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सरकारी कंपनी BPCL लगाएगी नई रिफाइनरी, 50000 करोड़ का करेगी निवेश

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BPCL 1.7 ट्रिलियन रुपये के निवेश के साथ अगले 5 साल में करेगी विस्तार, नई रिफाइनरी भी लगाएगी

Last Updated- June 11, 2024 | 7:14 PM IST
BPCL Q2 results: Recovering from losses, the government oil marketing company earned a net profit of Rs 8,243 crore.

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) देश में एक नई रिफाइनरी लगाने की योजना बना रही है। यह रिफाइनरी हर साल 12 करोड़ मीट्रिक टन तेल का उत्पादन करेगी। इकॉनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना पर सरकारी तेल कंपनी लगभग 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी अभी तीन राज्यों आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात में जगह ढूंढ रही है।

अखबार की रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि, “भारत को ईंधन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए और रिफाइनरी की जरूरत है, इसलिए BPCL पूर्वी या पश्चिमी तट पर एक और रिफाइनरी लगाने की योजना बना रहा है। अभी बातचीत शुरुआती चरण में है।”

उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी नई रिफाइनरी लगाने के लिए उत्तर प्रदेश पर भी विचार कर सकती है। पिछले महीने BPCL के चेयरमैन जी कृष्णकुमार ने बताया था कि कंपनी वित्त वर्ष 2029 तक अपनी रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाकर 45 MMTPA करने की योजना बना रही है। बता दें कि BPCL मुंबई, कोच्चि और Bina (मध्य प्रदेश) में तीन रिफाइनरी चलाती है, जिनकी कुल वार्षिक रिफाइनिंग क्षमता लगभग 36 MMTPA है।

आगामी पांच सालों में 1.7 ट्रिलियन रुपये का निवेश

BPCL अगले पांच सालों में अपने मुख्य व्यवसायों जैसे ऑइल रिफाइनिंग, फ्यूल मार्केटिंग, पेट्रोकेमिकल और क्लीन एनर्जी में लगभग 1.7 ट्रिलियन रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। रिपोर्ट के अनुसार, इस कुल पूंजीगत व्यय में से 75,000 करोड़ रुपये रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल परियोजनाओं के लिए, 8,000 करोड़ रुपये पाइपलाइन परियोजनाओं के लिए और 20,000 करोड़ रुपये से अधिक इसके मार्केटिंग बिजनेस के लिए आवंटित किए गए हैं।

अखबार की रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि BPCL एक नई रिफाइनरी स्थापित करने पर विचार कर रही है क्योंकि महाराष्ट्र में पश्चिमी तट पर 60 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) इंटीग्रेटेड रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल परिसर बनाने की प्रस्तावित योजना अभी शुरू नहीं हो सकी है। 2015 में, सरकार ने देश की ईंधन और पेट्रो रसायन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 3 ट्रिलियन रुपये की लागत से महाराष्ट्र के रत्नागिरी में एशिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी बनाने का विचार प्रस्तावित किया था।

2017 में, इस परियोजना को अंजाम देने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, BPCL, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और सऊदी अरामको के बीच एक ज्वाइंट वेंटर कंपनी – रत्नागिरी रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स (RRPCL) का गठन किया गया था।

सऊदी अरामको की राष्ट्रीय तेल कंपनी की RRPCL में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जबकि तीन भारतीय राष्ट्रीय तेल कंपनियां समान भागीदार थीं। हालांकि, पर्यावरण संबंधी चिंताओं और कई स्थानीय निवासियों के विरोध के कारण यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।

वहीं दूसरी ओर, वाहनों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन और नेफ्था की बिक्री बढ़ने के कारण ईंधन की मांग बढ़ रही थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 24 में ईंधन की मांग रिकॉर्ड ऊंचाई पर 233.276 मिलियन टन पर पहुंच गई, जो वित्त वर्ष 23 में 223.021 मिलियन टन थी।

भारत रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाएगा

तेल की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, भारत अपनी रिफाइनिंग क्षमता में लगभग 80 प्रतिशत का विस्तार करने की योजना बना रहा है। यह क्षमता 2030 तक वर्तमान 252 MMTPA से बढ़ाकर 450 MMTPA तक करने की कोशिश है।

देश छोटी रिफाइनरी लगाने की योजना बना रहा है क्योंकि इनके लिए जमीन अधिग्रहण और सरकारी अनुमतियां मिलना ज्यादा आसान होता है। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि दुनियाभर में ईंधन की मांग बढ़ रही है, लेकिन नई रिफाइनरी नहीं बन रहीं, बल्कि यूरोप और अमेरिका में मौजूदा रिफाइनरी बंद हो रही हैं।

अखबार की रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि, “दुनियाभर में रिफाइनरी बंद हो रहीं हैं, जिससे तैयार उत्पादों की कमी हो सकती है। ऐसे में भारत इस अवसर का फायदा उठाकर दुनिया के लिए रिफाइनिंग हब बन सकता है। लेकिन इसके लिए हमें रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। आने वाले सालों में ईंधन की मांग मजबूत रहने का अनुमान है।”

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First Published - June 11, 2024 | 7:07 PM IST

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