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देश का सबसे बड़ा आईपीओ लाएगी पेटीएम!

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Last Updated- December 12, 2022 | 4:22 AM IST

डिजिटल भुगतान सेवा देने वाली पेटीएम इसी साल अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी में है, जिसके जरिये करीब 22,000 करोड़ रुपये जुटाने की उसकी योजना है। कंपनी की कीमत करीब 16 अरब डॉलर आंकी गई है। खबरों के मुताबिक पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 इस आईपीओ को औपचारिक मंजूरी देने के लिए शुक्रवार को बोर्ड बैठक करेगी।
पेटीएम में सॉफ्टबैंक ग्रुप, एंट ग्रुप, बर्कशर हैथवे इंक आदि का निवेश है और कंपनी का लक्ष्य 25 अरब से 30 अरब डॉलर का मूल्यांकन हासिल करने का है। यह आंकड़ा 16 अरब डॉलर के उसके मौजूदा मूल्यांकन का करीब दोगुना है।
यूपीआई भुगतान में करीब 12 फीसदी हिस्सेदारी के साथ पेटीएम तीसरे स्थान पर है। इस साल मार्च में उसके प्लेटफॉर्म पर 1.4 अरब से भी ज्यादा लेनदेन हुए। कंपनी के मुताबिक इस वृद्धि में ऑफलाइन और वित्तीय सेवाओं का अहम योगदान रहा है। उसने कहा कि वह हर महीने करीब 15 फीसदी की वृद्घि कर रही है। फरवरी में उसने 1.2 अरब लेनदेन दर्ज किए थे मगर मार्च में आंकड़ा 17 फीसदी बढ़ गया।
पिछले कुछ समय से पेटीएम का ध्यान बाजार में अपनी पहुंच और आमदनी बढ़ाने पर है। उसने प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वाले अनुभवी और नए निवेशकों की मदद के लिए हाल में कई नए उत्पाद एवं सेवाएं पेश की हैं। उसने वित्त वर्ष 2022 में एक करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता नए उपयोगकर्ता जोडऩे और 7.5 करोड़ सालाना लेनदेन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी के अधिकतर उपयोगकर्ता छोटे शहरों और कस्बों के होंगे।
पेटीएम पर बर्नस्टीन की हाल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी भुगतान कारोबार से आगे निकलकर फिनटेक प्लेटफॉर्म बनने को तैयार है। पेटीएम के कारोबार में भुगतान (वॉलेट/यूपीआई), कारोबारियों को जोडऩा, क्रेडिट सेविंग, परिसंपत्ति प्रबंधन, बीमा एवं ब्रोकरेज सेवाएं शामिल हैं, जो उसके ई-कॉमर्स या ई-टिकट प्लेटफॉर्मों को पूर्ण बनाने का काम करेगा। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘पेटीएम के ऐप को 35 करोड़ से अधिक बार इंस्टॉल किया गया है, उसके 5 करोड़ सक्रिय ग्राहक हैं और 2 करोड़ से अधिक कारोबारी हैं। इन उपयोगकर्ताओं मेंं से करीब 10 करोड़ का केवाईसी है। पेटीएम का गैर-भुगतान कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। यह 12 से 18 महीने में ब्रेक ईवन पर पहुंचने के लिए कई कारोबारी श्रेणियों को भुनाने की कोशिश कर रही है।’ पेटीएम के उपाध्यक्ष नरेंद्र यादव ने पहले कहा था, ‘हम फेरीवालों से लेकर बड़े खुदरा विक्रेताओं तक सभी तरह के कारोबारियों को सेवाएं देना चाहते हैं क्योंकि हम लगातार उन्हें डिजिटल भुगतान सेवाओं में सक्षम बनाने का प्रयास कर रहे हैं।’
कंपनी अपने कर्मचारियों को शेयर विकल्प के जरिये पुरस्कृत कर रही है। इस साल अप्रैल में उसने 2,42,904 ईसॉप जोड़े, जिससे ईसॉप्स योजना की कीमत बढ़कर 60.4 करोड़ डॉलर हो गई है। इस इजाफे के साथ ही ईसॉप्स पूल में 24 लाख शेयर विकल्प हो जाएंगे। पेटीएम इस आईपीओ की नैया पार लगाने में कामयाब रही तो कोल इंडिया के यह देश में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। इससे पहले 2010 में कोल इंडिया ने आईपीओ के जरिये 15,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि जुटाई थी।

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First Published - May 27, 2021 | 11:17 PM IST

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