facebookmetapixel
दूध के साथ फ्लेवर्ड दही फ्री! कहानी क्विक कॉमर्स की जो बना रहा नए ब्रांड्स को सुपरहिटWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड की लहर! IMD ने जारी किया कोहरा-बारिश का अलर्ट67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटा

जेनसोल इंजीनियरिंग पर मनी ट्रांसफर जांच, कंपनी मामलों मंत्रालय तीन महीने में सौंपेगा रिपोर्ट

कंपनी मामलों का मंत्रालय अप्रैल से अपने महानिदेशक और कंपनी कार्यालयों के रजिस्ट्रार के माध्यम से जेनसोल इंजीनियरिंग के धन अन्यत्र स्थानांतरित करने के मामले की जांच कर रहा है।

Last Updated- May 20, 2025 | 10:45 PM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

कंपनी मामलों के मंत्रालय को अगले तीन से पांच महीनों में जेनसोल इंजीनियरिंग से जुड़ी जांच को पूरा करने की उम्मीद है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया, ‘हम सभी तथ्य एकत्रित कर आंतरिक जांच पूरी करना चाहते हैं जबकि अभी यह मामला ज्वलंत है।’

कंपनी मामलों का मंत्रालय अप्रैल से अपने महानिदेशक और कंपनी कार्यालयों के रजिस्ट्रार के माध्यम से जेनसोल इंजीनियरिंग के धन अन्यत्र स्थानांतरित करने के मामले की जांच कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक सरकार जेनसोल इंजीनियरिंग से संबंधित 17 कंपनियों के बही-खाते को खंगाल रही है। भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड (सेबी) के अनुरोध पर राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) जेनसोल इंजीनियरिंग के प्रवर्तकों के धन को अन्यत्र स्थानांतरित करने में उसके ऑडिटरों की भूमिका की शुरुआती जांच कर रहा है।

सेबी के आदेश में कहा गया कि जेनसोल इंजीनियरिंग के प्रवर्तक की हिस्सेदारी में तेजी से गिरावट आई और यह सामान्य नहीं था। इसमें कथित रूप से झूठे खुलासे, दिखावटी लेन देन और धन को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया था। प्रवर्तकों ने अपना पूरा निवेश निकाल लिया था। इससे अनजान निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा था।

 

First Published - May 20, 2025 | 10:38 PM IST

संबंधित पोस्ट