facebookmetapixel
Advertisement
सूरज निकला तो बिजली, नहीं निकला तो नुकसान? Renewable कंपनियां इससे कैसे बच रही हैं?Opening Bell: RBI के फैसले से पहले शेयर बाजार में तेजी! Sensex 400 अंक उछला, Nifty 24,600 के पारLIC OFS को संस्थागत निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स, आज रिटेल निवेशकों के लिए खुला ऑफरRBI MPC August 2026: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा आज करेंगे रीपो रेट का ऐलान; जानें लाइव स्ट्रीमिंग, समय और पूरी डीटेल80 डॉलर से नीचे ब्रेंट, 75 डॉलर से नीचे WTI; तेल बाजार में बड़ी गिरावटStocks To Watch Today: आज इन शेयरों में होगी तगड़ी हलचल! LIC OFS, Paytm, HFCL और DLF समेत 8 बड़े ट्रिगर्स पर रखें नजरडिजिटल पेमेंट नियमों में बदलाव,UPI पर MDR से 10,000 करोड़ रुपये तक सरकार को मिल सकता है बड़ा राजस्वNDA सांसदों की बैठक में खेल और रोजगार पर फोकस, युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का दिया गया ब्यौरा1991 के आर्थिक सुधारों ने बदली भारत की दशा, उसके बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार: जयराम रमेशखनिज ब्लॉकों की नीलामी के बाद भी धीमी रफ्तार, 720 में केवल 105 खदानें शुरू

अब नागपुर में बनेंगे बिजनेस जेट, डसॉल्ट रिलायंस एयरोस्पेस (DRAL) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस होगा स्थापित

Advertisement

2028 तक नागपुर में पहला मेड इन इंडिया फाल्कन तैयार हो जाएगा।

Last Updated- June 19, 2025 | 6:01 PM IST
Falcon 2000LXS
प्रतीकात्मक तस्वीर/ Falcon 2000LXS

पेरिस में आयोजित एयर शो के दौरान डसॉल्ट एविएशन और रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड ने फाल्कन 2000 जेट के उत्पादन के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं , यह पहली बार है जब फ्रांस के बाहर ऐसा उत्पादन होगा। अनिल अंबानी की रिलायंस एरोस्ट्रक्चर कंपनी ने फ्रांस की दसॉल्ट एविएशन कंपनी से करार किया है। जो भारत के एयरोस्पेस भविष्य के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बात पर खुशी जताई है कि यह उत्पादन नागपुर में होगा और उन्होंने इस समझौते का स्वागत किया है। फडणवीस ने कहा कि नागपुर के मिहान इलाके में यह उत्पादन भारत के एयरोस्पेस विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेक इन इंडिया नीति को भी बड़ा बढ़ावा देगा। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम होगा। हमने नागपुर में रक्षा विनिर्माण के संदर्भ में बहुत काम किया है। उस संबंध में, यह एक मील का पत्थर समझौता है ।

ALSO READ: माइक्रो मार्केट में तेजी से बढ़ रही है ऑफिस की मांग, हर साल 10 लाख वर्ग फुट के पार जा सकती है डिमांड

भारत और वैश्विक बाजार के लिए फाल्कन 2000 का पूरा उत्पादन अब नागपुर में किया जाएगा। इस समझौते के साथ, भारत अमेरिका, फ्रांस , कनाडा और ब्राजील जैसे देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है। नागपुर में डसॉल्ट रिलायंस एयरोस्पेस (DRAL) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस होगा। फाल्कन 8X और 6X की असेंबली भी वहीं की जाएगी। इससे 2028 तक नागपुर में पहला मेड इन इंडिया फाल्कन तैयार हो जाएगा। इस डसॉल्ट रिलायंस एयरोस्पेस (DRAL) की स्थापना 2017 में की गई थी।

नई उत्पादन सुविधा नागपुर में हजारों तकनीशियनों और इंजीनियरों को रोजगार प्रदान करेगी। डसॉल्ट एविएशन दुनिया की अग्रणी फाल्कन निर्माता है, जिसमें राफेल भी शामिल है, जिसका उपयोग रक्षा बलों द्वारा किया जाता है। अब तक, इसने 10,000 से अधिक सैन्य और नागरिक विमानों का निर्माण किया है।

दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक भारत घरेलू उत्पादन को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। वैश्विक कंपनियों को भारत में उत्पादन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है । ऐसा या तो अपने दम पर या घरेलू भागीदारों के साथ मिलकर किया जा रहा है । केंद्र सरकार का लक्ष्य रक्षा निर्यात को बढ़ावा देना भी है, जो मार्च के अंत में वित्तीय वर्ष में 12 फीसदी बढ़कर 2.76 बिलियन डॉलर हो गया ।

Advertisement
First Published - June 19, 2025 | 5:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement