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आईफोन 17 ने मचाया धमाल! ऐपल की तीसरी तिमाही में शिपमेंट और बिक्री में जबरदस्त उछाल

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कैलेंडर वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में क्यूपर्टिनो मुख्यालय वाली इस कंपनी के वैश्विक आईफोन शिपमेंट में घरेलू स्तर पर योगदान 9 प्रतिशत रहा, जो एक नया रिकॉर्ड है।

Last Updated- October 23, 2025 | 7:41 AM IST
Apple iPhone 17
Representative Image

अपने नए आईफोन 17 सीरीज की 9 सितंबर को लॉन्च और त्योहारी सीजन की शुरुआत से उत्साहित ऐपल इंक ने जुलाई–सितंबर 2025 तिमाही (कैलेंडर वर्ष की तीसरी तिमाही, Q3CY25) में भारत को रिकॉर्ड 4.9 मिलियन स्मार्टफोन भेजे। यह भारत में इसकी अब तक की सबसे अधिक तिमाही शिपमेंट है। रिसर्च एजेंसी ओमडिया के ताजा आंकड़ों में मोबाइल फोन कंपनियों के शिपमेंट आंकड़ों की तस्वीर सामने आई है।

इतना ही नहीं, कैलेंडर वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में क्यूपर्टिनो मुख्यालय वाली इस कंपनी के वैश्विक आईफोन शिपमेंट में भारत का योगदान 9 प्रतिशत रहा, जो एक नया रिकॉर्ड है। यह वर्ष 2024 की इसी अवधि में लगभग 6 प्रतिशत था।

देश में आईफोन की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तिमाही के दौरान इसके शिपमेंट में वार्षिक स्तर पर 47 प्रतिशत की उछाल आई है। यह उछाल तब आई जब भारत में कुल स्मार्टफोन शिपमेंट में केवल 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 4.84 करोड़ यूनिट तक पहुंच गया।

अपने बढ़ते बाजार के साथ ऐपल ने 2025 की तीसरी तिमाही में भारतीय स्मार्टफोन बाजार में 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल कर ली, जो एक साल पहले 7 प्रतिशत ही थी। इस तरह तीसरी तिमाही में पहली बार कंपनी वॉल्यूम के हिसाब से शीर्ष पांच स्मार्टफोन ब्रांड में शामिल हो गई। तिमाही में शीर्ष अन्य कंपनियों में सबसे ऊपर वीवो, उसके बाद सैमसंग, श्याओमी, ओपो और फिर ऐपल का नंबर है।

ओमडिया के प्रमुख विश्लेषक सन्यम चौरसिया ने कहा कि छोटे शहरों में आईफोन की मांग में वृद्धि के साथ आक्रामक त्योहारी ऑफर और बेहतर उपलब्धता ने इसकी बिक्री बढ़ाई। चौरसिया ने कहा, ‘पुराने आईफोन 16 और आईफोन 15 मॉडल पर डिस्काउंट दिया गया जिससे इसकी बिक्री में और उछाल आई। वहीं आईफोन 17 बेस मॉडल ने भी लोगों को आकर्षित किया।’

उन्होंने यह भी कहा कि ऐपल आगे चलकर प्रो मॉडल अपग्रेड चलाने और दीर्घकालिक वृद्धि को बनाए रखने के लिए अपने आईफोन इकोसिस्टम के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करेगा। ऐपल किस तरह बाजार पर अपनी पकड़ बना रही है, इसका अंदाजा आईफोन 17 सीरीज की शुरुआती बिक्री से लगाया जा सकता है, जिसे लेकर ग्राहकों में उत्साह दिखाई दिया। उद्योग के अनुमानों से पता चला है कि लॉन्च के पहले सप्ताहांत के दौरान ही इसकी प्री-बुकिंग आईफोन 16 सीरीज की तुलना में 30-40 प्रतिशत अधिक रही।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, भारत में आईफोन 17 सीरीज की शुरुआती बिक्री में 19 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जो चीन की तुलना में अधिक मजबूत परिदृश्य पेश करती है। चीन में पहले 10 दिनों में इसकी बिक्री आईफोन 16 सीरीज की तुलना में लगभग 14 प्रतिशत ही बढ़ी।

घरेलू मांग में अप्रत्याशित उछाल से ऐपल की वित्त वर्ष 25 में भारत में बिक्री 9 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जो मुख्य रूप से आईफोन की अधिक बिक्री के कारण बढ़ी। वित्त वर्ष 24 में यह 7.6 अरब डॉलर (लगभग 67,000 करोड़ रुपये) थी। विश्लेषकों का अनुमान है कि वर्तमान वृद्धि को देखते हुए ऐपल वित्त वर्ष 26 में 1 लाख करोड़ रुपये बिक्री का आंकड़ा पार कर सकती है।

इस बीच, सितंबर तिमाही के शिपमेंट डेटा से बाजार की अग्रणी कंपनी वीवो और उसकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी सैमसंग के बीच बढ़ते अंतर का भी पता चलता है। एक साल पहले इसी तिमाही में वीवो और सैमसंग लगभग बराबरी पर थे, जिनकी बाजार हिस्सेदारी क्रमशः 17 प्रतिशत और 16 प्रतिशत दर्ज की गई थी। लेकिन 2025 की तीसरी तिमाही में यह अंतर बढ़ गया और इस दौरान वीवो की हिस्सेदारी बढ़कर 20 प्रतिशत हो गई, जबकि सैमसंग की घटकर 14 प्रतिशत रह गई।

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First Published - October 23, 2025 | 7:41 AM IST

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