सरकार के स्वामित्व वाली इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और फ्रांस की ऊर्जा कंपनी टोटाल ने भारत में तेजी से बढ़ रहे सड़क निर्माण उद्योग के लिए उच्च गुणवत्ता का बिटुमन और अन्य उत्पाद बनाने और बेचने के लिए सोमवार को एक संयुक्त उपक्रम बनाया।
संयुक्त उपक्रम कंपनी पानीपत, कोयली, हल्दिया, बरौनी, विशाखापटनम और चेन्नई में करीब 226 करोड़ रुपये के निवेश से पहले चार वर्षों में 6 नए संयंत्र भी स्थापित करेगी। इंडियन ऑयल भारतीय बिटुमन बाजार में सबसे बड़ी कंपनी है, जबकि टोटाल यूरोप में प्रख्यात बिटुमेन निर्माता और आपूर्तिकर्ता है। दोनों कंपनियां भारत में खासकर एलपीजी और ईंधन क्षेत्र में अपना व्यावसायिक संबंध पहले ही स्थापित कर चुकी हैं। नया संयुक्त उपक्रम नए बिटुमन फॉर्मूलेशनों के निर्माण एवं बिक्री के लिए इंडियन ऑयल और टोटाल दोनों को शोध एवं विकास तथा विपणन अनुभवों का इस्तेमाल करेगा। यह संयुक्त उपक्रम पॉलिमर-मॉडीफाइड बिटुमन, क्रम्ब रबर-मॉडीफाइड बिटुमन, बिटुमन एमल्सन और अन्य खास उत्पादों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करेगा।
आईओसी के चेयरमैन एस एम वैद्य ने कहा, ‘नया संयुक्त उपक्रम भारत की प्रमुख राष्ट्रीय कंपनी के तौर पर इंडियन ऑयल की साख और एक अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा दिग्गज के रूप में टोटाल की ताकत का इस्तेमाल करेगा। यह उद्यम सरकारी और निजी क्षेत्रों, दोनों में सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास में लगे बी2बी ग्राहकों की जरूरतें पूरी करेगा। मुझे भरोसा है कि यह संयुक्त उपक्रम प्रतिस्पर्धी कीमतों पर श्रेष्ठ प्रौद्योगिकी उत्पाद मुहैया कराकर देश में सड़क निर्माण में एक नई क्रांति लाएगा।’ संयुक्त उपक्रम लागत किफायती लॉजिस्टिक सॉल्युशनों, नवीनता, सुरक्षा को ध्यान में रखकर पूरे देश में निर्माण इकाइयां स्थापित करेगा। यह अन्य दक्षिण एशियाई बाजारों की जरूरतें पूरी करने की भी संभावना तलाशेगा।
टोटल के चेयरमैन एवं मुख्य कार्याधिकारी पैट्रिक पोयान्ने ने कहा, ‘भारत टोटाल के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण देश है और हम इस भागीदारी से उत्साहित हैं, जो इस तेजी से बढ़ रहे बाजार के प्रति हमारी प्रतिबद्घता का अन्य प्रमाण है। टोटाल मजबूत और नई भागीदारी के तहत इंडियन ऑयल के साथ अपने लंबे व्यावसायिक संबंध को और अधिक मजबूत बना रही है।’