नतीजे जल्द जारी करने वाली कंपनियों के अप्रैल-जून 2022 तिमाही (वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही) के परिणाम आय में मंदी का संकेत देते हैं। मगर जिंसों की ऊंची कीमतों और अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति की वजह से कॉरपोरेट राजस्व में तेजी से बढ़ोतरी जारी है। हालांकि कॉरपोरेट आमदनी असंतुलित है। वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में आमदनी बढ़ने में बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज का बड़ा हिस्सा रहा है, जबकि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और खनन एवं धातु कंपनियों ने कमजोर आमदनी वृद्धि के साथ निराश किया है।
जल्दी नतीजे जारी करने वाली 231 कंपनियों का संयुक्त शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में साल भर पहले के मुकाबले 20.4 फीसदी अधिक रहा। यह वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर वृद्धि से 32 फीसदी कम और एक साल पहले की इसी अवधि के मुकाबले सालाना आधार पर 76 फीसदी अधिक था।
इन कंपनियों का संयुक्त शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में 78,825 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही के 86,817 करोड़ रुपये से 9.2 फीसदी कम और पिछली तीन तिमाहियों में सबसे कम है। कॉरपोरेट आमदनी चार तिमाहियों से बढ़ रही थी, जिसके बाद इस तिमाही में इसमें कमी आई है।
बीएफएसआई कंपनियों (बैंक, वित्त एवं बीमा) का संयुक्त शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में साल भर पहले के मुकाबले 44.3 फीसदी बढ़कर 25,835 करोड़ रुपये रहा। समीक्षाधीन अवधि में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शुद्ध लाभ पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही से 46.3 फीसदी उछलकर 17,955 करोड़ रुपये रहा। बीएफएसआई और रिलायंस इंडस्ट्रीज को छोड़कर जल्द नतीजे जारी करने वाली अन्य सभी कंपनियों का संयुक्त रूप से शुद्ध लाभ अप्रैल-जून, 2021 से 0.7 फीसदी फिसलकर 35,036 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली सात तिमाहियों में सबसे कम है।
इन कंपनियों की संयुक्त रूप से शुद्ध बिक्री वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 33 फीसदी बढ़कर 6.5 लाख करोड़ रुपये रही। सभी कंपनियों की आदमनी में वृद्धि नजर आती है, लेकिन सबसे ज्यादा उछाल रिलायंस इंडस्ट्रीज और खनन एवं धातु कंपनियों में रही। इसके विपरीत आलोच्य तिमाही के दौरान आईटी सेवा कंपनियों की शुद्ध बिक्री की वृद्धि में सुस्ती दर्ज की गई।
इन कंपनियों के आंकड़ों से पता चलता है कि पूरे कंपनी जगत में परिचालन मार्जिन नरम पड़ा है। सबसे ज्यादा गिरावट खनन एवं धातु और आईटी सेवा क्षेत्र की कंपनियों ने दर्ज की है। जल्द नतीजे जारी करने वाली सभी कंपनियों का परिचालन मार्जिन (या एबिटा मार्जिन) वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 150 आधार अंक घटकर कुल राजस्व का 28 फीसदी रहा, जो एक साल पहले की इसी अवधि में 29.5 फीसदी रहा था।
इसकी तुलना में आलोच्य अवधि में खनन एवं धातु कंपनियों का एबिटा मार्जिन 50 फीसदी गिरकर 19.8 फीसदी पर आ गया, जो वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में 33.7 फीसदी था। वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में आईटी सेवा कंपनियों का एबिटा मार्जिन सालाना आधार पर 411 आधार अंक फिसलकर राजस्व का 23.7 फीसदी रह गया, जो एक साल पहले की इसी अवधि में 26.8 फीसदी था। एक फीसदी में 100 आधार अंक होते हैं।
हालांकि बैंकों ने ब्याज आय में तेज वृद्धि और फंसे ऋणों के लिए प्रावधान में तेजी से कमी की बदौलत मार्जिन में बढ़ोतरी दर्ज की है। हमारे नमूने में शामिल 23 आईटी कंपनियों का संयुक्त शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 1.9 फीसदी बढ़ा, जो वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही के बाद सबसे खराब है। इस क्षेत्र का संयुक्त रूप से शुद्ध लाभ 18,384 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली चार तिमाहियों में सबसे कम है।