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एवरेडी का प्रदर्शन शानदार

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Last Updated- December 15, 2022 | 1:56 AM IST

करीब 50 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ ड्राई सेल बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी एवरेडी इंडस्ट्रीज ने ऐसे समय में बेहतरीन तिमाही प्रदर्शन दर्ज किया है जब वह प्रवर्तक स्तर पर ऋण बोझ से जूझ रही है।
एवरेडी के प्रबंध निदेशक अमृतांशु खेतान ने कहा, ‘सभी फैक्टरियां चालू हैं, बैटरी में हम पूरी क्षमता पर काम कर रहे हैं।’ कंपनी के पास 1.8 अरब बैटरी बनाने की क्षमता है।
जून में समाप्त तिमाही के दौरान एवरेडी का कर पूर्व लाभ 234 फीसदी बढ़कर 30.29 करोड़ रुपये हो गया जबकि अप्रैल में लॉकडाउन के कारण संयंत्रों के बंद होने एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों में व्यवधान के कारण उसकी परिचालन आय करीब 18 फीसदी घटकर 263.45 करोड़ रुपये रह गई। खेतान ने कहा, ‘तिमाही मार्जिन के लिहाज से यह पिछली कई तिमाहियों में एवरेडी का बेहतरीन प्रदर्शन है और यह महज दो महीने का प्रदर्शन है।’
कीमत में बदलाव, दमदार मांग और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के गुणवत्ता मानदंडों को लागू करने से कंपनी के प्रदर्शन में सुधार हुआ। खेतान ने कहा, ‘करीब 10 से 15 फीसदी बाजार में चीन से आयातित वस्तुओं को डंप किया जाता था लेकिन अब वह लगभग नगण्य स्तर पर है।’
ये आमतौर पर असंगठित क्षेत्र के कारोबारी होते हैं लेकिन अब उनकी हिस्सेदारी संगठित बाजार में शामिल हो गई है। ऐसा न केवल बैटरी के मार्चे पर बल्कि एवरेडी के फ्लैशलाइट कारोबार में भी तेजी दिख रही है। जबकि यह थोक आधारित कारोबार है और मार्च से अप्रैल की अवधि में इसे काफी झटका लगा था। खेतान ने कहा, ‘मार्च और अप्रैल में थोक मंडी के बंद होने के कारण हम दूरदराज के क्षेत्रों तक नहीं पहुंच सके थे। लेकिन मॉनसून के आने और सिंचाई गतिविधियों में तेजी आने के बाद जून में हमें दमदार मांग दिखी।’
संगठित फ्लैशलाइट बाजार में एवरेडी की बाजार हिस्सेदारी करीब 75 फीसदी है जबकि ग्रामीण एवं कस्बाई केंद्रित बिक्री में उसकी हिस्सेदारी 70 से 75 फीसदी है। बैटरी श्रेणी में ग्रामीण एवं शहरी बिक्री का अनुपात लगभग बराबर है।
हालांकि लॉकडाउन के लंबे खिंचने के कारण लाइटिंग एवं अप्लायंस कारोबार में कंपनी को काफी नुकसान हुआ। लेकिन लाइटिंग कारोबार एबिटा के मोर्चे पर न नफा न नुकसान की स्थिति में दिख रहा है जबकि अप्लायंस कारोबार में उसे नुकसान दर्ज करना पड़ा है। हालांकि बैटरी और फ्लैशलाइट जैसे अधिक मुनाफा वाले उत्पादों की दमदार बिक्री से कंपनी को मदद मिली।

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First Published - September 15, 2020 | 12:31 AM IST

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