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बिक्री के आंकड़ों पर टाटा मोटर्स के निवेशकों में रोष

Last Updated- December 15, 2022 | 8:04 PM IST

बिक्री के आंकड़ों की मासिक आधार पर सूचना देने के उद्योग के दस्तूर से उलट टाटा मोटर्स द्वारा बिक्री के आंकड़ों की त्रैमासिक आधार पर सूचना देने का फैसला करना कंपनी के निवेशकों और प्रॉक्सी सलाहकार फर्मों को नागवार गुजरा है। उन्होंने कहा कि इससे खुलासा नियम कमजोर होते हैं तथा कंपनी के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी शेयरधारकों और विश्लेषकों से छिप जाती है जिससे कंपनी के स्टॉक की गतिविधि पर गहरा असर पड़ सकता है।
भारत में सभी सूचीबद्ध वाहन विनिर्माता अपनी बिक्री का मासिक आधार पर खुलासा करने की परिपाटी का पालन करते हैं। संस्थागत निवेशक सलाहकार सेवा (आईआईएएस) के प्रबंध निदेशक अमित टंडन ने कहा कि इस बात की कोई वजह नहीं है कि अगर बाकी कंपनियां ऐसा कर सकती हैं, तो टाटा मोटर्स ऐसा क्यों नहीं कर सकती। इससे ऐसा लगता है कि वे कुछ छिपा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे भेदिया कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है क्योंकि कंपनी के कुछ हितधारकों के पास आंकड़े होंगे और कुछ के पास नहीं। आप यह कैसे सुनिश्चित करेंगे कि इससे भेदिया कारोबार को बढ़ावा नहीं मिलेगा।
टाटा मोटर्स के प्रवक्ता ने एक ईमेल के जवाब में कहा कि यह कंपनी के खुदारा और पारिस्थितिक तंत्र की व्यावहारिकता पर ध्यान केंद्रित करने की मुहिम का हिस्सा है।
कंपनी ने अप्रैल से मासिक आधार पर थोक आंकड़ों की सूचना देना बंद कर दिया है, जो लॉकडाउन के कारण अधिकांश कंपनियों के लिए शून्य बिक्री वाला महीना था। इसके बजाय कंपनी तिमाही आधार पर थोक और खुदरा आंकड़ों की सूचना देगी।प्रवक्ता ने कहा कि मौजूदा अस्थिर परिदृश्य में हमारा मानना ​​है कि इससे कारोबार के लिए दीर्घकालिक सही निर्णय लेने में हमें मदद मिलेगी है, हमारे डीलरों को ग्राहकों की सेवा पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी है और हमारे निवेशकों को कारोबार के दीर्घकालिक चालकों पर ध्यान केंद्रित करने और अनावश्यक अल्पकालिक अस्थिरता से बचने में मदद मिलेगी। प्रॉक्सी सलाहकार कंपनियां इस तर्क से आश्वस्त नहीं हैं। स्टेकहोल्डर एपावरमेंट सर्विसेज के सह-संस्थापक जेएन गुप्ता ने कहा कि यह निवेशकों को तय करने दीजिए कि वे आंकड़ों को कैसे समझना चाहते हैं।

First Published - June 6, 2020 | 12:20 AM IST

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