पैनेसिया बायोटेक द्वारा आज उत्पादन शुरू करने की घोषणा किए जाने के साथ ही स्पूतनिक वी टीके का भारतीय उत्पादन शुरू हो गया। कंपनी के बद्दी संयंत्र से उत्पादित पहले बैच को गुणवत्ता नियंत्रण के लिए गमालेया सेंटर भेजा जाएगा। रूस के सॉवरिन वेल्थ फंड रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) ने यह खुलासा किया है।
आरडीआईएफ ने कहा है, ‘पूरी क्षमता के साथ इस टीके का उत्पादन इसी गर्मी में शुरू होने वाला है। कंपनी का संयंत्र जीएमपी मानकों का अनुपालन करता है और वह डब्ल्यूएचओ द्वारा पात्रता पहले ही हासिल कर चुका है।’ पैनेसिया स्पूतनिक वी टीके की 10 करोड़ खुराक का उत्पादन करेगी।
रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड के सीईओ किरिल दिमित्रीव ने कहा, ‘पैनेसिया बायोटेक के साथ साझेदारी के तहत भारत में स्पूतनिक वी के उत्पादन की शुरुआत इस वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई में देश की मदद करने की ओर बढ़ाया गया एक महत्त्वपूर्ण कदम है। स्पूतनिक वी के उत्पादन से भारत के अधिकारियों को कोरोनावायरस के गंभीर चरण को जल्द से जल्द रोकने में मदद मिलेगी। यहां से उत्पादित टीके का निर्यात भी किया जाएगा ताकि दुनिया के अन्य देशों में इस वायरस के प्रसार को रोकने में मदद मिल सके।’
अप्रैल में आरडीआईएफ और पैनेसिया ने कहा था कि पैनेसिया बायोटेक वैश्विक बाजार के लिए स्पूतनिक वी टीके की 10 करोड़ खुराक का उत्पादन करेगी। इस प्रकार पैनेसिया के संयंत्रों में इस टीके का उत्पादन आरडीआईएफ की वैश्विक प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए होने की उम्मीद है न कि भारत के लिए।
इस बाबत जानकारी के लिए बार-बार प्रयास किए जाने के बावजूद पैनेसिया बायोटेक से संपर्क नहीं हो सका जबकि आरडीआईएफ को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं आया।
आरडीआईएफ और भारत में उसके विपणन एवं वितरण साझेदार डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज ने कहा कि भारत के लिए स्पूतनिक वी की सालाना 25 करोड़ खुराक उत्पलब्ध होगी। आरडीआईएफ ने भारत में स्पूतनिक वी के उत्पादन को बढ़ाकर करीब 85 करोड़ खुराक करने के लिए कई भारतीय कंपनियों के साथ करार किया है। आरडीआईएफ के भारतीय विनिर्माण साझेदारों में स्टेलिस फार्मा, हेटेरो, ग्लैंड फार्मा, विरचो ग्रुप आदि शामिल हैं।