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ऑटो उद्योग में भूचाल! कैफे-3 नियमों पर सायम का विरोध

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सायम ने बीईई के कैफे-3 नियमों के नए कार्बन उत्सर्जन लक्ष्यों का विरोध करते हुए पांच साल के स्थिर लक्ष्य की मांग की।

Last Updated- February 23, 2026 | 7:36 AM IST
One target or five: Siam opposes Bureau of Energy Efficiency's CAFE 3 reset
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सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सायम) ने ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) के नए प्रस्ताव का विरोध किया है। बिजनेस स्टैंडर्ड को जानकारी मिली है कि इसमें आने वाले कैफे-3 नियमों के तहत वित्त वर्ष 28 से 32 तक हर साल के लिए पूरे उद्योग के लिए कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के अलग लक्ष्य तय करने का प्रस्ताव है।

बीईई ने 10 फरवरी को भारी उद्योग मंत्रालय में हुई बैठक में नई संशोधित रूपरेखा पेश की थी। इससे वाहन उद्योग के कई अधिकारी दंग रह गए, क्योंकि यह कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी (कैफे) नियमों के तीसरे चरण के लिए पहले हुई चर्चाओं से साफ तौर पर अलग थी। इस बैठक में बीईई ने कार निर्माताओं और सरकारी अधिकारियों को बताया कि कैफे-3 के तहत समूचे उद्योग के उत्सर्जन लक्ष्य हर साल कड़े होते जाएंगे। यह लक्ष्य वित्त वर्ष 28 में 92.5 ग्राम प्रति किलोमीटर से घटकर वित्त वर्ष 29 में 89.33 ग्राम प्रति किलोमीटर, वित्त वर्ष 30 में 86.98 ग्राम प्रति किलोमीटर, वित्त वर्ष 31 में 81.75 ग्राम प्रति किलोमीटर और वित्त वर्ष 32 में 77.08 ग्राम प्रति किलोमीटर हो जाएंगे।

अलबत्ता, सायम ने नवंबर 2025 में साफ तौर पर कहा था कि कैफे-3 के नियमों को वित्त वर्ष 28 और 32 के बीच पूरे पांच साल की अवधि के दौरान उद्योग के लिए 89.6 ग्राम प्रति किलोमीटर का एक ही कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन लक्ष्य बरकरार रखना चाहिए। यह कैफे-1 के तहत अपनाई गई रूपरेखा और मौजूदा कैफे-2 व्यवस्था के साथ अनुरूप रहेगा। इसमें हर पांच साल की अवधि के लिए एक ही लक्ष्य तय किया गया था।
कैफे-2 के तहत सरकार ने वित्त वर्ष 23 और वित्त वर्ष 27 के बीच पांच साल की अवधि के वास्ते पूरे उद्योग के लिए 113 ग्राम प्रति किलोमीटर का एक ही कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन लक्ष्य अधिसूचित किया था। यह आंकड़ा उस औसत उत्सर्जन स्तर को दिखाता है जिसे पूरे यात्री वाहन उद्योग द्वारा हासिल किए जाने की उम्मीद है।

भारी उद्योग मंत्रालय में हाल ही में हुई मीटिंग के बाद सायम ने 19 फरवरी को बीईई को एक ईमेल लिखा। इसमें बताया गया, ‘यह ध्यान देने वाली बात है कि पहला कैफे-3 प्रस्ताव (मसौदा) बीईई ने 9 जून, 2024 को साझा किया था। इसके बाद 25 सितंबर, 2025 को खासा संशोधित दूसरा प्रस्ताव साझा किया गया। 10 फरवरी, 2026 को हुई बैठक के दौरान बीईई ने पहली बार तीसरा संशोधित प्रस्ताव पेश किया, जिसमें पिछले दो संस्करणों की तुलना में खासा बदलाव दिखा।’

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First Published - February 23, 2026 | 7:36 AM IST

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