घरेलू वाहन विनिर्माता टाटा मोटर्स का चालू वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही अप्रैल-जून में एकीकृत शुद्ध घाटा कम होकर 4,450.12 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले 2020-21 की इसी तिमाही में कंपनी को 8,443.98 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध घाटा हुआ था। शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी एकीकृत परिचालन आय जून तिमाही में 66,406.05 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 2020-21 की इसी तिमाही में 31,983.06 करोड़ रुपये रही थी। कंपनी की ब्रिटिश इकाई जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) की आय चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 5 अरब पौंड रही जो एक साल पहले 2020-21 की समान तिमाही के मुकाबले 73.7 फीसदी अधिक है। जेएलआर को कर पूर्व 11 करोड़ पौंड का नुकसान हुआ। एकल आधार पर टाटा मोटर्स को आलोच्य तिमाही में 130.74 करोड़ रुपयेका शुद्ध घाटा हुआ। एक साल पहले 2020-21 की पहली तिमाही में कंपनी को एकल आधार पर 2,190.64 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। कंपनी की एकल आधार पर परिचालन आय जून, 2021 को समाप्त तिमाही में 11,904.19 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले 2020-21 की इसी तिमाही में 2,686.87 करोड़ रुपये रही थी।
एमऐंडएम फाइनैंस को भारी नुकसान
वाहनों के लिए कर्ज मुहैया कराने वाली कंपनी महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फाइनैंशियल सर्विसेज ने जून तिमाही में 1,529 करोड़ रुपये का एकल नुकसान दर्ज किया है, जिसकी वजह प्रावधान में भारी बढ़ोतरी और दबाव वाले कर्ज पोर्टफोलियो को बट्टे खाते में डाला जाना है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 156 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया था। कंपनी के प्रदर्शन को लेकर चिंता के कारण बीएसई पर उसका शेयर 5.02 फीसदी की गिरावट के साथ 146.2 रुपये पर बंद हुआ। एकल आधार पर कंपनी की कुल आय 18 फीसदी घटकर 2,187 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 2,655 करोड़ रुपये रही थी।
एसबीआई लाइफ का शुद्ध लाभ घटा
निजी क्षेत्र की बीमा कंपनी एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस का शुद्ध लाभ जून तिमाही में 43 फीसदी घट गया, जिसकी वजह कोविड के कारण भविष्य के दावों के लिए ज्यादा रिजर्व रखा जाना है। जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 223 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 390.89 करोड़ रुपये रहा था। ब्लूमबर्ग ने कंपनी का शुद्ध लाभ 417.30 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था। जून तिमाही मेंं कंपनी ने कोविड के कारण भविष्य के दावों के लिए 444.72 करोड़ रुपये का रिजर्व रखा है। हालांकि कंपनी ने कहा कि वह कोविड से जुड़े भविष्य के घटनाक्रम पर नजर रखेगी, जिसका उसके कारोबार व वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है। मार्च तिमाही में कोविड रिजर्व के तहत कंपनी ने 180 करोड़ रुपये रखे थे। अन्य सूचीबद्ध कंपनियों मसलन एचडीएफसी लाइफ और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ ने भी कोविड रिजर्व में खासी बढ़ोतरी की है। एचडीएफसी लाइफ ने 700 करोड़ रुपये का कोविड रिजर्व रखा है जबकि आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ने अपना प्रावधान बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दिया है। कंपनी की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां सालाना आधार पर 32 फीसदी की बढ़त के साथ जून तिमाही के आखिर में 2.31 लाख करोड़ रुपये रही। बीएसई पर कंपनी का शेयर सोमवार को 2.52 फीसदी की बढ़त के साथ 1,077 रुपये पर बंद हुआ।
वेदांत का करोपरांत लाभ बेहतर
अनिल अग्रवाल के नियंत्रण वाली वेदांत लिमिटेड ने जून तिमाही में 4,224 करोड़ रुपये का समेकित शुद्घ लाभ दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 309 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी को राजस्व वृद्घि की मदद से शुद्घ लाभ में इजाफा दर्ज करने में सफलता मिली है। समीक्षाधीन अवधि में अपेक्षाकृम न्यून आधार भी मुनाफे में सालाना वृद्घि के लिए मददगार रहा, क्योंकि पिछले साल की समान तिमाही कोविड-19 की पहली लजर से प्रभावित हुई थी। मार्च तिमाही में, कंपनी का समेकित लाभ 6,432 करोड़ रुपये पर रहा था।
डीएलएफ को 337 करोड़ रुपये का लाभ
बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे बड़ी रियल्टी कंपनी डीएलएफ ने अप्रैल-जून तिमाही में 337.2 करोड़ रुपये का कर-बाद लाभ (पीएटी) दर्ज किया। समूह को पिछले साल की समान तिमाही में 71.5 करोड़ रुपये के शुद्घ नुकसान का सामना करना पड़ा था।
ऐक्सिस बैंक का शुद्ध लाभ 94 फीसदी बढ़ा
निजी क्षेत्र के ऐक्सिस बैंक का शुद्ध लाभ जून तिमाही में 94 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 2,160 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। गैर-ब्याज आय में बढ़ोतरी और प्रावधान में भारी कमी के कारण बैंक का मुनाफा बढ़ा। बैंक ने पिछले साल की समान तिमाही में 1,112 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था। क्रमिक आधार पर बैंक ने मार्च तिमाही में 2,677 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था। बैंंक का शेयर आज बीएसई पर 756.15 रुपये पर स्थिर बंद हुआ। बैंक की शुद्ध ब्याज आय 11 फीसदी की बढ़त के साथ 7,760 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 6,985 करोड़ रुपये रही थी। शुद्ध ब्याज मार्जिन इस दौरान बढ़कर 3.46 फीसदी पर पहुंच गया, जो पहले 3.4 फीसदी रहा था। बैंक की गैर-ब्याज आय सालाना आधार पर 39 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 3,588 करोड़ रुपये रही। इसमें शुल्क आय 62 फीसदी बढ़कर 2,668 करोड़ रुपये रही। बीएस