कम लागत वाली एयरलाइन Spicejet के शेयरों में गुरुवार को उछाल आया। इस उछाल का कारण एयरलाइन द्वारा 10 विमानों के लिए पट्टा समझौते को अंतिम रूप देना है। एयरलाइन ने कहा कि उसने गर्मियों की बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए 10 विमानों के लिए पट्टा समझौते को फाइनलाज कर दिया है।
एयरलाइन की बेड़े की क्षमता में हुई वृद्धि
Spicejet ने यह भी कहा कि उसे हाल ही में किए गए कुछ समझौतों के तहत तीन एयरफ्रेम (विमान के ढांचे) प्राप्त हुए हैं। इससे एयरलाइन की बेड़े की क्षमता में और वृद्धि हुई है। इसके अलावा, प्रमुख विमान पट्टेदारों के साथ किए गए इन समझौतों से एयरलाइन को 685 करोड़ रुपये की बचत भी हुई है। यह एयरलाइन के लिए एक बड़ी राहत है, जो पिछले कुछ समय से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है।
एयरलाइन ने कहा, “यह कदम व्यस्त यात्रा सीजन के दौरान अपने यात्रियों को निर्बाध कनेक्टिविटी और बेहतर सेवाएं प्रदान करने की Spicejet की कमिटमेंट को बताता है। अतिरिक्त एयरक्राफ्ट एयरलाइन को हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करेगा, खासकर गर्मियों के व्यस्त महीनों के दौरान।”
Spicejet ने सुलझाए अपने कई विवाद
कंपनी ने कहा, 7 मार्च को, Spicejet ने इकोलोन आयरलैंड मैडिसन वन कंपनी के साथ 49.8 मिलियन डॉलर (लगभग 413 करोड़ रुपये) का विवाद सुलझा लिया। इस समझौते से Spicejet को 48 मिलियन डॉलर (लगभग 398 करोड़ रुपये) की बचत हुई और उसे दो विमान (एयरफ्रेम) भी मिले।
इसके अलावा, Spicejet ने विमान पट्टे पर देने वाली कंपनी क्रॉस ओशन पार्टनर्स के साथ 11.2 मिलियन डॉलर (लगभग 93 करोड़ रुपये) का विवाद भी सुलझा लिया। इस समझौते से Spicejet को एक विमान (एयरफ्रेम) और एक इंजन मिला।
वहीं, Spicejet ने एयरकैप की सहायक कंपनी सेलेस्टियल एविएशन के साथ 250 करोड़ रुपये का विवाद सुलझा लिया। इस समझौते से Spicejet को 235 करोड़ रुपये की बचत हुई। दोपहर 2.20 बजे Spicejet का शेयर 8.46 फीसदी की तेजी के साथ 54.63 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
इस्तीफों के बीच आई थी कंपनी के शेयरों में गिरावट
दो दिन पहले, कंपनी के दो वरिष्ठ अधिकारियों – COO अरुण कश्यप और CCO शिल्पा भाटिया – ने इस्तीफा दे दिया था। इस खबर के बाद Spicejet के शेयरों में लगभग 10% की गिरावट आई थी।
Spicejet पिछले कुछ समय से मुश्किल दौर से गुजर रही है। कंपनी पर कलानिधि मारन, क्रेडिट सुइस, विमान पट्टेदारों और इंजन पट्टेदारों का बकाया धन है। इसके अलावा, कंपनी कई कानूनी मामलों का सामना भी कर रही है। इस तरह से नकदी संकट, कानूनी मामलों, और वरिष्ठ अधिकारियों के इस्तीफे ने कंपनी के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
इस साल 1060 करोड़ रुपये जुटा चुकी है कंपनी
Spicejet ने इस साल 1060 करोड़ रुपये जुटाए हैं। 22 फरवरी को एयरलाइन ने 316 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त जुटाई। 26 जनवरी को एयरलाइन को 744 करोड़ रुपये की पहली किश्त दी गई थी।
11 जनवरी को, Spicejet के शेयरधारकों ने इक्विटी और वारंट जारी करके कुल 2,241.5 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी दे दी। इसमें से 1,591.5 करोड़ रुपये 58 संस्थाओं को इक्विटी जारी करके जुटाए जाएंगे, और 650 करोड़ रुपये पांच अन्य संस्थाओं को वारंट जारी करके जुटाए जाएंगे।