facebookmetapixel
Advertisement
पुदुच्चेरी के ‘यामाहा वाले CM’ का जलवा: रंगास्वामी की थट्टंचावाडी में पांचवीं जीत, NDA की सत्ता में वापसीAssembly Election Result 2026: पांचों राज्यों में कई दिग्गज गिरे तो उभर कर आए कई नए चेहरेवादे तो पूरे होंगे, लेकिन खजाने का क्या? विजय की कल्याणकारी योजनाओं से बढ़ सकता है आर्थिक दबावसिनेमा से सियासत का सफर: क्या MGR की तरह एक दशक तक राज करेंगे ‘थलपति’? 59 साल बाद टूटा द्रविड़ दलों का तिलस्मअसम में लगातार तीसरी बार बनी भाजपा की सरकार, पार्टी ने विधान सभा में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कियातमिलनाडु में ‘थलपति’ विजय का उदय: टीवीके बनी सबसे बड़ी पार्टी, सीएम स्टालिन चुनाव हारेबंगाल में भाजपा की जीत से उद्योगों की होगी घर वापसी, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर में आ सकती है तेजी!केरल में UDF ने LDF को दी ​शिकस्त, सत्ता विरोधी लहर में ढह गया वामपंथ का आ​खिरी किलाबंगाल में भाजपा की जीत से खुलेगा विकास का द्वार: मनरेगा से लेकर आयुष्मान भारत तक, अब नहीं रुकेंगे फंड!बंगाल में ‘भगवा’ राज: 15 साल बाद ममता के शासन का अंत, जानें कैसे भाजपा ने ढहाया TMC का किला

एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक के मर्जर को NCLT की मंजूरी

Advertisement
Last Updated- March 17, 2023 | 6:59 PM IST
HDFC Bank

NCLT के मुंबई पीठ ने एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक के मर्जर को मंजूरी दे दी और इस तरह से भारत में सबसे बड़े वित्तीय संस्थानों में से एक के बनने का रास्ता साफ कर दिया।

इस विलय को बाजार नियामक सेबी, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग और दोनों इकाइयों के शेयरधारकों की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक और दोनों स्टॉक एक्सचेंजों से भी मंजूरी मिल चुकी है।

इस विलय की घोषणा अप्रैल 2022 में की गई थी, जहां एचडीएफसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायकों एचडीएफसी इन्वेस्टमेंट लि​मिटेड और एचडीएफसी होल्डिंग्स लिमिटेड का विलय एचडीएफसी लिमिटेड के साथ होगा। नियामकीय मंजूरी प्राकल्पित 15-18 महीने से पहले मिल गई।

हर जगह से मंजूरी हालांकि मिल चुकी है, लेकिन एचडीएफसी बैंक अभी भी RBI से सहनशीलता (फोरबियरेंस) पर स्पष्टता चाहता है, जिसकी मांग उसने की थी।

एचडीएफसी बैंक ने RBI से अनुरोध किया है कि सांविधिक तरलता अनुपात और नकद आरक्षी अनुपात के अलावा प्राथमिकता वाले क्षेत्र को उधारी (सीआरआर, एसएलआर और पीएसएल) के मानकों को पूरा करने के लिए चरणबद्ध तरीके अपनाने की इजाजत दी जाए। साथ ही उसने कुछ परिसंपत्तियों व देनदारी व कुछ सहायकों के मामले में ग्रैंडफादरिंग की इजाजत मांगी है।

बैंक ने सीआरआर, एसएलआर और पीएसएल के मानकों को पूरा करने के लिए दो-तीन साल का वक्त मांगा है। एचडीएफसी के पास बैंकों की तरह सीआरआर-एसएलआर व प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को लेकर किसी तरह का दायित्व नहीं है।

साथ ही उसने कहा है कि एचडीएफसी लाइफ में उसे 50 फीसदी हिस्सेदारी रखने की इजाजत दी जाए, जो विलय के बाद बैंक की सहायक बन जाएगी। अभी एचडीएफसी के पास एचडीएफसी लाइफ की 48 फीसदी हिस्सेदारी है, 50 फीसदी एचडीएफसी अर्गो जनरल इंश्योरेंस की और एचडीएफसी ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी की 52.6 फीसदी हिस्सेदारी है।

Advertisement
First Published - March 17, 2023 | 6:59 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement