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पेटीएम, नायिका में 2023 में भी गिरावट बनी रहेगी!

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Last Updated- December 13, 2022 | 7:08 PM IST
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वर्ष 2022 में नए जमाने की कपनियों के शेयरों में 41 से 60 प्रतिशत के बीच गिरावट दर्ज की गई और कई विश्लेषक एक साल के नजरिये से इन शेयरों को लेकर चिंतित बने हुए हैं। उन्होंने निवेशकों को शेयरों के चयन पर ध्यान देने और उन कंपनियों के शेयर खरीदने का सुझाव दिया है जिनके प्रबंधन मजबूत हैं और उनमें पूंजी किफायती के साथ साथ मुनाफे की राह मजबूत बनी हुई है।

पेटीएम की पैतृक कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस के बोर्ड ने बड़ी गिरावट के बीच शेयर पुनर्खरीद की मात्रा तय करने के लिए मंगलवार को बैठक की। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी पहल के लिए कंपनी के निर्णय से शेयर को मदद मिलेगी, जिसमें उसके निर्गम भाव से 13 महीनों के दौरान 74.9 प्रतिशत की गिरावट आई है।

स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा ने कहा, ‘अक्सर कोई कंपनी तब पुनर्खरीद पर ध्यान देती है जब उसके पास सकारात्मक नकदी प्रवाह हो और नियोजित पूंजी पर प्रतिफल में सुधार की संभावना नहीं दिख रही है। लेकिन पेटीएम के मामले में ऐसा नहीं है। इसलिए, इस पुनर्खरीद के साथ साथ नायिका के बोनस निर्गम को चतुराई भरे कदम के तौर पर देखा जा रहा है।’

नए जमाने की इन इंटरनेट कंपनियों के शेयर प्रदर्शन पर दबाव मुनाफा घटने और ऊंचे मूल्यांकन के बीच पूंजी की बढ़ती लागत की वजह से भी पड़ रहा है। कई इंटरनेट/सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों के लिए 2022 खराब वर्ष था। वैश्विक स्तर पर, नैस्डैक में 2022 के दौरान करीब 29 प्रतिशत की गिरावट आई और फेसबुक, ऐपल, एन्वीडिया कॉर्प, गूगल तथा माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के शेयरों में इस अवधि के दौरान 21 से 66 प्रतिशत के बीच कमजोरी आई।

वहीं घरेलू तौर पर, 2022 में पेटीएम, पॉलिसीबाजार, जोमैटो, और नायिका में 50.5 प्रतिशत और 60 प्रतिशत के बीच गिरावट दर्ज की गई। आंकड़े से पता चलता है कि निफ्टी आईटी सूचकांक 2022 में 24 प्रतिशत गिरा है, वहीं वैश्विक तौर पर टेक्नोलॉजी और नए जमाने की कंपनियों के शेयरों में बिकवाली बढ़ी है। तुलनात्मक तौर पर, सेंसेक्स और निफ्टी-50 सूचकांकों में इस अवधि के दौरान करीब 7 प्रतिशत तक की तेजी आई।

बालिगा का कहना है, ‘मैं नहीं मानता कि डेलिवरी और पॉलिसीबाजार 2023 में गिरावट का शिकार होंगे। इसके बजाय अब इन शेयरों में तेजी आ सकती है। वहीं आगामी कैलेंडर वर्ष में पेटीएम में अन्य 15-20 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है, जबकि नायिका का प्रदर्शन काफी हद तक कमजोर बना रह सकता है।’

उनका मानना है कि नए जमाने की कंपनियों के शेयर सिर्फ सतर्क और दीर्घावधि निवेशकों को ही खरीदने चाहिए। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने 2 नवंबर की रिपोर्ट में नायिका को ‘बेचें’ रेटिंग दी थी, और उसका मानना है कि कंपनी का प्रतिफल अनुपात वित्त वर्ष 2025 से सुधर सकता है।

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First Published - December 13, 2022 | 6:23 PM IST

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