ रुपये (52.5 करोड़ डॉलर) जुटाएगी।
टाटा पावर ने कहा कि उसका लक्ष्य एक समग्र ऊर्जा प्लेटफॉर्म तैयार करने का है, जिसके लिए उसने ब्लैकरॉक की अगुआई वाले कंसोर्टियम से निवेश के लिए बाध्यकारी समझौता किया है। इसके तहत कंसोर्टियम टाटा पावर की सहायक इकाई टाटा पावर रीन्यूएबल एनर्जी में इक्विटी और अनिवार्य परिवर्तनीय निवेश साधनों के जरिये पूंजी निवेश करेगा। यह निवेश 34,000 करोड़ रुपये के मूल्यांकन पर किया जा रहा है।
टाटा पावर के मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक प्रवीर सिन्हा ने कहा, ‘यह साझेदारी हमें आगे आने वाले दशकों में आकर्षक अवसरों का लाभ उठाने में मदद करेगी।’ कंपनी ने कहा कि पूंजी निवेश दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण जून 2022 तक पूरा होगा और निवेश का दूसरा चरण 2022 के अंत तक पूरा होगा।
कंपनी में निवेशकों की शेयरधारिता 9.76 फीसदी से 11.43 फीसदी के दायरे में होगी जो इक्विटी को शेयर में बदलने पर निर्भर करेगी। कंपनी द्वारा नवगठित प्लेटफॉर्म में पांच विशिष्ट कारोबारी क्षेत्र शामिल होंगे। इनमें सौर, पवन और हाइब्रिड बिजली उत्पादन परिसंपत्तियां, सोलर सेल और मॉड्यूल विनिर्माण, इंजीनियरिंग, खरीद ओर निर्माण (ईपीसी) अनुबंध, छतों पर लगाए जाने वाले सौर बुनियादी ढांचा, सोलर पंप और इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए बुनियादी ढांचा प्रमुख हैं।
टाटा पावर देश की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली कंपनी है। कंपनी ने कहा है कि यह कोयले से बिजली उत्पादन पर अपनी निर्भरता कम करना चाहती है और वित्त वर्ष 2030 तक अपनी स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा क्षमता बढ़ाकर 80 प्रतिशत तक करना चाहती है।
पिछले कुछ वर्षों के दौरान हरित ऊर्जा खंड में गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारत सहित दुनिया के अन्य देश बिजली उत्पादन के लिए कोयले पर अपनी निर्भरता कम करना चाहते हैं और हरित ऊर्जा खंड में अपनी उपस्थिति बढ़ाने में जुट गए हैं। टाटा पावर-ब्लैकस्टोन के बीच हुआ सौदा हरित ऊर्जा खंड में अब तक हुए शीर्ष 10 सौदों में शामिल है। इस खंड में सबसे बड़ा सौदा अदाणी ग्रीन ने किया था जब उसने एसबी एनर्जी इंडिया का अधिग्रहण 2021 में 26,000 करोड़ रुपये में कर लिया था। एसबी एनर्जी इंडिया पर पहले सॉफ्टबैंक और भारत एंटरप्राइजेज का नियंत्रण था। एक दूसरे सौदे में रीन्यू पावर ने 2018 में ओस्ट्रो एनर्जी को 10,800 करोड़ रुपये में खरीद लिया था।
टाटा पावर ने कहा कि ऊर्जा परिसंपत्तियों की इसकी सूची अब लंबी हो गई है जिससे कारोबार में विविधता तो आएगी मगर राजस्व के स्रोत स्थिर बने रहेंगे। कंपनी की अक्षय ऊर्जा इकाई में इस समय करीब 4.9 गीगावॉट क्षमता की अक्षय ऊर्जा परिसंपत्तियां हैं। टाटा पावर अगले पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर 20 गीगावॉट से अधिक करना चाहती है। कंपनी रूफटॉप और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग खंड में अगले पांच वर्षों में एक बड़ी कंपनी के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहती है।