जब 2025 अलविदा कहने की तैयारी में है और 2026 के पहले कदमों की आहट सुनाई देने लगी है, तब शेयर बाजार में भी साल बदलने का जश्न नजर आने लगा है। इस साल की विदाई और नए साल की शुरुआत के बीच दो कंपनियां अपने निवेशकों के लिए खास सौगात लेकर आ रही हैं। ये सौगात है बोनस शेयर, जो बिना किसी अतिरिक्त खर्च के निवेशकों के पोर्टफोलियो को बड़ा बना देते हैं।
साल के आखिरी कारोबारी दिनों और नए साल के शुरुआती सत्रों में A-1 Ltd और Magnanimous Trade & Finance Ltd के बोनस इश्यू बाजार में खास चर्चा का विषय बनने वाले हैं। दोनों ही कंपनियों ने इसके लिए अलग-अलग तारीखों पर रिकॉर्ड डेट और एक्स-डेट तय की है, ताकि यह तय किया जा सके कि कौन से निवेशक बोनस शेयर पाने के हकदार होंगे।
A-1 Ltd अपने शेयरधारकों को 3:1 के अनुपात में बोनस शेयर देने जा रही है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर किसी निवेशक के पास कंपनी के 1 शेयर हैं, तो उसे 3 अतिरिक्त बोनस शेयर मिलेंगे। कंपनी ने इस बोनस इश्यू के लिए 31 दिसंबर 2025 को एक्स-डेट और रिकॉर्ड डेट दोनों तय की है।
रिकॉर्ड डेट वह तारीख होती है, जिस दिन कंपनी अपने रजिस्टर में यह देखती है कि उसके शेयरधारक कौन हैं। जो निवेशक इस तारीख तक कंपनी के शेयर अपने डीमैट खाते में रखते हैं, वही बोनस शेयर पाने के हकदार होते हैं। एक्स-डेट से एक दिन पहले तक शेयर खरीदने वाले निवेशक भी इस बोनस का लाभ उठा सकते हैं।
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A-1 Ltd का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब बाजार में साल के अंत को लेकर निवेशकों की गतिविधियां तेज रहती हैं। बोनस इश्यू आमतौर पर कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल पोजिशन और भविष्य को लेकर उसके भरोसे का संकेत माना जाता है।
दूसरी कंपनी Magnanimous Trade & Finance Ltd ने बोनस इश्यू के मामले में और भी बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने 23:1 के अनुपात में बोनस शेयर देने का ऐलान किया है। यानी निवेशक के पास अगर 1 शेयर है, तो उसे 23 अतिरिक्त बोनस शेयर मिलेंगे।
इस बोनस इश्यू के लिए कंपनी ने 2 जनवरी 2026 को एक्स-डेट और रिकॉर्ड डेट तय की है। नए साल की शुरुआत में आने वाला यह बोनस इश्यू बाजार में इस शेयर को लेकर खास चर्चा का विषय बन सकता है। बड़े अनुपात में बोनस इश्यू होने से शेयरों की संख्या तेजी से बढ़ती है, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियो में शेयरों की गिनती कई गुना हो जाती है।
बोनस शेयर मिलने के बाद शेयर की कीमत आमतौर पर उसी अनुपात में एडजस्ट हो जाती है, लेकिन निवेशकों की हिस्सेदारी यानी ओनरशिप प्रतिशत वही रहता है। इसी वजह से बोनस इश्यू को लंबे समय के निवेशकों के लिए एक सकारात्मक कदम के तौर पर देखा जाता है।
इन दोनों कंपनियों के बोनस इश्यू आने वाले हफ्ते में बाजार की चाल और निवेशकों की रणनीति पर असर डाल सकते हैं। निवेशक रिकॉर्ड डेट और एक्स-डेट को ध्यान में रखकर अपने फैसले लेते नजर आ सकते हैं।