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गैर-भागीदारी योजनाओं पर एलआईसी का जोर

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Last Updated- December 11, 2022 | 10:25 PM IST

चालू तिमाही के अंत तक शेयर बाजारों में उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार जीवन बीमा निगम (एलआईसी) गैर-भागीदारी उत्पादों की हिस्सेदारी में सुधार करने पर विचार कर रही है। सरकारी क्षेत्र की इस दिग्गज बीमा कंपनी का जोर अब यूनिट-लिंक्ड प्लान (यूलिप) के साथ साथ सुरक्षा, एन्यूटी और स्वास्थ्य उत्पादों पर है। 
परंपरागत रूप से एलआईसी का जोर एंडोवमेंट प्लान और मनी बैक प्लान जैसे भागीदारी वाले उत्पादों पर रहा है। अब एलआईसी मौजूदा गैर-भागीदारी वाले उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के साथ साथ इस श्रेणी के तहत नए उत्पाद लाकर अपने उत्पादन मिश्रण में विविधता लाने पर विचार कर रही है। 

गैर-भागीदारी वाली पॉलिसियों में बीमा कंपनी लाभ को पॉलिसीधारकों के साथ साझा नहीं करती हैं और न ही लाभांश देती हैं। गैर-भागीदारी वाले बीमा योजना में पॉलिसीधारकों को केवल गारंटीकृत लाभ ही दिए जाते हैं जैसे कि पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाने पर देय बीमा राशि या योजना के परिपक्व होने पर देय परिपक्वता लाभ आदि।  
एक ओर जहां निजी बीमाकर्ताओं के पोर्टफोलियो में यूनिट-लिंक्ड योजनाएं प्रमुखता से शामिल रही हैं वहीं एलआईसी रणनीतिक कारणों से लंबे वक्त तक यूलिप से दूर रही है। 2020 में जाकर जीवन बीमा की इस दिग्गज कंपनी ने तीन नई यूलिप योजनाएं शुरू की थी। अब, महामारी के कारण जोखिम को लेकर बढ़ी जागरूकता के कारण निजी जीवन बीमाकर्ताओं के लिए टर्म योजनाओं में जबरदस्त वृद्घि देखी जा रही है। ऐसे में एलआईसी के लिए समझदारी की बात यही है कि वह बाजार में मांग को देखते हुए शुद्घ सुरक्षा उत्पादों पर अधिक जोर दे। 

एलआईसी के प्रबंध निदेशक राज कुमार ने जीवन बीमाकर्ताओं के लिए बिजनेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई इनसाइट समिट में बोलते हुए कहा था, ‘भारत में मध्य की आयु 28 वर्ष की होती है लिहाजा वर्तमान की जरूरत 20 से 30 वर्ष बाद की जरूरत से बिल्कुल भिन्न है। और किसी सामाजिक सुरक्षा योजना के अभाव में एन्यूटी और आस्थगित एन्यूटी समय की मांग होगी। अपने स्तर पर हम इन चीजों पर विचार कर रहे हैं और किस प्रकार के उत्पाद उतारे जा सकते हैं उन पर मंथन कर रहे हैं। साथ ही, हमारा मानना है कि हम उस चरण में पहुंच चुके हैं जब आस्थगित उत्पादों को विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के लिए लाया जा सकता है।’     
इसके अलावा प्रस्तावित सार्वजनिक आरंभिक निर्गम (आईपीओ) लाने से पहले वित्त निवेशकों के साथ बैठक में एलआईसी ने समूह सुरक्षा योजनाओं पर भी ध्यान देने का इरादा जताया है।

अन्य बातों के अलावा यह वितरण चैनलों में भी विविधता लाने पर विचार कर रही है। इसके लिए वह बैंकएश्योरेंस चैनलों के माध्यम से आने वाले कारोबार की साझेदारी बढ़ाएगी। इसके लिए और अधिक साझेदारों के साथ समझौता किया जाएगा और उनकी उत्पादकता में सुधार किया जाएगा।

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First Published - January 4, 2022 | 11:45 PM IST

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