facebookmetapixel
Advertisement
उदारीकरण के 35 साल: पेंशनर पैराडाइस से आईटी राजधानी बना बेंगलूरु, विकास की कीमत भी चुकाईवोडाफोन आइडिया को बड़ी राहत, SBI ने कर्ज देने पर जताई सहमति; गारंटी की शर्त मंजूरहवाई अड्डों की आगामी नीलामी में एक ऑपरेटर के लिए सीमा तय करने की तैयारीभारत यात्रा को लेकर जल्दबाजी नहीं, राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देगा बांग्लादेशभारत में 8 साल में 90 हजार स्कूल घटे, 11 करोड़ बच्चे स्कूल से बाहरस्कूलों की बदहाली के खिलाफ ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान, जेन अल्फा के प्रदर्शनों ने शिक्षा संकट की ओर खींचा ध्यानबंगाल की खाड़ी में माल वाहक जहाज डूबा; तटरक्षक बल ने 2 नाविक बचाए, 22 अभी लापताइसरो की रणनीति में बड़ा बदलाव, लॉन्च वाहन और सैटेलाइट निर्माण निजी क्षेत्र को सौंपेगाबाजार हलचल: सेबी संबंधित पक्षकार लेनदेन के नियम आसान करेगा, पीएमएस सह-निवेश में तेजीअमेरिका-भारत के शेयर महंगे, यूरोप में ज्यादा आकर्षक FCF यील्ड: गोल्डमैन सैक्स

सोशल मीडिया नियमों में संशोधन का प्रस्ताव

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 6:31 PM IST

सरकार सोशल मीडिया मंचों के नियमों में संशोधन के साथ शिकायत निपटान अधिकारियों के फैसलों के खिलाफ दायर अपीलों पर विचार करने के लिए शिकायत अपील समिति के गठन की योजना बना रही है। सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में संशोधन के लिए जारी एक अधिसूचना के अनुसार, इस समिति को अपील मिलने के 30 दिन के भीतर शिकायत का निपटान करना होगा। यह निर्णय मध्यवर्तियों या संबंधित बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों के लिए बाध्यकारी होगा। ट्विटर जैसे सोशल मीडिया मंचों ने ‘समुदायिक दिशानिर्देशों’ के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए पिछले कुछ समय में कई चर्चित हस्तियों समेत कई उपयोगकर्ताओं के खाते बंद किए हैं। ऐसे में सरकार की तरफ से यह कदम काफी महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) ने एक अधिसूचना के मसौदे में कहा, ‘केंद्र सरकार एक या अधिक शिकायत अपील समितियों का गठन करेगी। इस समिति में एक चेयरपर्सन और अन्य सदस्य होंगे। केंद्र सरकार राजपत्र में अधिसूचना के जरिये समिति का गठन कर सकती है।’ नए नियमों के तहत शिकायत अधिकारियों के फैसलों के खिलाफ उपयोगकर्ता अपनी अपील दायर कर सकते है। इस अपील का 30 दिन के भीतर निपटान करना होगा। अधिसूचना के मसौदे के अनुसार, ‘शिकायत अपील समिति उपयोगकर्ताओं की अपील पर तेजी से कार्रवाई करेगी और अपील मिलने की तारीख से 30 दिन के भीतर अंतिम रूप से इसके निपटान का प्रयास करेगी। समिति की तरफ से पारित प्रत्येक आदेश का अनुपालन संबंधित मध्यवर्तियों द्वारा किया जाएगा।’’ मंत्रालय ने इस अधिसूचना के मसौदे पर 22 जून तक टिप्पणियां मांगी हैं।

अप्रैल में फेसबुक पर नफरत वाली पोस्ट 37.82 प्रतिशत बढ़ीं: मेटा
सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर अप्रैल के दौरान नफरत फैलाने वाली पोस्ट में लगभग 37.82 प्रतिशत और इंस्टाग्राम पर हिंसक एवं भड़काऊ ‘सामग्रियों’ में 86 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। फेसबुक एवं इंस्टाग्राम की संचालक कंपनी मेटा की एक मासिक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है। इस रिपोर्ट में शामिल अधिकांश विवादास्पद सामग्री को उपयोगकर्ताओं की तरफ से शिकायत किए जाने के पहले ही फेसबुक एवं इंस्टाग्राम ने चिह्नित किया है। मेटा की तरफ से 31 मई को जारी रिपोर्ट के अनुसार, फेसबुक ने अप्रैल 2022 के दौरान नफरत फैलानी वाली 53,200 पोस्ट चिह्नित की जो मार्च की तुलना में 37.82 प्रतिशत अधिक है। मार्च में इस तरह की 38,600 पोस्ट दर्ज की गई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, इंस्टाग्राम ने अप्रैल, 2022 में हिंसा और उकसावे से संबंधित 77,000 सामग्री पर कार्रवाई की है। मार्च, 2022 में यह आकंड़ा 41,300 था। मेटा ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘हम ‘सामग्री’ के तहत पोस्ट, फोटो, वीडियो या टिप्पणियों की संख्या को मापते हैं और अपने मानकों के खिलाफ जाने पर कार्रवाई करते हैं।’    

Advertisement
First Published - June 3, 2022 | 12:30 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement