facebookmetapixel
Advertisement
भारत की नजर अब Qatar और Bahrain पर, GCC से पहले इन देशों के साथ होगी व्यापारिक साझेदारी!3 जुलाई को होगा बड़ा फैसला! 2030 तक 2 लाख करोड़ डॉलर निर्यात लक्ष्य पर सरकार का मेगा प्लानGold, Silver Price Today: तेज शुरुआत के बाद सोना पड़ा सुस्त, चांदी में भी गिरावटFCNR-B Scheme बनेगी विदेशी पूंजी का बड़ा जरिया? Standard Chartered CEO ने किया बड़ा दावामेडिकल डिवाइस कंपनियों को बड़ी राहत! लाइसेंस मिलने में लगेगा कम समय, सरकार लाई नया प्रस्तावअमेरिकी टैरिफ और पश्चिम एशिया संकट के बीच तिरुपुर ने बनाया रिकॉर्ड, ₹46000 करोड़ का निर्यातMeta का भारत पर बड़ा दांव, Jamnagar में Data Center से AI क्रांति की तैयारीGIFT City से दुनिया जीतने की तैयारी में भारतीय Fintech कंपनियां, सीमा पार पेमेंट कारोबार में खुलेंगे नए रास्तेStock Market Update: शेयर बाजार में हल्की तेजी! Sensex 100 अंक चढ़ा, Nifty 24,100 के करीब; Adani Enterprises-IndiGo बने सबसे बड़े लूजरपेट्रोल बाइक्स को मिल रही चुनौती, Electric Two-Wheeler की बिक्री ने पहली बार पार किया 10% आंकड़ा

EV स्टार्टअप जगत से निकलेगी भारत की अगली यूनिकॉर्न!

Advertisement
Last Updated- June 04, 2023 | 8:21 PM IST
Start Ups

वर्ष 2070 तक नेट जीरो एमिशन (Net zero emission) तक पहुंचने के देश के लक्ष्य के अनुरूप जलवायु प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहन (EV) के क्षेत्र में भारतीय स्टार्टअप कंपनियां स्टार्टअप जगत में रकम जुटाने की कवायद में चल रही नरमी के बावजूद निवेश का बड़ा हिस्सा हासिल करने में कामयाब रही हैं।

सरकार के निरंतर समर्थन और गहन बुनियादी ढांचे के मद्देनजर जैसे-जैसे पारिस्थितिकी तंत्र परिपक्व हो रहा है, उद्योग पर नजर रखने वाले और निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि भारत की अगली यूनिकॉर्न कंपनियां ईवी स्टार्टअप से उत्पन्न होंगी।

फिलहाल देश में 970 स्वदेशी ईवी स्टार्टअप काम कर रही हैं। इनमें से केवल एक को ही यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल है। ओला इले​क्ट्रिक ने अपनी स्थापना के दो साल बाद जुलाई 2019 में एक अरब डॉलर के मूल्यांकन की सीमा पार कर ली थी।

ईवी स्टार्ट-अप, जिनमें से 18 सूनीकॉर्न समूह में हैं, यूनिकॉर्न वाले दर्जे में शामिल होने की संभावित दावेदारों के रूप में उभरी हैं। इनमें एथर एनर्जी, जिप इले​​क्ट्रिक, ब्लसमार्ट, यूलू, लॉग9 मैटेरियल्स, एल्टग्रीन और हीरो इले​क्ट्रिक जैसी कंपनियां शामिल हैं। सूनीकॉर्न रकम का इंतजाम कर चुकी ऐसी स्टार्टअप कंपनियां होती हैं, जिनमें यूनिकॉर्न बनने की क्षमता होती है यानी सून-टु-बी-यूनिकॉर्न।

बिजनेस स्टैंडर्ड ने जिन उद्योग विशेषज्ञों और वीसी से बात की, उनमें से कई का मानना है कि उद्योग को जो वृद्धि और निवेश दिख रह है, उसमें इस क्षेत्र से आने वाले अगली यूनिकॉर्न दिखने की पूरी क्षमता है।

शुरुआती चरण वाली वीसी फर्म ओरियोस वेंचर पार्टनर्स के प्रबंध साझेदार अनूप जैन कहते हैं कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अगले दो या तीन साल में पांच या छह यूनिकॉर्न को जन्म देने वाला है।

मार्केट इंटेलीजेंस प्लेटफॉर्म ट्रैकसन के आंकड़ों के मुताबिक ईवी स्टार्टअप कंपनियों ने वर्ष 2021 के बाद संयुक्त रूप से करीब 3.4 अरब डॉलर जुटाए हैं।

इस साल अब तक इन कंपनियों ने 73.86 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। यह रकम 24 सौदों में जुटाई गई थी, जिनमें से दो का मूल्य 10 करोड़ डॉलर से अधिक था। इन्होंने फंडिंग में मौजूदा नरमी के बीच कई अन्य क्षेत्रों से बेहतर प्रदर्शन किया था। कैलेंडर वर्ष 2022 में 122 सौदों में 1.89 अरब डॉलर का निवेश देखा गया, जो पिछले साल के 112 सौदों से जुटाए गए 77.11 करोड़ डॉलर से लगभग 145 प्रतिशत अधिक है।

Advertisement
First Published - June 4, 2023 | 8:21 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement