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उत्पाद व लागत में अंतर की तेजी जारी रहेगी

Last Updated- December 12, 2022 | 5:01 AM IST

बीएस बातचीत
इस्पात कीमतों में आई तेजी से लाभान्वित होने वाली कंपनियों में टाटा स्टील भी शामिल है। कंपनी अपना ऋण बोझ घटाने को प्राथमिकता दे रही है और वित्त वर्ष 2021 में उसने अपने शुद्ध ऋण बोझ को 29,309 करोड़ रुपये हल्का किया है। टाटा स्टील के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी कौशिक चटर्जी ने ईशिता आयान दत्त से बातचीत में कहा कि एंटरप्राइज रणनीति के तौर पर बहीखाते को मजबूती देना जारी रहेगी और ऋण बोझ में 1 अरब डॉलर की कमी न्यूनतम मानक है न कि अधिकतम क्षमता। पेश हैं मुख्य अंश:
क्या इस्पात और कच्चे माल की लागत में मौजूदा अंतर दुनिया में अब तक का बेहतरीन है? क्या अभी यह रुझान जारी रहेगा?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह अंतर निश्चित तौर अपनी ऐतिहासिक ऊंचाई पर है। लेकिन इसे इस परिप्रेक्ष्य में देखने की जरूरत है कि यह महज चक्रीय प्रभाव नहीं है। पिछली कुछ तिमाहियों से उद्योग में हम कुछ ढांचागत रुझानों को देख रहे हैं। उनमें एक बुनियादी रुझान है आपूर्ति की किल्लत क्योंकि विशेष रूप से चीन में पर्यावरण संबंधी नीतियों और उत्सर्जन मानकों के कारण उत्पादन क्षमता को युक्तिसंगत बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। ऐसा न केवल चीन में बल्बि जापान और यूरोपीय संघ में भी देखा जा रहा है। इससे आपूर्ति किल्लत की समस्या पैदा हो गई है। इसे चक्रीय घटना के बजाय कहीं अधिक ढांचागत रुझान बनने के आसार हैं क्योंकि चीन की जो क्षमताएं बंद हो रही हैं उसके सुचारु होने की संभावना नहीं है। पिछली कुछ तिमाहियों के दौरान वैश्विक स्तर पर मांग में जबरदस्त तेजी के बीच उत्पाद एवं कच्चे माल की लागत में अंतर काफी बढ़ गया और निकट भविष्य में यह अपने ऐतिहासिक औसत से ऊपर बरकरार रहेगा।

टाटा स्टील ने चौथी तिमाही में इस्पात कीमतों में तेजी के कारण दमदार प्रदर्शन किया। अगली दो तिमाहियों के लिए परिदृश्य कैसा दिख रहा है?
वैश्विक इस्पात उद्योग की मांग में जबरदस्त तेजी दिख रही है और इस्पात की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भी उसकी झलक मिल रही है। कोविड से संबंधित कोई अप्रत्याशित व्यवधान न हो तो आगामी तिमाहियों में हम बेहतर प्रदर्शन के रुझान को जारी रखेंगे।

यूरोपीय बाजार काफी दमदार है और चौथी तिमाही में टाटा स्टील यूरोप का एबिटा भी सकारात्मक रहा है। आगे का परिदृश्य कैसा दिख रहा है?
पिछली तिमाही के दौरान इस्पात और कच्चे माल की लागत में अंतर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आगामी तिमाहियों के दौरान टाटा स्टील यूरोप के कारोबार में भी उसे महसूस किया जा सकता है। नीदरलैंड और ब्रिटेन को अलग करने से भी हमें ढांचागत तौर पर लागत कम करने में मदद मिलेगी। इससे लाभप्रदता और नकदी प्रवाह के लिए स्थानीय प्रबंधन की जबावदेही बढ़ेगी।

आपने दक्षिण पूर्व एशियाई (एसईए) कारोबार को बेचने की योजना बनाई थी। क्या अब भी आप यूरोपीय कारोबार को बेचना चाहते हैं?
फिलहाल दक्षिण पूर्व एशियाई अथव यूरोपीय कारोबार के लिए कोई ढांचागत प्रक्रिया नहीं चल रही है। अभी हम यूरोप और दक्षिण पूर्व एशियाई दोनों कारोबार के प्रर्दशन में सुधार लाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। भविष्य में रणनीतिक पोर्टफोलियो संबंधी मुद्दों पर निश्चित तौर पर उपयुक्त समय और अवसर आने पर गौर किया जाएगा।

वित्त वर्ष 2021 में टाटा स्टील ने अपने शुद्ध ऋण बोझ में 29,390 करोड़ रुपये की कमी की है लेकिन चालू वर्ष के लिए 1 अरब डॉलर का लक्ष्य रखा गया है। ऐसा क्यों?
मैं दोहराना चाहूंगा कि ऋण बोझ घटाने की हमारी नीति कम से कम 1 अरब डॉलर यानी 7,500 करोड़ रुपये सालाना की है। मैं यह भी उजागर करना चाहूंगा कि एक एंटरप्राइज रणनीति के तौर पर बहीखाते को मजबूती देना जारी रहेगा। इसलिए, आपके सवाल का उत्तर यह है कि ऋण बोझ में 1 अरब डॉलर की कमी न्यूनतम मानक है न कि अधिकतम क्षमता।

First Published - May 9, 2021 | 11:35 PM IST

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