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नडेला ने कहा कि गूगल का प्रभुत्व उन समझौतों के कारण था जिसने इसे स्मार्टफोन और कंप्यूटर पर ‘डिफॉल्ट ब्राउजर’ बना दिया।

Last Updated- October 03, 2023 | 12:08 PM IST
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सत्या नडेला ने कहा कि गूगल के अनुचित रणनीति का इस्तेमाल करने के कारण सर्च इंजन के रूप में उसका प्रभुत्व बढ़ा है। उन्होंने कहा कि ऐसी रणनीति के चलते ही उनकी कंपनी का प्रतिद्वंद्वी कार्यक्रम ‘बिंग’ विफल रहा। ‘बिंग’ भी सर्च इंजन के रूप में काम करता था।

नडेला ने गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट के खिलाफ दाखिल एक मुकदमे में सुनवाई के दौरान वाशिंगटन डीसी की अदालत में गवाही दी। यह मुकदमा कंपनी के खिलाफ सरकार द्वारा दाखिल किया गया है।

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न्याय मंत्रालय का आरोप है कि गूगल ने उपभोक्ताओं की कीमत पर प्रतिस्पर्धा और नवाचार को कम करने के लिए अपने सर्वव्यापी सर्च इंजन के प्रभुत्व का दुरुपयोग किया है।

माइक्रोसॉफ्ट पर भी 1990 के दशक के अंत में ऐसे ही आरोप लगे थे। नडेला ने कहा कि गूगल का प्रभुत्व उन समझौतों के कारण था जिसने इसे स्मार्टफोन और कंप्यूटर पर ‘डिफॉल्ट ब्राउजर’ बना दिया। उन्होंने हालांकि इस तथ्य को खारिज कर दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता या अमेजन या सोशल मीडिया वेबसाइट जैसे अधिक विशिष्ट सर्च इंजन ने उस बाजार को बदला है जिसमें माइक्रोसॉफ्ट, गूगल के साथ प्रतिस्पर्धा करता है।

नडेला ने कहा कि मूल रूप से उपयोगकर्ताओं के पास मोबाइल फोन और कंप्यूटर पर डिफॉल्ट वेब ब्राउजर पर अधिक विकल्प नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ हम विकल्पों में से एक हैं लेकिन हम ‘डिफॉल्ट’ नहीं हैं।’’

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नडेला ने एक सवाल के जवाब में इस बात से इनकार किया कि ‘बिंग’ द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अपनाने से उसकी बाजार हिस्सेदारी में नाटकीय बदलाव आया है।

First Published - October 3, 2023 | 12:08 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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