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तीन ‘खानों’ से क्या भर पाएगा बॉलीवुड का ‘खजाना’?

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Last Updated- December 08, 2022 | 3:41 AM IST

बॉलीवुड, इस गुजरते साल के आखिरी महीने से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठा है।


उम्मीदें लगाए भी क्यों न, आखिरकार बॉलीवुड की बेहद चर्चित ‘खान त्रिमूर्ति’ की फिल्में इस सर्द महीने में 70 एम.एम. की स्क्रीन पर दस्तक जो देने वाली हैं। दरअसल शाहरुख खान की ‘रब ने बना दी जोड़ी’, आमिर खान की ‘गजनी’ और सलमान खान की ‘युवराज’ अगले महीने रिलीज होने जा रही हैं।

उम्मीद की जा रही है कि आर्थिक मंदी के इस दौर में इन कमाऊ खानों की फिल्में बॉलीवुड के लिए साल को यादगार बना जाएंगी। वैसे कमाई के लिहाज से यह साल अभी तक बॉलीवुड के लिए अच्छा ही रहा है। अगर पिछले साल की टॉप 10 फिल्मों से तुलना करें तो इस साल दस सबसे कामयाब फिल्मों की बॉक्स ऑफिस से होने वाली कमाई में 8 से 10 फीसदी का इजाफा हुआ है।

यह आंकड़े देश विदेश में बॉक्स ऑफिस से हाने वाली कमाई और टीवी अधिकारों की बिक्री पर आधारित हैं। और कुछ आंकड़े फिल्म कारोबार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों और टे्रड पोर्टलों के हैं। इसका मतलब तो यही है कि ‘सिंह इज किंग’, ‘जोधा अकबर’, ‘रेस’, ‘जाने तू या जाने ना’ समेत दस सबसे कामयाब फिल्मों की फेहरिस्त में शामिल फिल्मों ने 2007 की दस सबसे कामयाब फिल्मों की तुलना में 8 से 10 फीसदी ज्यादा कमाई की।

पिछले साल यानि 2007 में ‘ओम शांति ओम’, ‘गुरू’, ‘तारे जमीं पर’ जैसी फिल्में बेहद कामयाब रही थीं। फिल्म विश्लेषकों के मुताबिक 2007 में तकरीबन एक दर्जन फिल्में हिट रही थीं। इस साल अभी तक 8 से 9 फिल्मों को हिट का दर्जा तो मिल चुका है। इस लिहाज से अब सभी की नजरें इस खान तिकड़ी की अगले महीने रिलीज होने वाली फिल्मों पर लगी हैं।

मुंबई के एक फिल्म विश्लेषक का कहना है, ‘अभी आंकड़े पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं इसलिए कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। लेकिन शुरुआती रुझानों से लगता है कि इस साल बॉलीवुड की 10 सबसे कामयाब फिल्मों ने जहां 800 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है, वहीं यही आंकड़ा पिछले साल 740 करोड़ रुपये था।’

हालांकि, उनका यह भी कहना है कि अगर खानों वाली इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर दम तोड़ दिया तो इस साल के मुकाबले पिछले साल को ही बॉलीवुड के लिए बेहतर कहा जाएगा। दिल्ली की एक मल्टीप्लेक्स चेन के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘इंडियन प्रीमियर लीग की वजह से अप्रैल-मई में हमारी कमाई पर बहुत असर पड़ा था। हमें उम्मीद है कि अगले महीने इन फिल्मों को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक आएंगे।’

यहां आपकों बता दें कि पिछले साल नवंबर में आई शाहरुख की होम प्रोडक्शन फिल्म ‘ओम शांति ओम’ और दिसंबर में आई निर्देशक के तौर पर आमिर की पहली फिल्म ‘तारे जमीं पर’ बेहद कामयाब हुई थीं। ये दोनों फिल्में साल की दस सबसे कामयाब फिल्मों में से थीं।

एक ट्रेड एनालिस्ट कहते हैं, ‘हम बॉलीवुड के हम में फिर से ऐसी ही सफलता की उम्मीद कर रहे हैं। वैसे इन फिल्मों से केवल इन खान सितारों की ही प्रतिष्ठा नहीं जुड़ी है बल्कि और भी बड़े दिग्गजों की साख दांव पर लगी हुई है।

सलमान खान की ‘युवराज’ की ही बात करें तो इसको सुभाष घई ने बनाया है। सुभाष घई को बॉलीवुड का शोमैन कहा जाता रहा है। लेकिन इस शौमैन की पिछली कुछ फिल्मों के ‘शो’ टिकट खिड़की पर कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। निर्देशक के तौर उनकी पिछली फिल्म ‘ब्लैक एंड व्हाइट’ थी जो कामयाबी के मामले में भी नाम के मुताबिक ही रही थी और ‘रंगीन’ नहीं बन पाई थी।

वहीं अगर शाहरुख की ‘रब ने बना दी जोड़ी’ की बात करें तो यह यशराज फिल्म्स बैनर की फिल्म है। और सबसे खास बात यह कि इस फिल्म के जरिये तकरीबन आठ साल बाद आदित्य चोपड़ा ने फिर से निर्देशन की कमान संभाली है। और आखिर में आमिर की क्या बात करें? उनको तो ‘परफेक्शनिस्ट’ कहा जाता है। देखते हैं इस बार इनको जनता का क्या ‘वर्डिक्ट’ मिलता है।

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First Published - November 17, 2008 | 1:58 AM IST

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