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Schneider Electric टेमासेक से 5.5 अरब यूरो में खरीदेगी भारतीय संयुक्त उपक्रम की शेष 35% हिस्सेदारी

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कंपनी के मुख्य कार्या​धिकारी ओलिवियर ब्लम ने कहा, ‘भारत आने वाले वर्षों में श्नाइडर इलेक्ट्रिक के प्रमुख बाजारों में से एक होगा।’ 

Last Updated- July 30, 2025 | 11:22 PM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

फ्रांस की बिजली उपकरण विनिर्माता श्नाइडर द​क्षिण ए​शिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाले देश में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। इसी क्रम में श्नाइडर इलेक्ट्रिक एसई भारत में अपने संयुक्त उपक्रम में शेष 35 फीसदी हिस्सेदारी टेमासेक हो​ल्डिंग्स से खरीदेगी। यह सौदा 5.5 अरब यूरो (6.4 अरब डॉलर) में पूरी तरह नकद में होगा। 

इस सौदे से श्नाइडर को श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एसईआईपीएल) का पूर्ण स्वामित्व प्राप्त होगा। सौदा प्रतिस्पर्धा नियामक सहित अन्य नियामकों के मंजूरी पर निर्भर करेगा। श्नाइडर ने कहा कि सौदा आने वाली तिमाहियों में पूरा होने की उम्मीद है।

यह सौदा श्नाइडर की दीर्घकालिक रणनीति में महत्त्वपूर्ण कदम है। कंपनी भारत को अपने वैश्विक परिचालन का केंद्र बनाएगी तथा देश की मजबूत आर्थिक वृद्धि और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएगी।

कंपनी के मुख्य कार्या​धिकारी ओलिवियर ब्लम ने कहा, ‘भारत आने वाले वर्षों में श्नाइडर इलेक्ट्रिक के प्रमुख बाजारों में से एक होगा।’ 

श्नाइडर को आने वाले वर्षों में एसईआईपीएल की बिक्री वृद्धि दो अंक में रहने की उम्मीद है और वह भारत में अपनी क्षमता का लगभग तीन गुना विस्तार करने की योजना बना रही है। आर्थिक सहयोग और विकास संगठन के अनुमानों के अनुसार भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और इसकी वार्षिक वृद्धि दर 6 फीसदी से अधिक रहने का अनुमान है।

श्नाइडर और टेमासेक ने 2018 में संयुक्त रूप से लार्सन ऐंड टुब्रो के इलेक्ट्रिकल और ऑटोमेशन कारोबार का अधिग्रहण किया था और इसे श्नाइडर के स्थानीय परिचालन के साथ मिला दिया था। अब श्नाइडर इस संयुक्त उपक्रम में टेमासेक की शेष हिस्सेदारी खरीद रही है। संयुक्त उपक्रम बनने के बाद से ही आय के लिहाज से भारत कंपनी के लिए तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। यह इसके वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला तथा अनुसंधान एवं विकास में प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में उभरा है।

कंपनी ने कहा कि वर्ष2024 में एसईआईपीएल ने 1.8 अरब यूरो का राजस्व अर्जित किया था और श्नाइडर की सहायक कंपनियों की भारत में कुल बिक्री (निर्यात सहित) 2.5 अरब यूरो तक पहुंच गई। अधिग्रहण के बाद समूह भारत में दो ब्रांड की रणनीति के तहत काम करता है और एलऐंडटी के ब्रांड में बदलाव के बाद अब इस परिचालन को लॉरिट्ज नुडसेन के नाम से जाना जाता है।

टेमासेक के डिप्टी सीईओ चिया सोंग ह्वे ने कहा कि श्नाइडर के साथ साझेदारी ने यह दर्शाया है कि कैसे संयुक्त उपक्रम दीर्घकालिक मूल्य पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘हमें श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया के साथ साझेदारी करने का मौका मिला और हम उन्हें भारत में अग्रणी फ्रैंचाइज़ी के रूप में विकसित होते देखने के लिए उत्सुक हैं।’

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First Published - July 30, 2025 | 10:49 PM IST

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