रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएं (एफएमसीजी) बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) ने वित्त वर्ष 2021-22 की जून तिमाही में बाजार के अनुमानों के मुताबिक शुद्ध लाभ के आंकड़े दर्ज किए जबकि राजस्व के मोर्चे पर उसका प्रदर्शन अनुमान से कहीं बेहतर रहा।
तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 13.5 फीसदी बढ़कर 2,381 करोड़ रुपये हो गया जबकि एक साल पहले की अवधि में यह आंकड़ा 2,097 करोड़ रुपये रहा था। तिमाही के दौरान कंपनी का राजस्व 19.6 फीसदी बढ़कर 14,357 करोड़ रुपये हो गया जो एक साल पहले की समान अवधि में 12,004 करोड़ रुपये रहा था।
तिमाही के दौरान कंपनी ने अपने उत्पाद पोर्टफोलियो में 12 फीसदी की मूल्य वृद्धि की।
एचयूएल के वित्तीय नतीजे उद्योग की वृद्धि के मुकाबले बेहतर रहे। तिमाही के दौरान कंपनी की मात्रात्मक बिक्री में वृद्धि 6 फीसदी रही जबकि उद्योग में 5 फीसदी का संकुचन दर्ज किया गया। पिछले साल की जून तिमाही में कंपनी की मात्रात्मक बिक्री में 9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी।
एचयूएल के मुख्य वित्तीय अधिकारी रितेश तिवारी ने कंपनी के वित्तीय नतीजे के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘डॉलर में मजबूती के साथ ही हमें मुद्रा आधारित मुद्रास्फीति का प्रभाव दिख रहा है।’ उन्होंने कहा कि व्यापक मुद्रास्फीति उपभोक्ता मांग को प्रभावित कर रही है।
कंपनी कैलिब्रेटेड प्राइसिंग पर लगातार ध्यान केंद्रित करेगी। तिमाही के दौरान कंपनी के कर पूर्व लाभ (पीबीआईडीटी) 19 फीसदी बढ़कर 3,523 करोड़ रुपये हो गया।
तिमाही के दौरान होमकेयर श्रेणी में 30 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई जबकि सौंदर्य एवं पर्सनल केयर श्रेणी में 17 फीसदी की वृद्धि हुई। एचयूएल ने फूड ऐंड रीफ्रेशमेंट श्रेणी में पहली तिमाही के दौरान 9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। इसे मुख्य तौर पर आइसक्रीम, कॉफी और फूड समाधानों से बल मिला।
कंपनी ने अपनी प्रस्तुति में कहा कि वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही के बाद सामग्री की शुद्ध महंगाई में 4.5 गुना वृद्धि हुई है।
एचयूएल के मुख्य कार्याधिकारी एवं प्रबंध निदेशक संजीव मेहता ने कहा कि कंपनी बाजार के मुकाबले कहीं अधिक मात्रात्मक बिक्री और बाजार हिस्सेदारी हासिल कर रही है।