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सीसीआई के आदेश से सहमत नहीं मेटा, फैसले को चुनौती देने की योजना

भारत में उसके प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या करीब 50 लाख है। कारोबारी मैसेजिंग के लिहाज से भारत कंपनी के लिए एक सबसे महत्त्वपूर्ण बाजार है।

Last Updated- November 19, 2024 | 11:14 PM IST
META layoffs

व्हाट्सऐप की प्रवर्तक कंपनी मेटा (Meta) ने आज कहा कि वह भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के निर्णय से सहमत नहीं है और कंपनी इसे चुनौती देने की योजना बना रही है। कंपनी ने यह भी कहा कि 2021 अपडेट से लोगों के निजी संदेशों की गोपनीयता में कोई बदलाव नहीं आया है और उस समय उपयोगकर्ताओं को विकल्प भी दिया गया था।

मेटा के प्रवक्ता ने कहा, ‘हम सीसीआई के फैसले से असहमत हैं और अपील करने की योजना बना रहे हैं। 2021 अपडेट से लोगों के व्यक्तिगत संदेश की गोपनीयता नहीं बदली है और उस समय उपयोगकर्ताओं के लिए इसे एक विकल्प के रूप में पेश किया गया था। हमने यह भी सुनिश्चित किया था कि इस अपडेट के कारण किसी का भी खाता डिलीट न हो।’

सीसीआई ने मेटा पर बाजार में अपनी स्थिति का बेजा फायदा उठाने के आरोप में सोमवार को 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। यह मामला व्हाट्सऐप की 2021 गोपनीयता नीति को लागू करने और उपयोगकर्ता के डेटा को संग्रहीत करने तथा मेटा की अन्य कंपनियों के साथ उसे साझा करने से जुड़ा है। प्रतिस्पर्धा आयोग ने मेटा और व्हाट्सऐप को निर्धारित समयसीमा के भीतर कुछ व्यावहारिक उपायों को लागू करने का भी निर्देश दिया।

यह दूसरा मौका है जब भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने बड़ी तकनीकी कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। कानून के विशेषज्ञ सीसीआई के इस कदम की सराहना कर रहे हैं क्योंकि डेटा संचालन कानूनों की आवश्यकता बढ़ रही है।
द डायलॉग में सीनियर प्रोग्राम मैनेजर सक्षम मलिक ने कहा कि हालिया आदेश ने डेटा गवर्नेंस और प्रतिस्पर्धा ढांचे के बीच संबंध को लेकर फिर चर्चा में ला दिया है।

द डायलॉग में सीनियर प्रोग्राम मैनेजर सक्षम मलिक के अनुसार सीसीआई का मानना है कि फेसबुक और व्हाट्सऐप के बीच डेटा साझा करना उपयोगकर्ताओं के लिए प्रतिस्पर्धा के गैर-मूल्य मानदंड के ह्रास के समान है इसलिए यह प्रतिस्पर्धा कानून के दायरे में आता है।

दिल्ली उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय ने भी इस मुद्दे पर सीसीआई के विचार की पुष्टि की थी। मलिक ने कहा कि प्रस्तावित डिजिटल प्रतिस्पर्धा विधेयक जब कानून बन जाएगा तो वह मेटा और समूह की अन्य कंपनियों को विनियमित कर सकता है। व्हाट्सऐप के लिए यह आदेश एक बड़ा झटका है। उपयोगर्ताओं की संख्या के लिहाज से भारत उसका सबसे बड़ा बाजार है।

भारत में उसके प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या करीब 50 लाख है। सबसे अहम बात यह है कि कारोबारी मैसेजिंग के लिहाज से भारत कंपनी के लिए एक सबसे महत्त्वपूर्ण बाजार है।

भारत में मेटा की प्रमुख संध्या देवनाथन ने कहा कि व्हाट्सऐप की कारोबारी आय एक साल में दोगुनी हो चुकी है। टेकलेजिस एडवोकेट्स ऐंड सॉलिसिटर्स के पार्टनर सलमान वारिस ने कहा कि यह सीसीआई द्वारा उठाया गया एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

ऐसा संभवतः यह पहली बार हुआ है कि यूरोपीय संघ के बाहर किसी प्रतिस्पर्धा नियामक ने व्हाट्सऐप की गोपनीयता नीति में बदलाव करने और उपयोगकर्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन करते हुए अपनी अग्रणी स्थिति का फायदा उठाने के लिए मेटा पर जुर्माना लगाया है। वारिस ने कहा कि प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा की जा रही लगातार कार्रवाई से डेटा गवर्नेंस कानून का स्पष्ट संकेत मिलता है।

हालांकि मेटा का कहना है कि वह अपडेट व्हाट्सऐप पर वैकल्पिक कारोबारी सुविधाएं शुरू करने के लिए था। कंपनी ने कहा कि डेटा एकत्रित करने और उसका उपयोग करने का उसका तरीका बिल्कुल पारदर्शी है।

सीसीआई ने मार्च 2021 में इस मामले की जांच उस समय शुरू की थी जब कंपनी ने अपनी नीतियों में बदलाव करने की पहल की थी। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश तीन साल देरी से आया है। ऐसे में पिछले तीन साल के दौरान एकत्रित और उपयोग किए गए डेटा हमेशा कंपनी के पास रहेंगे।

First Published - November 19, 2024 | 11:08 PM IST

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