facebookmetapixel
Advertisement
लाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौती

मुंबई बना भारत का सबसे महंगा ऑफिस मार्केट, 2025 तक किराये में 28% उछाल; बाकी शहरों का क्या है हाल?

Advertisement

संपत्ति सलाहकार फर्म एनारॉक समूह के मुताबिक 2022-2025 अवधि के दौरान MMR में ऑफिस किराये में सबसे अधिक 28 फीसदी इजाफा हुआ है।

Last Updated- May 23, 2025 | 4:22 PM IST
commercial real estate India
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

ग्लोबल आर्थिक उथल-पुथल और अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का कमर्शियल रियल एस्टेट मार्केट तेजी की राह पर है। प्रमुख महानगरों में ऑफिस किराये में अच्छी बढ़ोतरी देखी जा रही है क्योंकि व्यवसाय पूरी तरह से ऑफिस लाइफ में वापसी कर रहे हैं। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) ऑफिस की मांग बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

किस शहर में सबसे अधिक बढ़ा ऑफिस किराया?

इस साल मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन(MMR) में ऑफिस किराये में सबसे अधिक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। संपत्ति सलाहकार फर्म एनारॉक समूह के मुताबिक 2022-2025 अवधि के दौरान MMR में ऑफिस किराये में सबसे अधिक 28 फीसदी इजाफा हुआ है। 2022 में यहां ऑफिस किराया 131 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह था, जो 2025 में बढ़कर 168 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह हो गया है। एनारॉक ग्रुप के एमडी (कमर्शियल लीजिंग एंड एडवाइजरी) पीयूष जैन कहते हैं, “विशेष रूप से अमेरिका, जो काफी हद तक व्यावसायिक नीति अनिश्चितता देख रहा है ऐसे में भारत अन्य सभी देशों से आगे हैं। भारत की कुल ऑफिस स्पेस लीजिंग में 45 फीसदी हिस्सेदारी है।

मुंबई में यूएस-आधारित बैंक बीएफएसआई लीजिंग में 48 फीसदी तक का योगदान देते हैं। अमेरिकी कंपनियों की प्राइम इंडियन ग्रेड ए ऑफिस स्पेस के लिए चाहत कम नहीं हुई है। 2022 से 2025 तक महामारी के बाद के प्रीमियम ऑफिस स्पेस की मांग विशेष रूप से MMR, दिल्ली NCR और हैदराबाद जैसे शहरों में लगातार बढ़ रही है। MMR भारत में सबसे महंगा कमर्शियल मार्केट बनकर उभरा है, जहां किराये का मूल्य 28 फीसदी बढ़ गया है। इस मार्केट में 2022 में किराया 131 रुपये था, जो 2025 में बढ़कर 168 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति महीना हो गया। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी), लोअर परेल और अंधेरी ईस्ट जैसे प्रमुख सूक्ष्म बाजार वित्त, आईटी/आईटीईएस और स्टार्टअप क्षेत्रों से मांग मजबूत बनी हुई है।

Also Read: 2025 में क्रिकेटर्स ने रियल एस्टेट में झोंके करोड़ों! इन 4 दिग्गजों ने 65 करोड़ तक की खरीद डाली प्रॉपर्टी

बड़े शहरों में कितना बढ़ा ऑफिस किराया?

दिल्ली-NCR में ऑफिस किराये में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है। एनारॉक के मुताबिक दिल्ली-NCR के ऑफिस मार्केट में 2022 की तुलना में किराये में 20 फीसदी इजाफा हुआ है। 2022 में ऑफिस किराया 92 रुपये था, 2025 में यह बढ़कर 110 प्रति वर्ग फुट प्रति महीना हो गया है। दिल्ली-NCR में ऑफिस किराया बढ़ने की मुख्य वजह बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का विकास और नोएडा व गुरुग्राम में ऑफिस की बढ़ती मांग है। टेक सिटी बेंगलूरु में ऑफिस किराये में 15.8 फीसदी, पुणे और चेन्नई में  क्रमशः 11.1 फीसदी और 9.1 फीसदी किराये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हैदराबाद में भी 2022 से 2025 के बीच ऑफिस किराया 58 रुपये से बढ़कर 72 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति महीना हो गया है।

GCC से मिल रहा है ऑफिस मार्केट को दम

कोरोना महामारी के कारण थोड़े समय के ठहराव के बाद भारत का कमर्शियल रियल एस्टेट मार्केट तेजी से ठीक होने से एक नए विकास चरण में प्रवेश कर गया है। कंपनियां प्रमुख व्यावसायिक जिलों में अपनी उपस्थिति को दोगुना कर रही हैं। इसका परिणाम ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), टेक दिग्गजों और BFSI लीडर के मिश्रण से प्रेरित ग्रेड A ऑफिस स्पेस की मांग में उछाल देखने को मिला है।  जैन कहते हैं, “GCC भारत के ऑफिस लीजिंग परिदृश्य में सबसे बड़ा परिवर्तन चालक बन गए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारे डेटा से पता चलता है कि 2025 की अकेली पहली तिमाही में GCC ने 83.5 लाख वर्ग फुट की चौकाने वाली लीजिंग दी। जिसमें दिल्ली-NCR ने उस मांग का लगभग 23 फीसदी हिस्सा हासिल किया। साथ ही पिछले दो वर्षों में शीर्ष 7 शहरों में सभी ऑफिस लीजिंग का 37 फीसदी से अधिक हिस्सा लिया है, जो देश के महानगरीय व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का संकेत देता है।”

Also Read: Maharashtra Cabinet: नई आवास नीति की घोषणा, 70,000 करोड़ रुपये का निवेश

रेंटल यील्ड और निवेशकों का भरोसा

देश में कमर्शियल ऑफिस किराये में लगातार बढ़ोतरी से रेंटल यील्ड में सुधार हो रहा है खासतौर पर हैदराबाद व दिल्ली NCR जैसे शहरों में, जहां पूंजी मूल्य प्रतिस्पर्धी बने हुए हैं। REITs के बढ़ते चलन और ऑफिस मांग के महामारी से पहले के स्तर पर वापस आने के साथ वैश्विक चुनौतियों के बावजूद कमर्शियल क्षेत्र में निवेशकों की भावना आशावादी बनी हुई है।

पीयूष जैन कहते हैं  कि हाइब्रिड वर्क मॉडल परिपक्व हो गया है ऑफिस से दूर जाने के रूप में नहीं, बल्कि भौतिक और लचीले स्थानों के रणनीतिक मिश्रण के रूप में। इस विकास ने विशेष रूप से टेक पार्क, को-वर्किंग हब और SEZ में एक मजबूत लीजिंग पाइपलाइन सुनिश्चित की है। जैसे-जैसे प्रमुख माइक्रो-मार्केट में मांग आपूर्ति से आगे निकल रही है और भारत वैश्विक आउटसोर्सिंग पावरहाउस के रूप में अपनी स्थिति को बढ़ा रहा है। जिससे ऑफिस किराया लगातार बढ़ता रहेगा।

Advertisement
First Published - May 23, 2025 | 3:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement