facebookmetapixel
Advertisement
विप्रो खरीदेगी डर्माटच में 60% हिस्सेदारी, ₹387.5 करोड़ की एंटरप्राइज वैल्यू पर होगी डीलQ1 में दमदार परफॉर्मेंस; ब्रोकरेज को पसंद आया केबल्स एंड वायर्स सेक्टर, लंबी अवधि के लिए पसंद ये 2 शेयरटॉरेंट गैस IPO की तैयारी तेज, इस हफ्ते ₹4,000 करोड़ तक का अपडेटेड ड्राफ्ट दाखिल करने की तैयारीइनवेस्को म्युचुअल फंड ने लॉन्च किया नया फंड, ₹100 की SIP से फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में निवेश का मौकाबच्चे के भविष्य के लिए ₹250 से करें निवेश! NPS Vatsalya में 18 साल बाद क्या होगा पैसों का? जानें पूरा नियमकैश सर्कुलेशन बढ़ने से आरबीआई की करेंसी प्लानिंग चुनौतीपूर्ण: आरबीआई डिप्टी गवर्नर मुर्मूटाटा संस की AGM टली, कोरम पूरा नहीं होने से कंपनी के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसापश्चिम एशिया संकट और अल नीनो से भारत की ग्रोथ पर असर, FY27 में 6.8% का अनुमानColgate Share: शेयर 3% तक टूटा, फिर भी Jefferies को भरोसा! जानिए कंपनी की ग्रोथ को लेकर ब्रोकरेज ने क्या कहाCGHS Rules: ₹3,000 तक की जांच के लिए क्या जरूरी है रेफरल? सरकारी कर्मचारी-पेंशनर्स समझें नए नियम

Silicon Valley Bank crisis: SVB की विफलता से ज्यादा असर नहीं – सरकारी अधिकारी

Advertisement
Last Updated- March 12, 2023 | 10:28 PM IST
immediate measures for banking rescue

कैलिफोर्निया के ऋणदाता सिलिकॉन वैली बैंक (SVB) के पतन का भारत पर कोई व्यापक आर्थिक दीर्घकालिक क्रमिक प्रभाव नहीं होना चाहिए, सिवाय इसके कि इससे शायद स्टार्टअप क्षेत्र की तरलता प्रभावित हो जाए, जो पहले ही रकम जुटाने की कवायद में नरमी झेल रहा है। सरकारी अधिकारियों और स्वतंत्र अर्थशास्त्रियों ने यह संभावना जताई है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा कि हम देश में किसी भी व्यापक आर्थिक असर के संबंध में चिंतित नहीं हैं। घरेलू स्तर पर अदाणी के शेयरों का उतार-चढ़ाव बड़ा मसला था और फिर भी विस्तृत अर्थव्यवस्था पर इसका नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा। स्टार्टअप क्षेत्र पर संभावित प्रभाव पड़ सकता है।

शुक्रवार को सिलिकॉन वैली बैंक, जिसमें स्टार्टअपों को ऋण देना और उद्यम पूंजी फर्मों को सेवाएं प्रदान करना शामिल है, वह लेहमन ब्रदर्स के दिवालिया होने के बाद ऐसा सबसे बड़ा बैंक बन गया। लेहमन ब्रदर्स के दिवालिया होने से वर्ष 2008 का वित्तीय संकट पैदा हुआ। कैलिफोर्निया के बैंकिंग विनियामक ने बैंक बंद कर दिया और फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉर्प को रिसीवर के रूप में नियुक्त कर दिया।

बैंक की विफलता के कारणों में से एक था अमेरिकी कोषागार में इसका भारी निवेश, जिसके बारे में कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि वह निवेश 20 अरब डॉलर था। चूंकि फेडरल रिजर्व ने मुद्रास्फीति कम करने के लिए पिछले साल ब्याज दरों में इजाफा करना शुरू कर दिया, इसलिए SVB के बॉन्ड निवेश में कमी आ गई।

आर्थिक मंत्रालय के एक अन्य बड़े अधिकारी ने कहा कि हमारे लिए बहुत अधिक चिंता की बात नहीं होनी चाहिए, हालांकि हमें अभी भी यह देखना होगा कि क्या किसी भारतीय बैंक का SVB में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क था। यह उम्मीद की जा सकती है कि यह अमेरिकी फेड को अपनी ब्याज दर योजनाओं पर विचार करने के लिए मजबूर करेगा। यह एक ऐसा विचार है जिससे विश्लेषक सहमत हैं।

Advertisement
First Published - March 12, 2023 | 9:03 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement