facebookmetapixel
Advertisement
SIR में 13.4 करोड़ नाम बाहर, उत्तर भारत सबसे आगे, 11 राज्यों में पुरुषों से ज्यादा महिलाओं के नाम कटेसोना ₹1.52 लाख के करीब, चांदी ₹2.37 लाख पर; आज क्यों गिर रहे दाम?12 अरब डॉलर की पोस्को परियोजना कैसे हुई फेल? जमीन विवाद से खनन नीति तक, जानिए क्यों भारत से खाली हाथ लौटी कंपनीHUL ने तय किया 22-24% मार्जिन का लक्ष्य, निवेश बढ़ाने का भी बड़ा प्लान83 की उम्र में भी नहीं थमे अशोक सूटा, Happiest Minds बेचकर अब इस कारोबार पर बड़ा दांवदो कंपनियां खरीदने के बाद नहीं रुकेगी RPG Life, अब बड़े API कारोबार पर नजरमणिपाल हॉस्पिटल्स का बड़ा विस्तार, 2,426 नए बेड जोड़ने की तैयारी20,000 से 60,000 टन! HEG ने बनाया बड़ा विस्तार प्लान, खर्च होंगे ₹5,500 करोड़प्रणव कंस्ट्रक्शंस आईपीओ में पैसा लगाने का मौका! जानें लिस्टिंग, लॉट और निवेश की पूरी जानकारीहर महीने 16,000 से ज्यादा बिकती है बलेनो, अब मारुति ने बनाया नया प्लान

रिलायंस कृष्णा-गोदावरी गैस पाइपलाइन जल्द होगी शुरू

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 4:26 PM IST

कृष्णा-गोदावरी घाटी से निकाल कर रिलायंस इंडस्ट्रीज तक गैस पहुंचाने का काम काफी तेजी से चल रहा है। पूर्व-पश्चिम को जोड़ने वाली यह पाइपलाइन आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा से गुजरात के भरूच तक फैली हुई है। उम्मीद है कि अगले तीन महीनों में  गैस पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो जाएगा।
कंपनी के वरिष्ठ कार्यकारी का कहना है कि कंपनी ने मई के दूसरे सप्ताह तक 1,440 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के काम को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। उनके अनुसार, ‘इस पूरी पाइपलाइन के लिए सिविल और यांत्रिक कार्य लगभग पूरा होने वाला है। इसके बाद हम गैस परिवहन से पहले कुछ परीक्षण करेंगे।’
48 इंच व्यास वाली पूर्व को पश्चिम से जोड़ते हुए यह पाइपलाइन देश की सबसे लंबी पाइपलाइन है जो आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात से हो कर गुजरती है। अधिकारियों का कहना है कि इस पाइपलाइन का तीन चरणों में परीक्षण किया जाएगा, सबसे पहला गुजरात के भरूच और महाराष्ट्र में छोटे हिस्से और उसके बाद महारारूट्र से कर्नाटक और आखिर में कर्नाटक से काकीनाड़ा तक जहां से पाइपलाइ शुरू होती है।
जब कृष्णा गोदावरी घाटी में मौजूद गैस की जानकारी मिली उसके तुरंत बाद ही 2005 में इस पाइपलाइन को बिछाने का काम शुरू कर दिया गया, जिसमें चीन से बुलाए गए कुशल कर्मचारियों को मिला कर कुल 1500 लोग काम में लगे हुए थे।
कंपनी के प्रवक्ता ने अपनी प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया। वहीं पहले छपे लेखों में बताया गया था कि रिलायंस इंडस्ट्री जामनगर में चल रहे अपने रिफायनरी के कार्य के पूरा होने तक गैस पाइपलाइन परियोजना को थोड़ा धीमे कर सकती है।
सूत्रों के मुताबिक उम्मीद की जा सकती है कि कंपनी साल के मध्य से अपनी गैस परियोजना को चालू कर दे और 2008 के अंत तक रिफायनरी का काम भी पूरा होने की उम्मीद है।
कंपनी के ही एक अन्य कार्यकारी अधिकारी का कहना है कि रिफायनरी के पूरी तरह शुरू करने में 6 से 8 महीने का समय लग सकता है, क्योंकि यह दुनिया की सबसे बड़ी रिफायनरी है, जिसमें एक ही स्थान पर 30 से 40 विभिन्न यूनिट भी शामिल हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने गुजरात स्टेट पेट्रोनेट (जीएसपीएल) के साथ समझौता हुई है, जिसके तहत भरूच के भड़भूत से रिलायंस रिफायनरी तक और जामनगर के पेट्रोकैमिकल कॉम्पलेक्स तक उसे गैस पहुंचानी होगी। रिलायंस से गैस प्राप्त करने के बाद जीएसपीएल भरूच और राजकोट के बीच इसी पाइपलाइन का और जामनगर तक नई बिछाई गई पाइपलाइन का इस्तेमाल करते हुए गैस को वहां तक पहुंचाएगा।

Advertisement
First Published - March 4, 2008 | 8:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement