facebookmetapixel
MRF का मुनाफा 119% उछला, Q3 में ₹692 करोड़ का प्रॉफिट, शेयर में जोरदार उछालSuzlon Energy Share: छह महीने में 30% टूटा, Q3 में कमाई 42% बढ़ी; क्या अब आ गया खरीदने का समय ?REITs को लोन का प्रस्ताव, RBI MPC ने रियल एस्टेट के लिए खोल दिया नया रास्ताLIC Share Price: शानदार Q3 नतीजों के बाद शेयर 7% उछला, ब्रोकरेज बोले- आगे भी रिटर्न की उम्मीदRBI MPC ने दरें स्थिर रखीं, फैसले के बाद सरकारी बॉन्ड यील्ड 4 bps बढ़ीRBI MPC: सहकारी बैंक अब नहीं रहेंगे कमजोर, RBI लॉन्च करेगा ‘मिशन सक्षम’; NBFCs को भी सौगातRBI MPC के बड़े फैसले: लोन रिकवरी में डर नहीं चलेगा, डिजिटल फ्रॉड में मिलेगा मुआवजाRBI MPC Meet: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, FY26 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 7.4%Gold, Silver Price Today: सोना हुआ सस्ता, चांदी की चमक भी पड़ी फीकी‘वेनेजुएला हमारा पुराना ऊर्जा साझेदार’

वजन बढ़ाकर, दाम घटाकर FMCG कंपनियां देंगी बिक्री को रफ्तार

Last Updated- May 15, 2023 | 11:08 PM IST
FMCG उद्योग की ग्रामीण खपत मार्च तिमाही में शहरी क्षेत्र से ज्यादा रही, FMCG industry sees 6.5% growth; rural demand surpasses urban: NielsenIQ

रोजमर्रा इस्तेमाल की वस्तुएं (FMCG) बनाने वाली कंपनियां मात्रा के लिहाज से अपनी बिक्री बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। कच्चे माल की कीमतों में आई नरमी का फायदा ग्राहकों को देने के लिए कंपनियां उत्पाद की मात्रा बढ़ा रही हैं और दाम घटा रही हैं। इससे बिक्री में तेजी आएगी।

एनआईक्यू के आंकड़ों के अनुसार पिछली छह तिमाहियों तक घटने के बाद इस साल जनवरी-मार्च तिमाही में ग्रामीण मांग में बढ़ोतरी हुई है। तिमाही में ग्रामीण मांग 3.1 फीसदी बढ़ी।

प्रमुख बिस्कुट कंपनी ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के वाइस चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक वरुण बेरी ने तिमाही नतीजे जारी करने के बाद विश्लेषकों से बातचीत में कहा था कि उनकी नजर केवल मार्जिन बढ़ाने पर नहीं है। बेरी ने कहा, ‘ हम राजस्व, मात्रा और बाजार हिस्सेदारी में इजाफा छोड़कर केवल मार्जिन बढ़ाने के पीछे नहीं पढ़ना चाहते। इनमें संतुलन होना चाहिए और हम वही करने की को​शिश कर रहे हैं।’

बेरी ने कहा, ‘बाजार में होड़ में बने रहने और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए हमें उत्पादों की कीमत वाजिब रखनी होगी।’ उन्होंने विश्लेषकों से यह भी कहा कि कंपनी ने कीमतों में कटौती शुरू कर दी है और आगे भी दाम घटाए जा सकते हैं।

पारले प्रोडक्ट्स ने भी अपने बड़े पैक सस्ते किए हैं। उसने अपने कुछ उत्पादों के पैकेट में सामान की मात्रा भी बढ़ाई है। पारले प्रोडक्ट्स के वरिष्ठ श्रेणी प्रमुख मयंक शाह ने कहा, ‘पिछले महीने हमने छोटे पैक में सामान की मात्रा बढ़ाई और बड़े पैक की कीमतों में 10 से 15 फीसदी कटौती की।’

कच्चा माल बेहद महंगा होने के कारण पिछले साल कंपनियों को अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने और पैकेट में सामान की मात्रा कम करने पर मजबूर होना पड़ा था।

हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) के मुख्य वित्तीय अ​धिकारी ऋतेश तिवारी ने वित्तीय नतीजे जारी करने के बाद विश्लेषकों से बातचीत में कहा था कि कंपनी को कीमत और मात्रा में वृद्धि दोबारा संतुलित होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि एचयूएल अपना मार्जिन बढ़िया रखते हे उपभोक्ता बढ़ाने के लिए चुस्ती के साथ कारोबार संभालेगी। उन्होंने कहा, ‘हमारा जोर मात्रात्मक बिक्री के मोर्चे पर प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए वाजिब कीमत में सही चीज देते हुए सकल मार्जिन बढ़ाने और प्रचार-प्रसार पर है।’

डाबर इंडिया के मुख्य कार्या​धिकारी (CEO) मोहित मल्होत्रा ने भी विश्लेषकों से कहा कि वृद्धि को रफ्तार देने के लिए मात्रा बढ़ाने और अपनी पैठ गहरी करने पर कंपनी का ध्यान है।

First Published - May 15, 2023 | 11:08 PM IST

संबंधित पोस्ट