facebookmetapixel
Advertisement
कौड़ियों के भाव बिक रहा प्याज! लागत भी नहीं निकाल पा रहे किसान, सरकारी दाम पर मचा घमासानपैसे की तंगी से नहीं करा रहे IVF? सर्वे में खुलासा: बिना इलाज कराए लौट रहे हैं 10 में से 6 कपलपीएम मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर से बातचीत की; व्यापार, निवेश और ब्लू इकोनॉमी पर फोकसपश्चिम एशिया संकट से ₹70,000 करोड़ बढ़ेगा फर्टिलाइजर सब्सिडी बोझ! वैकल्पिक मार्गों से बढ़ाई सप्लाईExplainer: UAN पोर्टल पर आधार-पैन डिटेल्स अलग हैं? जानें KYC के जरूरी डॉक्यूमेंट, स्टेप्स और जरूरी नियमइस साल भी होटल सेक्टर में खूब आ रहा है निवेश, पहली तिमाही में 58% बढ़ा; टियर 2 और 3 शहर ग्रोथ इंजनSEBI चीफ बोले- भारतीय शेयर बाजार झटकों को झेलने में सक्षम, घरेलू निवेशक बने सहारा सरकारी नौकरी वाले दें ध्यान! माता-पिता या सास-ससुर के लिए मेडिकल बेनिफिट्स के नियम बदलेहाइब्रिड म्युचुअल फंड्स में FY26 में ₹1.55 लाख करोड़ का निवेश, डायवर्स पोर्टफोलियो का बढ़ा क्रेजप. बंगाल में कर्मचारियों को मिलेगा 7वें वेतन आयोग का फायदा; महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा, अन्नपूर्णा भंडार योजना लागू

प्रमोटरों के विवाद से दांव पर लगा हिकल का भविष्य : InGovern

Advertisement
Last Updated- May 14, 2023 | 11:49 PM IST
Hikal

हिकल के दो प्रवर्तकों (promoters) बाबा कल्याणी (Baba Kalyani) और बहन सुगंधा हीरामठ (Sugandha Hiremath) के बीच चल रहे विवाद ने कंपनी की वृद्धि को दांव पर लगा दिया है। कॉरपोरेट गवर्नेंस फर्म इनगवर्न (InGovern) ने एक नोट में ये बातें कही।

इनगवर्न ने अल्पांश हितधारकों (minority shareholders) के हितों की सुरक्षा के लिए प्रबंधन और बोर्ड में बदलाव का आह्वान किया है। अल्पांश शेयरधारकों के पास स्पेशियलिटी केमिकल फर्म की करीब एक तिहाई हिस्सेदारी है।

कल्याणी और हीरामठ परिवार के बीच कानूनी विवाद चल रहा है। हीरामठ परिवार कल्याणी समूह के पास मौजूद स्वामित्व के हस्तांतरण की मांग कर रहा है और इसके लिए करीब तीन दशक पहले हुई पारिवारिक व्यवस्था का हवाला दिया है। इस विवाद पर बंबई उच्च न्यायालय में सुनवाई हो रही है।

इनगवर्न ने कहा है, यह विवाद कंपनी को अपनी वृद्धि योजना के लिहाज से अनिश्चित भविष्य की ओर ले जा रहा है क्योंकि प्रबंधन को गंभीर तरीके से विवश व विचलित किया जा सकता है, जिसकी वजह यह है कि कंपनी के प्रबंध ​निदेशक (MD) आपसी विवाद में फंसे प्रवर्तक समूह का एक सदस्य है।

Also read: FPI ने मई के पहले पखवाड़े में भारतीय शेयर बाजारों में 23,152 करोड़ रुपये डाले

वास्तविकता यह है कि कंपनी उच्च प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में परिचालन कर रही है और परिचालन के मोर्चे पर सुस्त प्रदर्शन को देखते हुए हिकल के करीब 75,000 शेयरधारकों की किस्मत दांव पर है।

हिकल की शेयरधारिता तीन मुख्य ब्लॉक में बंटी हुई है। हीरामठ परिवार के पास 34.84 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि बाबा कल्याणी समूह के पास 34.01 फीसदी हिस्सा है, जिस पर हीरामठ परिवार दावा कर रहा है। इसके अलावा आम लोगों की शेयरधारिता 31.15 फीसदी है।

Advertisement
First Published - May 14, 2023 | 7:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement