facebookmetapixel
Advertisement
विकसित भारत के लिए युवाओं को कौशल और डिजिटल ट्रेनिंग देने पर जोरहोर्मुज में जंग के बीच नाविकों के सामने दो विकल्प, सुरक्षित रहें या ज्यादा कमाएंPM मोदी से मिले 20 स्पेस स्टार्टअप के CEO, निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोरबांग्लादेश के पीएम का भारत दौरा अटका, ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने पर भी संशयउदारीकरण के 35 साल: ​1991 के बाद टेलीविजन ने कैसे बदला भारतीय मीडियाEPFO का जिला स्तर पर विस्तार प्लान, रोजगार योजना की रियल टाइम निगरानी होगीभारतीय बैंकों की डॉलर बॉन्ड में दौड़ तेज, आरबीआई की सस्ती स्वैप विंडो का उठा रहे फायदासौर परियोजनाओं की अटकी डील सुलझाएगा मंत्रालय, डिस्कॉम से PPA पर बातचीतपरमाणु बिजली के लिए पारदर्शी शुल्क ढांचा चाहता है उद्योग, 8 रुपये प्रति यूनिट की सीमा की मांगछोटी कंपनियों पर म्युचुअल फंड्स का बड़ा दांव, एंकर निवेश के बाद भी लंबी अवधि तक बने रहते हैं

कम मियाद, सीमित जोखिम: क्या मनी मार्केट फंड आपके लिए सही विकल्प हैं?

Advertisement

एक साल में करीब 7% रिटर्न, कम अवधि के निवेशकों के लिए लिक्विडिटी और स्थिर आय का संतुलन

Last Updated- February 23, 2026 | 8:39 AM IST
Amid market decline, mutual funds increased investment in banks and IT बाजार में गिरावट के बीच म्युचुअल फंडों ने बैंकों और आईटी में बढ़ाया निवेश

जिन निवेशकों को लिक्विडिटी और स्थिर आय वाले सुरक्षित विकल्प चाहिए, उन्हें मनी मार्केट फंड अच्छे लग सकते हैं। पिछले एक साल में इन्होंने 6.97 फीसदी रिटर्न दिया है। मनी मार्केट फंड रकम को मुद्रा बाजार की ऐसी योजनाओं में लगाते हैं, जो एक साल से भी कम वक्त में परिपक्व हो जाती हैं। श्रीराम ऐसट मैनेजमेंट कंपनी में सीनियर फंड मैनेजर – लीड, फिक्स्ड इनकम अमित मोदानी कहते हैं, ‘मनी मार्केट फंड एक तरह से डेट म्युचुअल फंड हैं, जो बहुत कम मियाद वाले बेहतरीन वित्तीय साधनों में रकम लगाते हैं। ये उन निवेशकों के लिए हैं, जो अपने पास मौजूद अतिरिक्त रकम को जोखिम रहित बेहतर रिटर्न हासिल करने के लिए कुछ हफ्तों से कुछ महीनों तक कहीं लगाना चाहते हैं। ये फंड तेज वृद्धि के बजाय पूंजी महफूज रखने और सधा हुआ रिटर्न देने में यकीन करते हैं।’

मनी मार्केट फंड बढ़ भी रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़े बताते हैं कि 31 जनवरी 2025 को ये दूसरी सबसे बड़ी डेट फंड श्रेणी थे और तकरीबन 3.32 लाख करोड़ रुपये संभाल रहे थे। इनसे आगे केवल लिक्विड फंड थे, जिनके पास 5.37 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति थी।

ठीकठाक रिटर्न

मनी मार्केट फंड ब्याज दर से जुड़ा ज्यादा जोखिम लिए बगैर ठीकठाक आय दिला सकते हैं। एडलवाइज म्युचुअल फंड में प्रेसिडेंट और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर – फिक्स्ड इनकम धवल दलाल बताते हैं, ‘मनी मार्केट फंड आम तौर पर कमर्शल पेपर, सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट और ट्रेजरी बिल या सरकारी बॉन्ड में निवश करते हैं। इनमें निवेश औसतन 3 से 9 महीने में परिपक्व होता है और पोर्टफोलियो में कई प्रकार की योजनाएं होती हैं। 6 से 9 महीने की औसत परिपक्वता वाले मनी मार्केट फंड पर फिलहाल 7.2 से 7.5 फीसदी सालाना रिटर्न मिल सकता है, जबकि रीपो रेट 5.25 फीसदी है। इसका मतलब है कि निवेशकों को ओवरनाइट फंड के मुकाबले 200 आधार अंक ज्यादा रिटर्न मिल रहा है। कम से कम तीन महीने के लिए पैसे लगाने जा रहे लोगों के लिए यह बहुत बढ़िया है।’

कॉरपोरेट ट्रेनर (डेट) और लेखक जयदीप सेन के हिसाब से रीपो रेट के मुकाबले काफी अधिक दर होने के कारण मनी मार्केट में अच्छा रिटर्न मिल जाता है।

ब्याज दर से बेफिक्र

कम अवधि वाली योजनाओं के कारण मनी मार्केट फंड पर ब्याज दर का उतना फर्क नहीं पड़ता, जितना लंबी अवधि को योजनाओं पर पड़ता है। मोदानी समझाते हैं, ‘ये फंड कम मियाद की योजनाओं मे रकम लगाते हैं, इसलिए ब्याज दर का जोखिम भी कम होता है, जिससे जोखिम से दूर रहने वाले निवेशकों, नकदी से भरी कंपनियों या कुछ समय के लिए रकम जमा कर रहे लोगों के लिए ये बढ़िया हैं।’ दलाल का कहना है 1 साल के सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट और 2-3 साल के एएए रेटिंग वाले केंद्रीय उपक्रम बॉन्डों के बीच ज्यादा अंतर नहीं है, इसलिए 7 फीसदी से ज्यादा यील्ड, लिक्विडिटी और विविधता वाले मनी मार्केट फंड अच्छे हैं। इसकी वजह दो साल से ज्यादा मियाद वाली अन्य फिक्स्ड इनकम योजनाओं के मुकाबले ब्याज दर का जोखिम कम होना भी है।

कुछ जोखिम भी

मनी मार्केट फंड जोखिम से एकदम महफूज भी नहीं हैं। मोदानी बताते हैं, ‘मनी मार्केट फंड बाजार से जुड़े होते हैं और रिटर्न की गारंटी नहीं देते। उनमें ब्याज दर, लिक्विडिटी और क्रेडिट का जोखिम होता है। परिपक्व होने पर कई बार फंड मैनेजर को कम ब्याज दर पर निवेश भी करना पड़ता है, जिससे आगे रिटर्न कम हो जाता है।’ सेन समझाते हैं, ‘डीफॉल्ट का खतरा तो होता है मगर फंड कंपनियां आम तौर पर अच्छी साख वाले पोर्टफोलियो चलाती हैं और इनमें दूसरे डेट फंड से कम रिटर्न की अपेक्षा रहती है। डेट मार्केट जब उफान पर होता है तो दूसरे डेट फंड मनी मार्केट फंड से अच्छा रिटर्न दे सकते हैं।’

इसलिए मोदानी के हिसाब से ये फंड उन निवेशकों के लिए कारगर हैं, जो लिक्विडिटी, पूंजी की सुरक्षा और कम अवधि के कम रिटर्न से खुश रहते हैं। कम जोखिम झेलने वाले निवेशकों और थोड़े से समय के लिए ज्यादा नकदी निवेशक करने जा रहे लोगों के लिए अच्छे हैं। जिन्हें 6 से 12 महीने के लिए निवेश करना है, वे मनी मार्केट फंड खंगाल सकते हैं मगर उन्हें फंड की परिपक्वता अवधि जितनी मियाद के लिए ही निवेश करना चाहिए। साथ ही कम से कम एक्सपेंस रेश्यो भी देखना चाहिए।

Advertisement
First Published - February 23, 2026 | 8:39 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement