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क्विक कॉमर्स फर्में कर रहीं ब्रांडों को आकर्षित

Last Updated- February 27, 2023 | 1:26 AM IST
Zomato

खासा सक्रिय रहने के बाद सुस्त पड़ता समझा जाने वाला ‘क्विक कॉमर्स’ राजस्व अर्जित करने वाले कारोबार के रूप में उबर कर सामने आ सकता है।

हाल ही में जोमैटो द्वारा साझा किए गए ब्लिंकइट के आंकड़े इसकी एक मिसाल हैं। प्रति ऑर्डर राजस्व में इजाफे की वजह से वित्त वर्ष 23 की तीसरी तिमाही के दौरान तिमाही आधार पर कुल 28 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि हुई है। इसके अलावा कंपनी का विज्ञापन प्रारूप भी इसे सहायता प्रदान कर रहा है।

तीसरी तिमाही के परिणाम में ब्लिंकइट के मुख्य कार्याधिकारी अलबिंदर ढींडसा ने कहा कि विज्ञापन और जुड़ाव के लिहाज से यह प्लेटफॉर्म 500 से अधिक ब्रांडों के लिए पसंदीदा स्थान बन गया है।

उन्होंने कहा कि बड़े और उभरते ये ब्रांड, ब्रांड जागरूकता निर्माण और प्रदर्शनगत विज्ञापन के साथ प्लेटफॉर्म पर अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए हमारा इस्तेमाल करते हैं।

जोमैटो के स्वामित्व वाली ब्लिंकइट ब्रांड-केंद्रित दृष्टिकोण पर दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने वाली शुरुआती कंपनियों में से एक है। इसके प्रबंधन का मानना है कि आगे चलकर विज्ञापन आय इसके राजस्व का प्रमुख चालक होगी।

दिसंबर 2022 में अपना खुद का सेल्फ-सर्व विज्ञापन प्लेटफॉर्म – ‘ब्लिंकिट ब्रांड सेंट्रल’ पेश करने के बाद फर्म ने कस्टम पेज बनाने और उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए अपने ऐप पर ब्रांडों के लिए एक सुविधा भी शुरू की है।

‘ब्रांड स्टोर्स’ का उपयोग करते हुए विक्रेता उत्पादों के तत्काल प्रदर्शन पर निगाह रख सकते हैं, उन्हें विशेष रूप से प्रदर्शित कर सकते हैं और अपने स्वयं के डिजाइन बना सकते हैं। ब्रांड अपने पेज के प्रदर्शन से संबंधित तत्काल विश्लेषण भी कर सकते हैं और प्रासंगिकता या ग्राहक की पसंद के अनुसार सामग्री और अनुभाग भी बना सकते हैं।

प्लेटफॉर्म और ब्रांड दोनों के लिए ही यह फायदे का सौदा साबित हो रहा है। क्विक कॉमर्स के मामले में एक बात यह है कि किराने का सामान, दौनिक उपभोग वाली वस्तुएं (एफएमसीजी), इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि जैसी कम भागीदारी वाले उत्पादों कि दिशा में भी यह क्षेत्र कमर कस रहा है।

पारले प्रोडक्ट्स के वरिष्ठ श्रेणी प्रमुख मयंक शाह ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया ‘हालांकि किवक कॉमर्स कारोबार में छूट ज्यादा नहीं है, लेकिन हमने बिस्कुट और नमकीन के लिए अच्छा आकर्षण देखा है।’ उन्होंने कहा कि इन प्लेटफॉर्म पर दामों के जिस स्तर पर मांग ज्यादा है, वह 20 और 70 रुपये के बीच है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पारले उत्पादों की बिक्री में क्विक कॉमर्स का योगदान एक प्रतिशत है।

पेप्सिको इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि आसान पहुंच और तेजी से डिलिवरी पर ध्यान दिए जाने से खपत का ऐसा नया स्वरूप बन रहा है, जो उपभोक्ताओं को एक क्लिक पर उनकी ईच्छा पूरा करने और जरूरी चीजों का दोबारा स्टॉक  करने की अनुमति प्रदान करता है।

First Published - February 27, 2023 | 1:26 AM IST

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