facebookmetapixel
Advertisement
REITs vs FDs vs equities: टैक्स कटने के बाद किस निवेश में ज्यादा रिटर्न बचेगा?Trade Deficit: जुलाई में भारत का व्यापार घाटा 6 महीने के हाई पर, 31.98 अरब डॉलर पहुंचाआधार कार्ड से घर बैठे मिनटों में बनाएं अपना ई-पैन: जानें स्टेप-बाय-स्टेप पूरा ऑनलाइन प्रोसेससाइबर सुरक्षा पर साथ आए भारत-इजरायल, AI और रैंसमवेयर हमलों से निपटने के लिए बढ़ाएंगे सहयोगएयर इंडिया की सख्ती, हर पायलट को एक बार देना होगा साइकोएक्टिव पदार्थों का टेस्टभारत का कमोडिटी में बढ़ रह दबदबा! ग्लोबल इंटीग्रेशन की जरूरत; ईयरबुक भी हुई लॉन्चQ1 नतीजों से उछला टाटा ग्रुप का ये शेयर, पैसे लगाएं या नहीं? ब्रोकरेज को 47% तक तेजी की उम्मीदगाजा कैपिटल का IPO अगले हफ्ते खुलेगा, कंपनी ने तय किया प्राइस बैंड; ₹550 करोड़ जुटाने की योजनाकौन संभालेगा टाटा संस की कमान? चंद्रा के उत्तरा​धिकारी के लिए टाटा ट्रस्ट्स बनाएगा चयन समितिआईनॉक्स क्लीन एनर्जी में मोतीलाल ओसवाल समूह का बड़ा दांव, ₹1,500 करोड़ का करेगा निवेश

Brightcom के ​खिलाफ आदेश पर रोक लगाने से SAT का इनकार

Advertisement

Brightcom Group : ब्राइटकॉम ग्रुप ने रेड्डी और कंपनी के सीएफओ नारायण राजू को मुख्य पद पर तैनात होने से रोकने के सेबी के आदेश पर रोक की मांग के लिए पंचाट का दरवाजा खटखटाया था।

Last Updated- January 18, 2024 | 9:51 PM IST
SAT refuses stay on market regulator Sebi's order against Brightcom Group, Brightcom के ​खिलाफ आदेश पर रोक लगाने से SAT का इनकार

प्रतिभूति अपील पंचाट (सैट) ने ब्राइटकॉम ग्रुप के ​खिलाफ बाजार नियामक के आदेश के ​खिलाफ हस्तक्षेप करने से गुरुवार को इनकार कर दिया।

सैट में तकनीकी सदस्य मीरा स्वरूप ने कहा, ‘हालांकि जांच चल रही है, तरजीही आवंटन के 82 आवंटियों में से 22 से संबंधित लेनदेन की जांच से प्रथम दृष्टया अपीलकर्ता संख्या 2 द्वारा धन के हेरफेर के सबूत मिले हैं। अपीलकर्ताओं द्वारा मेरे समक्ष द्वारा दायर किए गए किसी भी विपरीत साक्ष्य के अभाव में, मुझे आदेश पारित करने में कोई कमी नहीं दिखती है।’

22 अगस्त 2023 के आदेश में बाजार नियामक सेबी ने ब्राइटकॉम को तत्कालीन चेयरमैन एसके रेड्डी को बाजारों से और सूचीबद्ध कंपनियों में निदेशक पद हासिल करने से वंचित कर दिया था।

ब्राइटकॉम ग्रुप ने रेड्डी और कंपनी के सीएफओ नारायण राजू को मुख्य पद पर तैनात होने से रोकने के सेबी के आदेश पर रोक की मांग के लिए पंचाट का दरवाजा खटखटाया था।

सेबी ने 21 अन्य को भी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने से प्रतिबं​धित कर दिया था, जिनमें निवेशक शंकर शर्मा भी शामिल हैं। सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अ​श्विनी भाटिया ने अपने आदेश में कहा था कि कंपनी ने गुमराह करने के इरादे से सेबी को फर्जी बैंक खाता विवरण सौंपा था।

सेबी ने पाया कि ब्राइटकॉम ने स्वयं फंडों की राउंड-ट्रिपिंग द्वारा अपने तरजीही आवंटन को वित्तपोषित किया और फर्जी तरीके से शेयर आवेदन पूंजी की प्राप्ति के लेखांकन से बहीखाता बढ़ गया। ब्राइटकॉम का शेयर अगस्त 2023 में सेबी द्वारा दिए गए आदेश के बाद से करीब 20 प्रतिशत गिरा है।

Advertisement
First Published - January 18, 2024 | 9:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement