facebookmetapixel
Netflix के भारत में 10 साल: कैसे स्ट्रीमिंग ने भारतीय मनोरंजन उद्योग की पूरी तस्वीर बदल दीEditorial: ट्रंप की नई टैरिफ धमकी से भारत-अमेरिका व्यापार रिश्तों पर गहराया संकटट्रंप को धन्यवाद कि उनकी वजह से वापस आए सुधार‘VB-G Ram Ji’ कानून के बचाव में उतरेंगे केंद्रीय मंत्री और BJP के नेता, विपक्ष के अभियान को देंगे जवाबApple की बड़ी छलांग: भारत से आईफोन निर्यात पहली बार ₹2 लाख करोड़ के पार, PLI स्कीम का असरऑफिस से फैक्ट्री तक कर्मचारियों को पहुंचाने पर उबर का फोकस, कंपनी को दिख रहा यहां बड़ा अवसरबड़े दावे, सीमित नतीजे: AI के दौर में भी कई GCC सिर्फ कॉस्ट सेंटर बनकर रह गए, वैल्यू क्रिएशन से कोसों दूरदोपहिया उद्योग को 2026 में 9 फीसदी तक की ग्रोथ की उम्मीद, GST कटौती के चलते मांग बढ़ने के आसार2032 तक 3-नैनोमीटर चिप बनाएगा भारत, सेमीकंडक्टर महाशक्ति बनने की हमारी तैयारी: वैष्णवरिकॉर्ड निवेश और मजबूत रिटर्न: सोना-चांदी की तेजी से 2025 में भी मल्टी-ऐसेट फंडों ने दिखाया जलवा

आरकॉम का लाइसेंस रद्द होगा

Last Updated- December 12, 2022 | 2:26 AM IST

भुगतान में चूक पर दूरसंचार विभाग अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस का लाइसेंस रद्द करने की ओर बढ़ रहा है। समझा जाता है कि प्रक्रिया के मुताबिक लाइसेंस रद्द करने से पहले विभाग उस कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा।
अधिकारी के मुताबिक, लाइसेंस करार के उपबंध सरकार को कंपनी का लाइसेंस रद्द करने का अधिकार देते हैं। इस महीने कंपनी के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने एनसीएलटी के मुंबई पीठ को सूचित किया था कि अगर दूरसंचार विभाग लाइसेंस रद्द करता है तो आरकॉम की दिवालिया प्रक्रिया अधर में लटक जाएगी।
अगस्त 2020 में दूरसंचार विभाग ने एनसीएलटी से संपर्क कर कहा था कि आरकॉम व उसकी सहायक रिलायंस टेलिकॉम के समाधान का हिस्सा स्पेक्ट्रम नहीं होना चाहिए। दूरसंचार विभाग ने अपने एतराज का ब्योरा देते हुए शपथपत्र जमा कराया था, जिसमेंं कहा गया था कि समाधान प्रक्रिया के तहत स्पेक्ट्रम की बिक्री नहीं हो सकती।
आरकॉम के पास देशव्यापी लाइसेंस और 22 में से 14 सर्कल में 850 मेगाहट्र्ज बैंड मेंं स्पेक्ट्रम है। मार्च 2020 में कंपनी की लेनदारों की समिति ने समाधान प्रक्रिया को मंजूरी दी थी, जिसके तहत यूवी ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी 12,760 करोड़ रुपये में कंपनी का स्पेक्ट्रम खरीदेगी, जिसका भुगतान 12 वर्ष में होगा और इसके तहत 5 करोड़ रुपये अग्रिम भुगतान किए जाएंगे। यह दिवालिया संहिता की कार्यवाही के तहत हुआ था।
आरकॉम पर लेनदारों का 49,054 करोड़ रुपये बकाया है जबकि सरकारी अनुमान के मुताबिक स्पेक्ट्रम यूजेज चार्ज व लाइसेंस शुल्क के तौर पर दूरसंचार विभाग का 25,199 करोड़ रुपये बकाया है।
यूवी ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी और रिलायंस जियो ने कुल मिलाकर इसकी परिसंपत्तियों के लिए 20,000 करोड़ रुपये की पेशकश की है। दोनों कंपनियां आरकॉम के स्पेक्ट्रम, रियल एस्टेट, एंटरप्राइज, टावर और डेटा सेंटर कारोबार की सफल बोलीदाता हैं।
आरकॉम व रिलायंस टेलिकॉम की समाधान योजना को एनसीएलटी ने अभी मंजूरी नहीं दी है। रिलायंस इन्फ्राटेल के तहत टावर की बिक्री रिलायंस जियो की इकाई को करीब 5,000 करोड़ रुपये में करने की मंजूरी दे दी गई है।
आरकॉम व उसकी दो इकाइयों रिलायंस टेलिकॉम व रिलायंस इन्फ्राटेल की परिसंपत्तियों की बिक्री से 20,000-23,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। स्पेक्ट्रम के अलावा बिक्री वाली परिसंपत्तियों में टावर, फाइबर, एंटरप्राइज कारोबार, डेटा सेंटर व जमीन शामिल है।
आईबीसी के तहत लेनदारों का दावा 57,000 करोड़ रुपये का है। लेकिन परिचालक लेनदार के तौर पर डॉट अपने बकाए का एक हिस्सा ही रिकवर कर पाएगा, जब भी आईबीसी के तहत इन परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण होगा।

First Published - July 26, 2021 | 12:07 AM IST

संबंधित पोस्ट