facebookmetapixel
Advertisement
Editorial: सरकारी आंकड़ों के लिए देश का पहला AI चालित साझा डेटा मंच बेहद जरूरी कदमविकसित भारत के लिए नीतियों और अभियानों से ज्यादा गतिशील संस्थाओं की जरूरतIBC में हितों का टकराव: खुद फैसला लेने वाले वित्तीय ऋणदाताओं को फायदा, परिचालन ऋणदाता बेआवाजShare Market: Sensex 250 अंक टूटा, Iran-US तनाव और IT शेयरों ने बिगाड़ा खेलSIP मतलब भरोसा! अब निवेशक नहीं घबराते, सालों तक बनाए रखते हैं निवेशखरीफ बुआई पर मॉनसून की मार, सोयाबीन का रकबा 65% घटा; खाद्य तेल के दाम बढ़ने का खतराITR Deadline: सिर्फ 31 तारीख ही नहीं, जुलाई के महीने में टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी हैं ये तारीखें भीAxis MF ने लॉन्च किया ‘Axis Account Plus’, कंपनियां अब खाली पड़े पैसे पर भी कमा सकेंगी रिटर्नबाहरी खतरों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत, लेकिन हर जोखिम पर रहेगी पैनी नजर: संजय मल्होत्राRBI FSR 2026: बाहरी झटकों के बावजूद घरेलू फाइनैंशियल सिस्टम मजबूत, AI आधारित साइबर हमले सबसे बड़ा खतरा

रिलायंस कृष्णा-गोदावरी गैस पाइपलाइन जल्द होगी शुरू

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 4:26 PM IST

कृष्णा-गोदावरी घाटी से निकाल कर रिलायंस इंडस्ट्रीज तक गैस पहुंचाने का काम काफी तेजी से चल रहा है। पूर्व-पश्चिम को जोड़ने वाली यह पाइपलाइन आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा से गुजरात के भरूच तक फैली हुई है। उम्मीद है कि अगले तीन महीनों में  गैस पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो जाएगा।
कंपनी के वरिष्ठ कार्यकारी का कहना है कि कंपनी ने मई के दूसरे सप्ताह तक 1,440 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के काम को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। उनके अनुसार, ‘इस पूरी पाइपलाइन के लिए सिविल और यांत्रिक कार्य लगभग पूरा होने वाला है। इसके बाद हम गैस परिवहन से पहले कुछ परीक्षण करेंगे।’
48 इंच व्यास वाली पूर्व को पश्चिम से जोड़ते हुए यह पाइपलाइन देश की सबसे लंबी पाइपलाइन है जो आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात से हो कर गुजरती है। अधिकारियों का कहना है कि इस पाइपलाइन का तीन चरणों में परीक्षण किया जाएगा, सबसे पहला गुजरात के भरूच और महाराष्ट्र में छोटे हिस्से और उसके बाद महारारूट्र से कर्नाटक और आखिर में कर्नाटक से काकीनाड़ा तक जहां से पाइपलाइ शुरू होती है।
जब कृष्णा गोदावरी घाटी में मौजूद गैस की जानकारी मिली उसके तुरंत बाद ही 2005 में इस पाइपलाइन को बिछाने का काम शुरू कर दिया गया, जिसमें चीन से बुलाए गए कुशल कर्मचारियों को मिला कर कुल 1500 लोग काम में लगे हुए थे।
कंपनी के प्रवक्ता ने अपनी प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया। वहीं पहले छपे लेखों में बताया गया था कि रिलायंस इंडस्ट्री जामनगर में चल रहे अपने रिफायनरी के कार्य के पूरा होने तक गैस पाइपलाइन परियोजना को थोड़ा धीमे कर सकती है।
सूत्रों के मुताबिक उम्मीद की जा सकती है कि कंपनी साल के मध्य से अपनी गैस परियोजना को चालू कर दे और 2008 के अंत तक रिफायनरी का काम भी पूरा होने की उम्मीद है।
कंपनी के ही एक अन्य कार्यकारी अधिकारी का कहना है कि रिफायनरी के पूरी तरह शुरू करने में 6 से 8 महीने का समय लग सकता है, क्योंकि यह दुनिया की सबसे बड़ी रिफायनरी है, जिसमें एक ही स्थान पर 30 से 40 विभिन्न यूनिट भी शामिल हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने गुजरात स्टेट पेट्रोनेट (जीएसपीएल) के साथ समझौता हुई है, जिसके तहत भरूच के भड़भूत से रिलायंस रिफायनरी तक और जामनगर के पेट्रोकैमिकल कॉम्पलेक्स तक उसे गैस पहुंचानी होगी। रिलायंस से गैस प्राप्त करने के बाद जीएसपीएल भरूच और राजकोट के बीच इसी पाइपलाइन का और जामनगर तक नई बिछाई गई पाइपलाइन का इस्तेमाल करते हुए गैस को वहां तक पहुंचाएगा।

Advertisement
First Published - March 4, 2008 | 8:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement