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Reliance के राजस्व पर दबाव! पहली तिमाही में प्रॉफिट कम रहने के अनुमान

आरआईएल का समेकित एबिटा पहली तिमाही में सालाना आधार पर 5 प्रतिशत तक घटकर 38,169 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो एक साल पहले 40,179 करोड़ रुपये था।

Last Updated- July 11, 2023 | 10:27 PM IST
Reliance Mcap

इक्विटी निवेशकों को रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के वित्त वर्ष 2024 की अप्रैल-जून तिमाही प्रदर्शन से बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। कई ब्रोकरों का मानना है कि कंपनी अपने तेल-रसायन (ओ2सी) खंड के कमजोर प्रदर्शन की वजह से पहली तिमाही के दौरान राजस्व और शुद्ध लाभ में सालाना और तिमाही आधार पर दबाव का सामना कर सकती है। ओ2सी खंड में रिफाइनिंग और पेट्रो-रसायन व्यवसाय शामिल हैं जिनका कंपनी के राजस्व और मुनाफे में करीब 50 प्रतिशत योगदान रहा है।

पहली तिमाही में आरआईएल के कमजोर प्रदर्शन से संपूर्ण कॉरपोरेट आय और इक्विटी बाजारों पर दबाव पड़ सकता है, क्योंकि कंपनी राजस्व, लाभ और सूचीबद्ध क्षेत्र में बाजार पूंजीकरण के संदर्भ में शीर्ष पर है।

आरआईएल का समेकित शुद्ध लाभ घटने का अनुमान

ब्रोकरेज के आय अनुमानों के अनुसार, आरआईएल का समेकित शुद्ध लाभ (असाधारण लाभ और नुकसान के समायोजन सहित) एक साल पहले (17,955 करोड़ रुपये) की तुलना में वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में 8.3 प्रतिशत घटकर 16,466 करोड़ रुपये रह जाने का अनुमान है।

समान अवधि में, उसकी शुद्ध बिक्री सालाना आधार पर 7.3 प्रतिशत तक घटकर 2.03 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो एक साल पहले 2.19 लाख करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में आरआईएल का अनुमानित शुद्ध लाभ मार्च में समाप्त तिमाही के 19,299 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ की तुलना में करीब 14.7 प्रतिशत कम रहेगा, जबकि उसकी शुद्ध बिक्री तिमाही आधार पर 4.5 प्रतिशत तक घटने का अनुमान है।

दिसंबर 2020 की तिमाही के बाद से यह आरआईएल की शुद्ध बिक्री में सालाना आधार पर पहली और सितंबर 2020 की तिमाही के बाद से कंपनी के शुद्ध लाभ में सबसे बड़ी गिरावट होगी।

यह अनुमान पांच ब्रोकरों कंपनियों के अनुमानों के विश्लेषण के अनुसार

इससे पहले, कंपनी का समेकित समायोजित शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2023 की दूसरी और वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही में लगातार दो तिमाहियों तक घटा।
ब्रोकरों ने कमजोर सकल रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम) की वजह से भी वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही के दौरान आरआईएल का लाभ या एबिटा घटने का अनुमान जताया है।

आरआईएल का समेकित एबिटा पहली तिमाही में सालाना आधार पर 5 प्रतिशत तक घटकर 38,169 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो एक साल पहले 40,179 करोड़ रुपये था। तुलनात्मक तौर पर, कंपनी ने वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में 41,389 करोड़ रुपये का सर्वाधिक तिमाही एबिटा दर्ज किया।

यह विश्लेषण बोफा सिक्योरिटीज, मॉर्गन स्टैनली रिसर्च, मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज, कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज और एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज द्वारा रिलायंस इंडस्ट्रीज के जताए गए वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही के आय अनुमानों पर आधारित है। निर्णायक अनुमान इन पांच ब्रोकरों के अनुमानों का औसत है।

बोफा सिक्योरिटीज के सचिन सालगांवकर और शलव साकेत ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए अपने जून तिमाही के आय अनुमानों के बारे में लिखा है, ‘हमें अनुमान है कि आरआईएल का राजस्व/एबिटा वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में घट सकता है। हमारा मानना है कि कमजोर जीआरएम की वजह से ओ2सी एबिटा तिमाही आधार पर 6.1 प्रतिशत घट जाएगा।’ वहीं एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज के विश्लेषक रिलायंस इंडस्ट्रीज पर उत्साहित हैं।

First Published - July 11, 2023 | 10:27 PM IST

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