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बच गए सत्यमाइट!

Last Updated- December 11, 2022 | 12:40 AM IST

सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज की कमान टेक महिंद्रा के हाथ में जाने पर छंटनी की आशंका से घबराए कर्मचारी यानी सत्यमाइट अब राहत की सांस ले सकते हैं।
दरअसल कंपनी मामलों का मंत्रालय अपनी ओर से तमाम कोशिशें कर रहा है, जिसकी वजह से कंपनी के ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों की नौकरी बच सकें। मंत्रालय के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि टेक महिंद्रा के साथ होने वाले सौदे में ऐसा एक प्रावधान शामिल किया जाएगा, जिसकी वजह से बड़ी तादाद में छंटनी करना मुमकिन नहीं होगा।
बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में इस पदाधिकारी ने कहा, ‘सत्यम के कर्मचारी पूरी तरह प्रशिक्षित हैं और वे ही कंपनी की असली ताकत हैं, इसलिए कोई भी प्रबंधन उन्हें हटाना नहीं चाहेगा। हम खरीदार पर पाबंदियां भी लगा रहे हैं, ताकि वह बड़े पैमाने पर छंटनी या कंपनी की संपत्तियों की बिक्री एक निश्चित समय तक नहीं कर सके।’
दरअसल ज्यादातर हलकों में माना जा रहा था कि सत्यम का नया मालिक बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को निकाल देगा, ताकि कंपनी पटरी पर आ सके। पिछली गिनती तक सत्यम में 48,000 से कुछ ज्यादा कर्मचारी थे और कई विश्लेषकों का मानना था कि जरूरत के मुकाबले 12,000 से 15,000 कर्मचारी कंपनी में ज्यादा हैं।
पदाधिकारी ने इस बात की भी पुष्टि की कि सत्यम की खरीद के लिए अमेरिकी कंपनी आईबीएम भी होड़ में थी। कुल 140 कंपनियां इसे खरीदना चाहती थीं, जिनमें से 10 को चुना गया, लेकिन 3 अर्हता मानकों पर खरी नहीं उतर सकीं। आखिर में केवल टेक महिंद्रा, लार्सन ऐंड टुब्रो और विल्बर एल रॉस ने ही बोली लगाई। सत्यम के बोर्ड ने टेक महिंद्रा की बोली को हरी झंडी दे दी, जिसमें कंपनी की कीमत 5,500 करोड़ रुपये लगाई गई थी।
यह पूछे जाने पर कि कई प्रमुख ग्राहकों के मुंह मोड़ लेने से सत्यम को परेशानी हो सकती है, पदाधिकारी ने कहा, ‘कुछ ग्राहक सत्यम से गए हैं, लेकिन कई नए ग्राहक आए भी हैं। इसलिए उनका कारोबार कम होने की बात बढ़ा चढ़ाकर कही जा रही है। वैसे भी ग्राहक हथियाना आम बात है।’
सत्यम मामले को देखते हुए कंपनी अधिनियम को नए सिरे से लिखे जाने की सरकार की मंशा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘स्थायी समिति के सामने पहुंच चुके विधेयक में वे तमाम खामियां दूर कर दी गई हैं, जिनकी वजह से सत्यम घोटाला संभव हो सका। इस विधेयक को अमली जामा पहनाने का काम अगली सरकार का है।’
नौकरी बरकरार
बड़े पैमाने पर छंटनी नहीं कर पाएगी टेक महिंद्रा
खरीद के सौदे में शामिल होगा इसका प्रावधान
सत्यम की संपत्ति बिक्री के मामले में भी पाबंदियां
सत्यम में तकरीबन 48,000 कर्मचारी
जरूरत के मुकाबले 12 से 13 हजार कर्मचारी ज्यादा

First Published - April 16, 2009 | 1:14 PM IST

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