facebookmetapixel
वेनेजुएला संकट: भारत के व्यापार व तेल आयात पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल से फिलहाल कोई असर नहींसोमनाथ मंदिर: 1026 से 2026 तक 1000 वर्षों की अटूट आस्था और गौरव की गाथाT20 World Cup: भारत क्रिकेट खेलने नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम, ICC से बाहर मैच कराने की मांगसमान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौतीमझोले और भारी वाहनों की बिक्री में लौटी रफ्तार, वर्षों की मंदी के बाद M&HCV सेक्टर में तेजीदक्षिण भारत के आसमान में नई उड़ान: अल हिंद से लेकर एयर केरल तक कई नई एयरलाइंस कतार में

दिल्ली: कारोबारियों के बैंक खाते अटैच करने से पहले जीएसटी कमिश्नर की मंजूरी जरूरी

Last Updated- February 17, 2023 | 6:25 PM IST
GST Probe: More than 20,000 notices issued for tax demand of Rs 80,000 crore, most focus on assessment year 2017-18 जीएसटी जांच: 80,000 करोड़ रुपये की कर मांग के लिए 20,000 से अधिक नोटिस जारी, आकलन वर्ष 2017-18 पर सबसे अधिक ध्यान

दिल्ली जीएसटी और वैट विभाग ने गलती करने वाले कारोबारियों के बैंक खाते attachment/detachment करने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक अब दोषी कारोबारियों के बैंक खाते को attach/detach करने के लिए जीएसटी/वैट कमिश्नर की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।

दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि यह देखा गया है कि जीएसटी और वैट कानून के तहत कई ऐसी डिमांड लंबित हैं। जिनके मामले में न तो कोई आपत्ति/अपील दायर की गई है और न ही बकाया राशि का भुगतान दोषी कारोबारियों द्वारा किया जा रहा है।

वसूली के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा कारोबारियों को नोटिस जारी किए जाते हैं। कर, जुर्माना, ब्याज और किसी भी अन्य देय राशि की वसूली के लिए कानून के तहत दोषी कारोबारियों के बैंक खाते को attach करने का प्रावधान है।

बैंक खाते को attach/detach करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए जीएसटी कमिश्नर ने समस्त वार्ड प्रभारियों/उचित पदाधिकारियों को कुछ निर्देश जारी किए हैं।

इसके तहत दोषी कारोबारियों के बैंक खाते attach/detach करने से पहले कमिश्नर की अनुमति लेना अनिवार्य है। बैंक खाते को attach/detach करने के लिए बैंक प्रबंधक को लेटर जारी करते समय उक्त लेटर संबंधित वार्ड अधिकारी द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित होगा। साथ ही इस लेटर की प्रति नोडल अधिकारी को भेजनी होगी। लेटर निर्धारित प्रारूप में होना चाहिए। जिसमें लेटर भेजने वाले संबंधित अधिकारी का नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर का उल्लेख होना चाहिए।

साथ ही अधिकारी अपने अधिकारिक ई—मेल आईडी से बैंक प्रबंधक को यह लेटर भेजेगा। अधिकारी को detachment के लेटर में विशेष रूप से उल्लेख करना चाहिए कि यदि बैंक खाते को detach करने से पहले किसी स्पष्टीकरण/पुष्टि की आवश्यकता है तो वह नोडल अधिकारी से इसका पता कर सकता है।

First Published - February 17, 2023 | 5:33 PM IST

संबंधित पोस्ट