facebookmetapixel
Advertisement
Micron का प्लांट 28 फरवरी से होगा चालू, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन; चिप उत्पादन में बढ़ेगा भारत का रुतबाआईटी शेयरों का 17.5 साल में सबसे कमजोर प्रदर्शन, शेयर बाजार डगमगाया; लगातार तीसरे महीने गिरावटनई जीडीपी सीरीज का असर: वृद्धि दर 7.6% रहने की आस; नॉमिनल आधार घटा4,000 अरब डॉलर के पार पहुंच जाएगी अर्थव्यवस्था: CEA वी. अनंत नागेश्वरननई जीडीपी सीरीज में कृषि की रफ्तार सुस्त, FY26 में वृद्धि घटकर 2.4% रहने का अनुमानFY26 के लिए राजकोषीय घाटा बढ़कर 4.5% और ऋण जीडीपी अनुपात 58% होगाजीडीपी संशोधन सही कदम कई सवालों के जवाब बाकी: प्रणव सेनखपत मांग पटरी पर लौटने के संकेत, FY26 में PFCE बढ़कर 7.7% रहने का अनुमान; सरकारी व्यय स्थिरEditorial: क्या सब्सिडी की राजनीति देश की अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ रही है?पुलिस बनाम पुलिस विवाद के बीच सियासत गरम: सुक्खू सरकार के लिए संकट में अवसर?

Flipkart Internet का घाटा 9% हुआ कम; रेवेन्यू में 42 फीसदी का इजाफा, खर्च भी बढ़ा: Tofler

Advertisement

टॉफ्लर के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023 में लॉजिस्टिक सेवाओं की पेशकश से फ्लिपकार्ट की कमाई 50 फीसदी बढ़कर 5,789 करोड़ रुपये हो गई।

Last Updated- December 28, 2023 | 6:07 PM IST
Flipkart may set up thousands of dark stores for its quick commerce service Flipkart's Dark Stores: फ्लिपकार्ट भी झटपट पहुंचाएगी सामान, Walmart की कंपनी बना रही हजारों डॉर्क स्टोर

ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट (Flipkart) की सब्सिडियरी कंपनी फ्लिपकॉर्ट इंटरनेट (Flipkart Internet) ने वित्त वर्ष-23 में 14,845 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 42 फीसदी ज्यादा है। बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफ्लर (Tofler) ने बताया कि फ्लिपकॉर्ट के मार्केटप्लेस ऑर्म यानी फ्लिपकॉर्ट इंटरनेट के कुल घाटे में 9 फीसदी की कमी आ गई और अब यह अब कम होकर 4,026 करोड़ रुपये हो गया है।

कंपनी का बढ़ा खर्च, कहां कितना?

कंपनी का कुल खर्च भी वित्त वर्ष 23 में 26 फीसदी बढ़कर 19,043 करोड़ रुपये हो गया। एंप्लॉयी बेनिफिट के लिए खर्च भी कंपनी ने बढ़ाकर 4,482 करोड़ रुपये कर दिए, जबकि, इसके पिछले वित्त वर्ष में यह 3,735 करोड़ रुपये था।

कंपनी ने FY23 में लॉजिस्टिक्स पर 6,571 करोड़ रुपये खर्च किए। पिछली अवधि के मुकाबले यह 30 फीसदी की बढ़ोतरी है। विज्ञापन और प्रचार के लिए खर्च 1,945 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,407 करोड़ रुपये हो गए।

पिछले साल कैसा रहा हाल?

बेंगलूरु स्थित फर्म ने वित्त वर्ष 2022 में 10,477 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग रेवेन्यू दर्ज किया था और इसे कुल 4,419 करोड़ रुपये का घाटा लगा था।

Flipkart की बढ़ी कमाई

टॉफ्लर के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023 में लॉजिस्टिक सेवाओं की पेशकश से फ्लिपकार्ट की कमाई 50 फीसदी बढ़कर 5,789 करोड़ रुपये हो गई। इसने FY23 में मार्केटप्लेस सर्विसेज की पेशकश से 3,713 करोड़ रुपये और कमाए। यह FY22 के मुकाबले 32 फीसदी ज्यादा है। FY23 में विज्ञापन राजस्व 3,324 करोड़ रुपये था। यह पिछली अवधि के 2,083 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

नेट घाटा में इजाफा

23 अक्टूबर को, बिजनेस स्टैंडर्ड ने टॉफ्लर के हवाले से बताया था कि फ्लिपकार्ट इंडिया ने 2022-23 के दौरान नेट घाटे में 45 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 4,890.6 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की, जो पिछले वित्तीय वर्ष में 3,371.2 करोड़ रुपये थी।

वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली कंपनी का 2022-23 के लिए कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 56,013 करोड़ रुपये था, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 9 फीसदी ज्यादा है।

कंपनी ने किए कई अधिग्रहण

कंपनी ने FY23 में विभिन्न पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट के बारे में जानकारी दी। इनमें कलियर रिटेल (Kalyr Retail ) का 22 फीसदी अधिग्रहण, फोंटे फैशन्स (Fonte Fashions) का 19 फीसदी अधिग्रहण और लॉजिस्टिक्सनाउ (Logisticsnow) जैसी कंपनियां शामिल हैं। ऐसे अन्य निवेशों Neuropixel.AI Labs, Health Arx Technologies और Meradawai शामिल हैं। इन पर कंपनी ने करीब 169 करोड़ रुपये खर्च किए।

इसके प्रमुख फेस्टिवल सेल्स, द बिग बिलियन डेज़ (TBBD) 2023 के दौरान 1.4 अरब ग्राहक आए, जो एक रिकॉर्ड है।

Advertisement
First Published - December 28, 2023 | 3:38 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement