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स्थिर रहेगी एफएमसीजी की वृद्धि

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Last Updated- December 15, 2022 | 4:03 AM IST

चालू कैलेंडर वर्ष के दौरान देश के करीब 4.3 लाख करोड़ रुपये के एफएमसीजी बाजार में स्थिर वृद्धि दिखेगी। बाजार अनुसंधान एजेंसी नीलसन ने आज यह अनुमान जाहिर किया। एजेंसी ने कहा कि अप्रैल से जून की अवधि में करीब 18 फीसदी की गिरावट के प्रभाव में वृद्धि 7स्थिर रहेगी।
नीलसन ने कहा कि इसी तिमाही के दौरान 25 मार्च से शुरू किए गए देशव्यापी लॉकडाउन का सबसे अधिक प्रभाव देखा गया। हालांकि इसमें ई-कॉमर्स चैनल के जरिये हुई बिक्री को शामिल नहीं किया गया है। एजेंसी ने कहा कि यदि इसमें ई-कॉमर्स चैनलों के जरिये हुई बिक्री को भी शामिल कर लिया जाए तो जून तिमाही में 17.1 फीसदी की गिरावट दिखेगी।
हालांकि जून में एफएमसीजी बाजार कोविड पूर्व बिक्री स्तर तक वापसी कर चुका था लेकिन इस क्षेत्र को रफ्तार देने के लिए वह फिलहाल पर्याप्त नहीं है। नीलसन ने कहा कि बिक्री में सुधार के बावजूद दूसरी छमाही के दौरान यही रफ्तार बरकरार रहने के आसार हैं। नीलसन के अध्यक्ष (दक्षिण एशिया) प्रसून बसु ने कहा, ‘अप्रैल से मई की अवधि में बाजार कठिन दौर से गुजरा और इस दौरान 28.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। जून में कुछ सुधार दिखा और ई-कॉमर्स को छोड़कर 3.7 फीसदी की वृद्धि दिखी। हमारा मानना है कि जुलाई और दिसंबर के बीच सुधार के बावजूद वृद्धि 4 से 6 फीसदी के दायरे में बनी रहेगी। लेकिन कैलेंडर वर्ष 2020 के लिए स्थिर वृद्धि का हमारा अनुमान बरकरार है।’
ई-कॉमर्स चैनल के जरिये हुई बिक्री को भी शामिल कर लिया जाए तो जून में एफएमसीजी की वृद्धि 4.5 फीसदी दिखती है। यदि ई-कॉमर्स चैनल के जरिये हुई बिक्री को भी शामिल कर लिया जाए तो अप्रैल से मई की अवधि में हुई गिरावट भी थोड़ा घटकर 27.7 फीसदी रह जाती है।
हालांकि उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि एफएमसीजी बाजार के लिए स्थिर वृद्धि दर का अनुमान समग्र वृहत आर्थिक तस्वीर के मद्देनजर जारी करना चाहिए जिसे कोविड-19 संबंधी व्यवधान के कारण कमजोर बने रहने के आसार है। अधिकतर ब्रोकरेज और रेटिंग एजेंसियों ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 5 से 6 फीसदी गिरावट का अनुमान जाहिर किया है। उनका कहना है कि चालू वित्त वर्ष के अंत कुछ सुधार दिख सकता है।
बसु ने कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान ग्राहकों के रुख में थोड़ा सुधार दिख सकता है बशर्ते उनकी धारणा में बदलाव आए। रूस ने आज कहा है कि वह 10 अगस्त को कोविड-19 के टीके को बाजार में उतार देगा लेकिन इसके बावजूद पूरी पूरी आबादी के टीकाकरण में महीनों लग जाएंगे। भारत सहित अन्य तमाम देशों के लिए भी यही चुनौती बरकरार है जो खुद का टीका विकसित करने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।
नीलसन ने ग्रामीण बाजार में एफएमसीजी की वृद्धि के लिए भी अपने अनुमान को बरकरार रखा है। एजेंसी ने कहा कि है कि चालू कैलेंडर वर्ष में एफएमसीजी क्षेत्र की वृद्धि को ग्रामीण बाजार से मुख्य तौर पर रफ्तार मिलेगी। उदाहरण के लिए, जून में कुल वृद्धि दर (4.5 फीसदी) के मुकाबले ग्रामीण बाजार ने तिगुनी वृद्धि दर्ज की जो इस अवधि में 12.5 फीसदी रही। दूसरी ओर शहरी क्षेत्र में एफएमसीजी की वृद्धि जून में लगभग स्थिर रही।

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First Published - July 31, 2020 | 12:04 AM IST

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