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दफ्तर बुलाने पर IT फर्मों का जोर, वर्क फ्रॉम होम का क्या होगा?

अगले मार्च अंत तक 80 फीसदी IT कंपनियां अपना सकती हैं दफ्तर से 5 दिन काम का मॉडल

Last Updated- October 04, 2023 | 10:20 PM IST
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ऑस्ट्रेलिया की रहने वाली और एक आईटी कंपनी में काम करने वाली गायत्री जोशी (बदला हुआ नाम) पिछले तीन साल से घर से काम कर रही हैं। यहां तक कि जब कोविड लॉकडाउन खत्म हो गया और तमाम दफ्तर खुल गए तो भी जोशी घर से ही काम कर रही हैं। वह यूरोप की एक बड़ी आईटी सेवा कंपनी के लिए काम करती हैं जिसका भारत में काफी कारोबार है।

राहुल कुमार भारत की एक मिडकैप आईटी सेवा कंपनी में हैं। वह अमेरिका में रहते हैं और उनके पास हाइब्रिड वर्क मॉडल यानी कुछ दिन घर से और कुछ दिन दफ्तर से काम करने का विकल्प है। मगर उनके नियोक्ता ने फिलहाल कोई निर्देश नहीं दिया है। वह कंपनी के किसी ग्राहक के लिए काम करते हैं और इसलिए उन्हें सप्ताह में कम से कम चार दिन दफ्तर जाना पड़ता है।

रंजीता दास को अभी-अभी अपने एचआर प्रमुख से ई-मेल मिला है कि कंपनी सप्ताह में पांच दिन ऑफिस बुलाने की योजना बना रही है। इसलिए उन्हें अगले महीने से दफ्तर आना होगा। ये सारे नाम बदल दिए गए हैं।

इन तीनों परिदृश्य से पता चलता है कि आईटी सेवा क्षेत्र में अभी क्या चल रहा है। कंपनियां अपने कर्मचारियों को कार्यालय बुलाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। मानव संसाधन विशेषज्ञों का कहना है कि कर्मचारियों में नौकरी छोड़ने की दर घटने और उद्योग में नरमी के बीच तमाम कंपनियां उनको दफ्तर बुलाने की पहल कर रही हैं।

एचआर विशेषज्ञों के अनुसार चालू वित्त वर्ष के अंत तक करीब 80 फीसदी आईटी कंपनियां सप्ताह में 5 दिन दफ्तर से काम करना अनिवार्य कर देंगी। हालांकि कर्मचारी ऐसा नहीं चाहते हैं।

एक्सफेनो के सह-संस्थापक कमल कारंत ने कहा, ‘हाइब्रिड जैसा मॉडल बरकरार रहेगा। मगर दूर-दराज से काम करने के विकल्प को अ​धिकतर कंपनियां खत्म कर देंगी। कंपनियों को भलीभांति पता है कि वे क्या चाहती हैं और मौजूदा बाजार परिदृश्य कैसा है। फिलहाल गेंद नियोक्ताओं के पाले में है। मैं समझता हूं कि मार्च के अंत तक 80 फीसदी आईटी कंपनियां सप्ताह में 5 दिन दफ्तर से काम करना अनिवार्य कर देंगी।’

हाल में भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के कुछ कारोबार प्रमुखों ने अपनी टीम के सदस्यों को सप्ताह में पांच दिन दफ्तर आकर काम करने का निर्देश दिया था। टीसीएस अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जो अपने कर्मचारियों को दफ्तर बुलाने पर जोर दे रही है। विप्रो ने भी अपने कर्मचारियों को सप्ताह में तीन दिन दफ्तर से काम करने का निर्देश दिया है। कंपनियों का यह भी कहना है कि जहां ग्राहकों ने टीम को दफ्तर में रहने के लिए कहा है, वहां कर्मचारियों को ऑफिस आना होगा।

बहरहाल, ऐसा लगता है कि आईटी कंपनियां विशेष तौर पर अपने बीएफएसआई ग्राहकों की मांग से प्रेरित होकर कर्मचारियों को दफ्तर बुलाने पर जोर दे रही हैं। अमेरिका में बैंक कर्मचारी पूरी तरह दफ्तर से काम कर रहे हैं और केवल आईटी टीम के सदस्य ही दूर-दराज से काम कर रहे हैं। इसलिए उन्हें भी अब दफ्तर आकर काम करने के लिए कहा गया है।

First Published - October 4, 2023 | 10:20 PM IST

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