दूरसंचार विभाग ने नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट से कहा है कि वह लाइसेंस प्राप्त दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को दूरसंचार अधिनियम 2023 के अनुसार अपना नेटवर्क स्थापित करने की इजाजत दे। ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनैशनल एजी की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी यमुना इंटरनैशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) को 19 फरवरी को लिख पत्र में यह निर्देश जारी किया गया है। कंपनी उत्तर प्रदेश के जेवर में हवाईअड्डे का परिचालन करती है। इससे कुछ दिन पहले ही नवी मुंबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को इसी तरह के निर्देश जारी किए गए थे।
वाईआईएपीएल को लिखे पत्र में विभाग ने कंपनी को लाइसेंस प्राप्त दूरसंचार परिचालकों को हवाईअड्डा परिसर के भीतर राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) की इजाजत देने का निर्देश दिया है। विभाग ने अधिनियम के तहत आरओडब्ल्यू नियमों का पालन करने के लिए कहा है जिनमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि हवाई अड्डा सार्वजनिक संस्था के रूप पात्र है। पत्र में कहा गया, ‘यह स्पष्ट किया जाता है कि दूरसंचार अधिनियम 2023 के हिसाब से नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट उस अधिनियम और उसके तहत बनाए गए नियमों के लिए ‘सार्वजनिक संस्था’ के तौर पर पात्र है। इसलिए इस अधिनियम के तहत सार्वजनिक संस्था के लिए तय दायित्व और जिम्मेदारियां लागू होती हैं।’
वाईआईएपीएल ने खबर लिखे जाने तक बिज़नेस स्टैंडर्ड के सवालों का जवाब नहीं दिया। इस निर्देश का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आने वाले महीनों में हवाईअड्डे से वाणिज्यिक उड़ानें शुरू होने पर ग्राहकों को मोबाइल कनेक्टिविटी के संबंध में दिक्कतों का सामना न करना पड़े।