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Accenture Q3 Results: भारतीय IT कंपनियों के लौटेंगे अच्छे दिन, अब मांग में होगा सुधार; क्या है एनालिस्ट्स की राय

Accenture Q3 results के बाद ब्रोकरेज ने लॉर्ज कैप में टेक महिंद्रा पर और मिड-कैप्स में कोफोर्ज, बिरलासॉफ्ट और ईक्लरक्स पर ‘बाय’ रेटिंग दी है।

Last Updated- June 21, 2024 | 1:26 PM IST
Accenture Q3 results

भारतीय IT शेयरों और Accenture Q3 results की अहम बातें: मार्केट एनालिस्ट ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कंपनियों के लिए मांग में कमजोरी अपने निचले स्तर पर पहुंच चुकी है और अब इसमें सुधार होने की संभावना है।

वित्तीय वर्ष 2023-24 (Q3FY24) के लिए डबलिन की कंपनी एक्सेंचर (Accenture) की तीसरी तिमाही के नतीजे के बाद एनलिस्ट में एक पॉजिटिव उम्मीद जगी है। उनका कहना है कि IT शेयरों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।

बता दें कि एक्सेंचर ने अब अपनी तीसरी तिमाही के नतीजे इसलिए जारी किए हैं क्यों कि वह सितंबर से अगस्त फाइनेंशियल ईयर का पालन करती है।

एनालिस्ट के अनुसार, एक्सेंचर की कमेंट से दो बड़ी चीजें भारतीय IT कंपनियों के लिए निकलकर सामने आती हैं। सबसे पहली- चौथी तिमाही ( Q4) में विकास पर लौटने के लिए सलाह; और दूसरी, बुकिंग से रेवेन्यू कनवर्जन में धीरे-धीरे सुधार।

नुवामा इक्विटीज (Nuvama Equities) के विभोर सिंघल ने निखिल चौधरी और युक्ति खेमानी के साथ के एक नोट में कहा, ‘भारतीय IT सर्विस कंपनियां कम डील्स-टु-रेवेन्यू कनवर्जन से जूझ रही हैं, और इसमें सुधार का कोई भी संकेत पॉजिटिव है।”

गुरुवार को ऐक्सेंचर का वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही (Q4FY23) का रेवेन्यू Q3 रेवेन्यू 16.5 बिलियन डॉलर रहा, जो सालाना आधार पर (YoY) स्थिर मुद्रा (CC) में 1.4 फीसदी ऊपर है। जबकि आउटसोर्सिंग का रेवेन्यू सालाना आधार पर 4 फीसदी CC बढ़ा और कंसल्टिंग सेगमेंट के लिए यह 1 फीसदी CC गिरा।

डील बुकिंग्स 21.1 बिलियन डॉलर रही, जिसमें कंसल्टिंग बुकिंग्स 9.3 बिलियन डॉलर और आउटसोर्सिंग 11.8 बिलियन डॉलर थी, जो ब्लूमबर्ग के अनुमान 17.7 बिलियन डॉलर से अधिक थी। Q3FY24 में कुल बुक-टु-बिल 1.3 गुना के आसपास थी, जिसमें आउटसोर्सिंग और कंसल्टिंग बुक-टु-बिल क्रमशः 1.5 गुना और 1.1 गुना थी।

इसके तहत, ऐक्सेंचर ने Q3FY24 में जनरेटिव एआई (GenAI) सेगमेंट में 900 मिलियन डॉलर से अधिक की डील बुक की और वित्तीय वर्ष की शुरुआत से 2 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई। इसके अलावा, कंपनी ने क्लाउड मॉडर्नाइजेशन, डेटा और AI, प्लेटफॉर्म और सिक्योरि्टी जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण मांग देखी। एडजस्टेड EBIT मार्जिन स्ट्रीट के अनुमानों के अनुसार 16.4 फीसदी रहा, जो सालाना आधार पर 10 बेसिस पॉइंड अधिक है।

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग (Antique Stock Broking) ने एक रिपोर्ट में कहा, ‘आउटसोर्सिंग बुकिंग्स में 1.5 गुना का बुक-टु-बिल भारतीय IT के लिए सकारात्मक संकेत है क्योंकि इसने पिछले कुछ महीनों में मजबूत डील फ्लो की घोषणा की है, जो Q1FY25 की डील बुकिंग्स में दिखनी चाहिए।’

शेयर बाजार में इंट्रा डे के दौरान, Nifty IT इंडेक्स 2.6 फीसदी इंट्राडे ट्रेड में बढ़कर 35,875 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इंडिविजुअल लेवल से, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स 4.5 फीसदी, LTI Mindtree 3.6 फीसदी, कोफोर्ज (Coforge) 3.5 फीसदी और इंफोसिस 2.5 फीसदी बढ़े।

अन्य जैसे HCL टेक, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), विप्रो, एमफैसिस(Mphasis), और LTTS भी बेहतर प्रदर्शन करते दिखे।

हालांकि ग्राहक विवेकाधीन खर्च (discretionary spending) को सीमित कर रहे हैं और निर्णय लेने में देरी कर रहे हैं, एनालिस्टा का मानना है कि ऐक्सेंचर द्वारा अपने रेवेन्यू गाइडेंस के मिड पॉइंट को बनाए रखना स्टेबल डिमांड की ओर इशारा करता है।

Emkay Global के एनालिस्ट्स ने कहा, ‘हम मानते हैं कि ब्याज दर कटौती साइकल की शुरुआत ग्राहकों के लिए महंगाई दर के रास्ते और मैक्रो स्टेबिलिटी पर आत्मविश्वास हासिल करने का संकेत देगी, जिससे मांग की रिकवरी और विवेकाधीन खर्च में वृद्धि होगी। अगर ब्याज दर कटौती की वर्तमान उम्मीदें पूरी होती हैं, हमें उम्मीद है कि IT स्टॉक्स की आय में गिरावट वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही ( H1FY25) में समाप्त होगी। ये एनालिस्ट्स लार्ज-कैप्स में इंफोसिस, HCL टेक, TCS और LTI Mindtree को प्रेफर कर रहे हैं, और मिड-कैप्स में सायंट (Cyient), बिरलासॉफ्ट (Birlasoft) और फर्स्टसोर्स सॉल्यूशंस (Firstsource Solutions) को तवज्जो दे रहे हैं।

FY24 रेवेन्यू गाइडेंस कट

एक्सेंचर ने FY24 के रेवेन्यू गाइडेंस को 1–3 फीसदी से घटाकर 1.5–2.5 फीसदी कर दिया है क्योंकि यह 70-बेसिस पॉइंट फॉरेक्स में गिरावट की आशंका रखता है। ऐक्सेंचर ने कहा कि इंडस्ट्री के लॉन्ग टर्म टेक्नोलॉजी खर्च बरकरार हैं, लेकिन मैक्रो अनिश्चितताओं के कारण ग्राहक की सतर्कता निकट भविष्य में टेक्नोलॉजी खर्च को प्रभावित कर रही है।

नोमुरा की एक नोट में कहा गया, ‘हम मानते हैं कि भारतीय IT के लिए FY25 में विवेकाधीन मांग में महत्वपूर्ण रूप से सुधार होने की संभावना नहीं है, और इसलिए, हम अपनी सतर्क स्थिति बनाए रखते हैं। जबकि लॉर्ज-कैप्स के लिए रेवेन्यू ग्रोथ में FY25 में सुधार होना चाहिए। FY25 में FY24 के 1.3 फीसदी सालाना आधार पर वृद्धि के मुकाबले 2.9 फीसदी वृद्धि होने की उम्मीद है। हमें उम्मीद है कि यह लागत घटाने वाले सौदों द्वारा संचालित होगी।’

ब्रोकरेज ने लॉर्ज कैप्स में टेक महिंद्रा पर और मिड-कैप्स में कोफोर्ज, बिरलासॉफ्ट और ईक्लरक्स पर ‘बाय’ रेटिंग दी है। इसने TCS, Wipro, LTIMindtree, L&T Technology Services और Mphasis पर ‘रिड्यूस’ रेटिंग है।

First Published - June 21, 2024 | 1:26 PM IST

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